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40 किलो वज़न घटा कर लिज़ेल डिसूजा बन गई हैं वेट लॉस आइकॉन, यहां है उनकी पूरी वेट लॉस यात्रा

वेट लॉस कोई रॉकेट साइंस नहीं है। लगन, लगातार प्रयास और सही रणनीति के साथ 105 किलो की लिज़ेल अब हो गईं हैं 65 किलो की।
Updated On: 24 Sep 2021, 03:19 pm IST
लिज़ेल डिसूजा सोशल मीडिया की नई सनसनी बन गईं हैं। चित्र: Insta/ Lizelle

इस समय लिज़ेल की एक फोटो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। कभी 105 किलोग्राम की रहीं लिज़ेल अब 65 किलोग्राम की फिट लेडी (Fat to fit) बन गईं हैं। निर्देशक और कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा (Remo D’Souza) ने हाल ही में अपनी पत्नी लिजेल डिसूजा की एक फोटो सोशल मीडिया पर डालकर उनकी वेट लॉस जर्नी (Lizelle D’Souza weight loss journey) की प्रशंसा की है। क्या आप भी जानना चाहती हैं कि आखिर कैसी रही यह फैट टू फिट जर्नी, तो बिल्कुल सही जगह पर हैं।

दिसंबर 2018 में, लिज़ेल का वजन 105 किलोग्राम था और सितंबर 2021 तक, उन्होंने अपना 40 किलो से अधिक वजन कम किया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में, उन्होनें अपनी वेट लॉस जर्नी के बारे में बात की।

कुछ ऐसी रही उनकी वेट लॉस जर्नी

लिज़ेल ने बताया कि जनवरी 2019 से उन्होनें इंटरमिटेंट फस्टिंग शुरू की थी। शुरुआत में वे 15 घंटे फस्टिंग करती थी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होनें इसे बढ़ाकर 18-20 घंटे कर दिया। ऐसे में वे दिन में सिर्फ एक बार ही खाना खाती थी।

लिज़ेल रेमो डिसूजा ने साबित कर दिया है कि वेट लॉस असंभव नहीं है। चित्र: insta/ Lizelleremodsouza

वे बताती हैं कि “जून में, हमने वेट ट्रेनिंग और डाइट पर जोर देना शुरू किया। जून के बाद लोगों ने मेरे वजन में एक बड़ा बदलाव देखा। सौभाग्य से हमारे पास घर पर एक जिम सेट अप है। इसलिए मैं लॉकडाउन के दौरान भी वर्कआउट करती थी। मैं वेट ट्रेनिंग कर रही थी, इंटरमिटेंट फास्टिंग कर रही थी और घर का बना खाना खा रही थी।”

पिछले दिनों मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह नें भी अपना वज़न इंटरमिटेंट फास्टिंग करके ही कम किया है। जिनमें वे बताती हैं कि वे शाम 7 बजे के बाद कुछ नहीं खाती हैं। तो क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग इतनी कारगर है? चलिये पता करते हैं!

आखिर क्यों फायदेमंद है इंटरमिटेंट फास्टिंग?

इंटरमिटेंट फास्टिंग में आप एक निश्चित समय में ही खाना खाते हैं। हर दिन कुछ घंटों के लिए उपवास करना या सप्ताह में एक दो दिन सिर्फ एक बार भोजन करना, आपके शरीर को कैलोरी बर्न करने में मदद कर सकता है। इसमें अलग – अलग तरह के शेड्यूल होते हुए भी लोग अपने हिसाब से फस्टिंग करते हैं। इस तरह से आपके शरीर को हर रोज़ खुद ही फैट बर्न करने की आदत पड़ जाती है। यह बॉडी को एक निश्चित रूटीन में ढालने का एक तरीका है।

कीटो डाइट भी है वज़न घटाने में मददगार

लिज़ेल बताती हैं कि उन्होनें वज़न घटाने के लिए सबसे पहले कीटो डाइट अपनाई थी। जिनमें वे हफ्ते में एक बार चीट मील लिया करती थीं। कीटो आइसक्रीम और कीटो पिज्जा उनका चीट मील हुआ करते थे।

वे कहती हैं कि ”मुझे लगता है कि कीटो सबसे अच्छी डाइट है। यह हाइ फैट है, मगर मैंने ग्रीक योगर्ट, एवोकाडो के माध्यम से 8-9 किलो वजन कम किया है। इस तरह लिज़ेल 105 से 65 किलो पर आ गई।

लिजे़ल डिसूजा ने वेट लॉस के लिए कीटो डाइट पर भी भरोसा किया। चित्र: शटरस्टॉक

उनके पति रेमो डिसूजा के बीमार होने के बाद उन्होनें कीटो डाइट छोड़ दी। इसके साथ ही, उन्होनें लिक्विड डाइट अपनाई और अपना कैलोरी इंटके भी कम किया। लिज़ेल ने कहा कि कीटो डाइट हाइ फैट है, इसलिए उन्होनें खुद को थोड़ा रेस्ट देने के लिए इसे बदला है।

वेट लॉस के लिए चाहिए लगातार प्रयास

वजन घटाना कोई एक दिन की उपलब्धि नहीं है, यह उतार-चढ़ाव से भरी यात्रा है। अंत में इस रास्ते पर चलने का निर्णय लेते समय एक दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है। लिजेल की वेट लॉस जर्नी वास्तव में प्रेरणादायक है, लेकिन याद रखें कि हर जर्नी एक जैसी नहीं होती।

ज़रूरी नहीं है उन पर जो काम किया वह आप पर भी काम करे। हर बॉडी अलग होती है, उसे समझने की कोशिश करें। और वेट लॉस के लिए वह रुटीन अपनाएं जिसमें आपका शरीर ज्यादा सपोर्ट कर पा रहा है। तो लेडीज हैप्पी वेट लॉस!

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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