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इन 5 सुपरफूड्स के साथ आप बेहतर तरीके से मैनेज कर सकती हैं पीसीओएस 

महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन से होने वाला स्वास्थ्य विकार है पीसीओएस। आहार और जीवनशैली में लापरवाही इसके लिए जोखिम बढ़ा सकती है। हमने एक्सपर्ट से जाने ऐसे फूड्स जो आपका पीसीओएस मैनेज कर सकते हैं। 
Published On: 2 Sep 2022, 02:27 pm IST
केला, कद्​दू के बीज, रागी, गाजर और छाछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो पीसीओएस से बचाव करते हैं। चित्र: शटरस्टॉक

इन दिनों महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम-पीसीओएस (Polycystic Ovary Syndrome-PCOS) आम है। यह एक हार्मोनल समस्या है, जो महिलाओं को रिप्रोडक्टिव एज में परेशान कर सकती है। पीसीओएस की समस्या होने पर पीरियड या तो कम समय के लिए होते हैं या हैवी ब्लीडिंग के साथ लगातार होते रहते हैं। इस स्थिति में शरीर में मेल हार्मोन एंड्रोजन लेवल बढ़ जाता है। न्यूट्रीशनिस्ट अंशुल मानती हैं कि खान-पान पर ध्यान देकर इस स्थिति को संभालाक जा सकता है। यहां हम हेल्थ शॉट्स के इस लेख में उन 5 फूड्स के बारे में बताने वाले हैं, जो पीसीओएस को मैनेज (Foods to manage PCOS) करने में आपकी मदद कर सकते हैं। 

आपको कैसे पता चलेगा कि आप पीसीओएस का सामना कर रहीं हैं 

न्यूट्रीशनिस्ट अंशुल हेल्थ शॉट्स को बताती हैं कि पीसीओएस के कारण महिलाओं में कुछ लक्षण दिख सकते हैं, जो इस प्रकार हैं-

अनियमित पीरियड्स

सिर में दर्द

ब्लीडिंग

बालों का झड़ना

शरीर पर दाने

वेट गेन

शरीर पर काले धब्बे।

इसके लिए वे अपने आहार में पांच फूड्स को शामिल करने की सलाह देती हैं। ताकि पीसीओएस के लक्षणों के और गंभीर होने से बचा जा सके। 

यहां हैं वे 5 सुपरफूड्स जो पीसीओएस को मैनेज करने में आपकी मदद कर सकते हैं 

1 बेहतर नींद के लिए जरूर खाएं केला  

पोटैशियम और फाइबर से भरपूर केले में विटामिन बी 6, विटामिन सी और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोन्यूट्रीएंट्स मौजूद होते हैं। केला बेहतर नींद दिलाने में मददगार है।

2 हार्मोनल संतुलन के लिए लें कद्​दू के बीज

कद्​दू के बीजों में आयरन, कैल्शियम, बीटा कैरोटीन के अलावा, फाइबर, जिंक, मैग्नीशियम, मैंगनीज, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोस्टेरॉल जैसे पोषक तत्व भी होते हैं। इनमें मौजूद फैटी एसिड गुड कॉलेस्ट्रॉल को बनाए रखने में मदद करते हैं। कद्​दू के बीज हार्मोनल असंतुलन को भी ठीक करने में मदद करते हैं।

पीसीओएस से बचाव करने में मददगार हैं कद्​दू के बीज। चित्र: शटरस्टॉक

3 शुगर लेवल मेंटेन करेगी रागी

रागी में कैल्शियम, पोटैशियम, फाइबर, फॉस्फोरस के अलावा आयरन, आयोडीन, कैरोटीन, मेथोनाइन अमीनो एसिड, सोडियम, जिंक, मैग्नीशियम, विटामिन B1, विटामिन B2 और विटामिन B3 भी पाया जाता है। रागी कॉलेस्ट्रॉल के अलावा, ब्लड शुगर लेवल को भी मेंटेन करती है।  

4 बेहतर ऑव्यूलेशन के लिए गाजर

पीसीओएस के बाद ऑव्यूलेशन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके लिए विटामिन के1, विटामिन सी, विटामिन बी 6, कैल्शियम, आयरन, बायोटिन, पोटैशियम, ल्यूटिन से भरपूर आहार का सेवन जरूर करना चाहिए।

पीसीओएस से बचाव करने में मददगार है गाजर। चित्र: शटरस्टॉक

गाजर इन सभी का एक बेहतरीन स्रोत है। गाजर में मौजूद विटामिन ए, कैल्शिश्म और बीटा कैरोटीन बेहतर ऑव्यूलेशन और भ्रूण के विकास में भी मदद करते हैं।

5 गट हेल्थ को करें छाछ से मजबूत 

छाछ में विटामिन डी, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स मौजूद होता है। यह प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है, जो आंत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह अपच, एसिडिटी दूर पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाता है।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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