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मोबाइल फोन से आपका टाइमलेस प्यार, बना सकता है आपको टेक्‍स्‍ट नेक सिंड्रोम का शिकार

हम जानते हैं, कोविड-19 और लॉकडाउन के कारण सेलफोन पर आपकी निर्भरता कितनी ज्यादा बढ़ गई है। पर अपनी सेहत के लिए आपको इसे कंट्रोल करना होगा।
Updated On: 10 Dec 2020, 01:02 pm IST
क्रायोथेरेपी यानी की हॉट पैक और कोल्ड थेरेपी। इसे दर्द की गंभीरता के आधार पर अपना सकती हैं।चित्र-शटरस्टॉक

क्या इन दिनों आपको गर्दन में दर्द रहने लगा है? और कभी-कभी यह दर्द कंधों और री‍ढ़ की हड्डी तक भी पहुंच जाता है? और आपको दिन ढलने के साथ ही सिर दर्द भी परेशान करने लगता है? तो यह आपके लिए एक अलार्मिंग सिचुएशन है। और इसकी वजह मोबाइल फोन का जरूरत से ज्यांदा इस्तेलमाल है। कोविड-19 और लॉकडाउन के कारण लोगों का सेल फोन यूज डबल से भी ज्या‍दा हो गया है। जिसकी वजह से वे टेक्‍स्‍ट नेक सिंड्रोम (Text neck syndrome) के शिकार हो रहे हैं।

क्या कहता है शोध

कुछ समय पहले आस्ट्रे लिया में एक सर्वेक्षण किया गया। जिसमें पाया गया कि 50 फीसदी से ज्याेदा लोग टेक्‍स्‍ट नेक सिंड्रोम के शिकार हैं। वे रोजाना 5 से 6 घंटे मोबाइल फोन का इस्तेोमाल कर रहे हैं। जिनकी वजह से उनकी पीठ सिकुड़ने लगी है और गर्दन में दर्द बढ़ गया है।

कनैक्ट रहने का यह मतलब नहीं कि आप खुद को बीमार कर लें। चित्र: शटरस्टॉक

क्या है टेक्‍स्‍ट नेक सिंड्रोम (Text neck syndrome)

यह गर्दन और कंधे से जुड़ी एक समस्या है। जब आप लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं, खासतौर से चैटिंग और मैसेजिंग के लिए, तो आपकी गर्दन उस दौरान आगे की तरफ झुकी रहती है। जब यही हर रोज और लगातार होता है तो धीरे-धीरे इस एरिया की बोन्स में परिवर्तन आना शुरू हो जाता है। वे एक खास कर्व में झुकने और घिसने लगती हैं। जिससे इनमें दर्द होने लगता है।

टेक्‍स्‍ट नेक सिंड्रोम के लक्षण (Text neck syndrome symptoms)

इस बीमारी का पहला लक्षण आपकी गर्दन में दर्द होना ही है। ज्यादातर लोग इसे सर्वाइकल पेन समझने लगते हैं। और वे उसके उपचार की दिशा में बढ़ते हैं। पर धीरे-धीरे वह दर्द कंधों और पीठ, बैक बोन तक पहुंच जाता है। आपका सिर मोबाइल पर लगातार झुका रहता है, जिससे सिर में दर्द भी हो सकता है।

इसमें गर्दन और कंधाेें में भयानक दर्द होने लगता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

क्या वाकई खतरनाक है टेक्‍स्‍ट नेक सिंड्रोम

जी हां, विशेषज्ञों के अनुसार यह एक खतरनाक स्थिति है। अगर आपको लगातार सिर दर्द, गर्दन और कंधों में दर्द है तो यह आपके लिए अलार्मिंग सिचुएशन है। इसमें लापरवाही की जाए तो यह दर्द बैक बोन तक चला जाता है। जिससे वह एक साइड कर्व होने लगती है। इससे मसल्स में अकड़न, हाथों का सुन्न होना या झनझनाहट का अनुभव होता है। इससे भविष्य में सर्वाइकल की समस्या भी हो सकती है। स्थिति गंभीर होने पर सर्जरी भी करवानी पड़ सकती है।

तो अब आपको क्या करना चाहिए

  1. सबसे पहली और सबसे जरूरी बात आपको मोबाइल फोन के इस्तेमाल को सीमित करना है।
  2. लगातार टेक्‍स्‍ट मैसेज लिखने की बजाए वॉइस कॉल का इस्तेमाल करें। यह ज्यादा सुविधाजनक विकल्प है और इसका असर गर्दन और कंधे पर नहीं पड़ता।
  3. अगर आपकी प्रोफेशनल मजबूरियों के चलते आपको लगातार मोबाइल पर टेक्‍स्‍ट करना पड़ता है, तो ऐसी कम्फर्टेबल पॉजिशन चुनें, जिसमें गर्दन और कंधों को आगे की तरफ न झुकना पड़े।
  4. अपने वर्कआउट रूटीन में हर रोज गर्दन और कंधों से जुड़े व्यायाम जरूर शामिल करें।
  5. जब भी यह लगे कि गर्दन में अकड़न हो रही है, तो इस तरह के आसान व्यायाम करती रहें।

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लेखक के बारे में
योगिता यादव

योगिता यादव एक अनुभवी पत्रकार, संपादक और लेखिका हैं, जो पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी मीडिया जगत में सक्रिय हैं। फिलहाल वे हेल्थ शॉट्स हिंदी की कंटेंट हेड हैं, जहां वे महिलाओं के स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी सामग्री का संयोजन और निर्माण करती हैं। योगिता ने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, जी मीडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वे 'हेल्दी ज़िंदगी' नाम का उनका हेल्थ पॉडकास्ट खासा लोकप्रिय है, जिसमें वे विशेषज्ञ डॉक्टरों और वेलनेस एक्सपर्ट्स से संवाद करती हैं।

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