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आपकी आंखों की रोशनी छीन सकती हैं आपकी ये 6 गलतियां, आज ही सुधार लें

क्या आप अपनी आंखों की सही देखभाल कर रही हैं? कहीं आपकी लापरवाही आपकी आंखों के लिए नुकसानदेह तो नहीं हो रही?
Updated On: 10 Dec 2020, 12:31 pm IST
स्क्रीन टाइम के कारन वक्त से पहले कमजोर हो रहीं हैं आँखे । चित्र : शटरस्टॉक

हमारी आंखें अनमोल हैं क्योंकि आंखें हैं तभी यह दुनिया इतनी खूबसूरत है। मगर सही देखभाल ना करने पर आप अपनी आंखों को खराब कर लेती हैं। हम आपको बताते हैं आपकी ऐसी आदतें जो आपकी आंखों के लिये बहुत खतरनाक हैं।

कैसे काम करती है हमारी आंख

हम जब भी किसी वस्तु को देखते हैं, उस वस्तु से टकराकर आने वाली रोशनी हमारी आंखों में जाती है। आंख में एक प्राकृतिक लेंस होता है और उस लेंस से कुछ मांसपेशियां जुड़ी होती हैं। लेंस से होते हुए लाइट रेटिना पर पड़ती है, जहां वस्तु का चित्र उल्टा बनता है। इस उल्टे चित्र को हमारा दिमाग सीधा करता है और तब हमें वह वस्तु दिखती है।

आंख कमजोर होने पर असल में वह मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जो लेंस को पकड़कर रखती हैं। इसके कारण लेंस में रोशनी ठीक से नहीं जा पाती और हमें धुंधला दिखाई पड़ता है।

ये हैं वे 6 आदतें जो आपकी आंखों को कमजोर कर रही हैं:

1. स्क्रीन के सामने बहुत समय बिताना

आजकल स्क्रीन्स हमारे जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं। घर पर टीवी से लेकर फोन और ऑफिस में कंप्यूटर, बिना स्क्रीन हमारा काम नहीं चलता। लेकिन यह स्क्रीन हमारी आंखों के लिए बहुत खतरनाक हैं।

दिनभर फोन चलाना आपकी आंखों के लिए खतरनाक है, काम ना हो तो फ़ोन का इस्तेमाल अवॉयड ही करें।चित्र- शटर स्टॉक।

जब हम फोन या टीवी में कुछ देख रहे होते हैं, हम आंखे कम झपकाते हैं। इससे आंख सूखने लगती है। यही नहीं स्क्रीन से आने वाली ब्लू लाइट भी आंखों के लिए घातक है।
ऐसे में जरूरी है कि फोन और लैपटॉप के इस्तेमाल के बीच आप 2 मिनट का ब्रेक लें जिसमें आप दूर के किसी वस्तु को देखें। इससे आंखों को आराम मिलता है।

2. आंखों को रगड़ना

आंख रगड़ना या मसलना बहुत गलत आदत है। यह आपकी आंखों को बहुत नुकसान पंहुचाती है। आंख रगड़ने से कॉर्निया पर खंरोच पड़ जाती है, जिससे आपको समय के साथ साफ दिखाई देना बंद हो जाता है।
अगर आंख में खुजली हो तो कभी भी रगड़ें नहीं, बल्कि ठंडे पानी से आंखों को धोएं।

3. कम नींद लेना

नींद आपके पूरे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन आपकी आंखों पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव होता है। पबमेड सेंट्रल के लेख के अनुसार नींद की कमी होने पर आंखें आराम नहीं कर पाती और थकी थकी रहती हैं। थके होने पर मांसपेशियां ठीक से काम नहीं कर पाती। अगर यह नियमित रूप से हो तो मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं।

आंखों को कमजोर करने वाली इन आदतों को आज ही बदल डालें। चित्र-
शटरस्टॉक

सोने से एक घण्टे पहले ही फोन और लैपटॉप को अलग रख दें और कम से कम 7 घण्टे की नींद लें।

यह भी पढ़ें- आपको जरूर करने चाहिए ये 5 आसन, जो बढ़ाते हैं आपकी आंखों की रोशनी

4. मेकअप भी पहुंचा सकता है आपकी आंखों के स्वास्थ्य को नुकसान

मेकअप लगाना पसन्द है? अगर मेकअप के वक्त सावधान न रहें, तो यह आपकी आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है। सस्ती क्वालिटी का काजल और आई लाइनर आपकी आंखों में इर्रिटेशन और खुजली पैदा कर सकता है। यही नहीं खतरनाक केमिकल से भरपूर ये मेकअप प्रोडक्ट आपकी आंखों में इन्फेक्शन का कारण भी बन सकते हैं।
मस्कारा भी आपकी आंखों के लिए ठीक नहीं है, यह पलकों के ऑयल ग्लैंड्स को ब्लॉक कर सकता है।
मेकअप हमेशा अच्छी क्वालिटी का लें। कोशिश करें एलोवेरा युक्त काजल और अन्य प्रोडक्ट चुनें और इनका इस्तेमाल भी नियमित न करें।

5. मेकअप लगाकर सोना

अपनी आंखों के साथ-साथ अपनी त्वचा के साथ भी यह आपकी एक खतरनाक गलती हो सकती है। हर रात सोने से पहले मेकअप को अच्छी तरह छुड़ाएं और मुंह साफ करके ही सोएं।
सोते वक्त आपकी आंखें आराम कर रही होती हैं। ऐसे में अगर केमिकल आंखों में रहे, तो आपकी रेटिना को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

आपकी आंखें अनमोल हैं, इनका खास ख़्याल रखना जरूरी है। चित्र- शटर स्टॉक।

6. सनग्लास न पहनना

जी हां, यह भी एक बहुत बड़ी गलती है। सूरज की खतरनाक यूवी किरणें आपकी आंखों को बहुत नुकसान पहुंचा सकती हैं। अगर आपको लम्बे समय तक बाहर रहना है, तो धूप का चश्मा जरूर लगाएं। सूरज की तरफ कभी भी सीधे न देखें। चश्मे में भी कोशिश करें अच्छी क्वालिटी का चश्मा हो, क्योंकि सस्ती प्लास्टिक आपकी आंखों को सुरक्षित नहीं रख सकती।

इसके साथ ही जरूरी है कि आप एक स्वस्थ आहार लें जिसमें विटामिन ए और ई भरपूर मात्रा में हो। और अपने डॉक्टर से समय समय पर मिलते रहें। अगर पहले से चश्मा लगा हुआ है तो हर 3 महीने पर आई टेस्ट जरूर कराएं।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

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लेखक के बारे में
विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।

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