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इन दिनों बढ़ता जा रहा है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम, एक्‍सपर्ट से जानिए इसके बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें

दिल टूटना फिल्मों में तो सुना ही होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल टूटना सच मे एक समस्या है। इसे कार्डिओमायोपैथी या ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहते हैं।
Written by: Dr Tilak Suvarna
Updated On: 16 Dec 2021, 11:51 am IST
कोविड-19 के समय में अकेलेपन ने तनाव को बढ़ाया है। चित्र: शटरस्‍टॉक

वर्तमान स्थिति ने हमारे जीवन में बहुत तनाव बढ़ा दिया है। कोविड-19 महामारी के कारण हमारी जीवनशैली पूरी तरह बदल गयी है, कोई जानकारी नहीं है यह कब नॉर्मल होगा! अब भी घर से बाहर निकलते हुए डर लगता है। ऐसे में सभी की मानसिक स्थिति पर दुष्प्रभाव पड़ा है।

इसी बीच अमेरिका के अस्पतालों से आई जानकारी में पाया गया है कि ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के केसेस में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। गौरतलब है कि इससे ग्रस्‍त सभी मरीज कोविड नेगेटिव थे। यानी कोरोना वायरस इस समस्या के लिए ज़िम्मेदार नहीं है।शोधकर्ताओं का कहना है कि यह सिंड्रोम साइकोलॉजिकल कारणों से हो रहा है।

आखिर क्या है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम?

ताकोटसुबो कार्डिओमायोपैथी जिसे ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम भी कहते हैं, एक प्रकार का हार्ट अटैक है, जिसमें सीने में दर्द होता है और सांस लेने में तकलीफ होती है। लेकिन यह असली हार्ट अटैक नहीं उसकी कॉपी होता है जिसका कारण होता है स्ट्रेस।

इसमें हार्ट अटैक की तरह कोई बड़ा वेन ब्लॉक नहीं होती। इसमें दिल के कुछ भाग हल्के फूल जाते हैं, कुछ-कुछ गुब्बारे की तरह। 1990 में जापान में यह समस्या देखी गयी और वहीं से इसका नाम पड़ा ताकोटसुबो- ऑक्टोपस पॉट, क्योंकि दिल कुछ उसी प्रकार फूल जाता है।

महिलाओं में ज्यादा आम है यह सिंड्रोम

वैश्विक स्तर पर देखा गया है कि ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले ज्यादा होता है। खासकर मेनोपॉज के बाद। महिलाओं में यह ज्यादा कॉमन क्‍यों है इस विषय पर रिसर्च जारी है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है इसके लिए हॉर्मोन्स ज़िम्मेदार हैं।

तनाव से जुड़ा हुआ है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम

इस सिंड्रोम का सटीक कारण तो अभी तक नहीं पता लगाया जा सका है, लेकिन कई स्टडीज में पाया गया है कि स्ट्रेस एक बड़ा कारण है। इस स्ट्रेस का कारण कुछ भी हो सकता है, कोई प्राकृतिक आपदा, किसी करीबी की मृत्यु, आर्थिक समस्या, पर्सनल ट्रॉमा, एक्सीडेंट या कोई गम्भीर बीमारी।

तनाव ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का कारण बन सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

जहां हार्ट अटैक अधिकतर सुबह आता है, ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम दोपहर के समय सबसे ज्यादा आता है। तनाव के कारण एड्रेनलिन निकलता है जो दिल के लिए खतरनाक होता है। इससे दिल की मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं। पूरी मैकेनिज्म की जानकारी अभी वैज्ञानिकों को नहीं है।

इसका इलाज क्या है?

क्योंकि ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम, हार्ट अटैक की तरह ही होता है, तो इसका इलाज भी उसी तरह होता है। मरीज को ICU में ले जाया जाता है, कार्डियक मेडिसिन दी जाती हैं और कुछ केसेस में एंजियोग्राफी की ज़रूरत पड़ती है। एंजियोप्लास्टी या बायपास सर्जरी की ज़रूरत नहीं पड़ती।
इस समस्या का रिकवरी रेट 97% है। ज्यादातर मरीज चार हफ्ते में पूरी तरह दुरुस्त हो जाते हैं।
इस बीमारी के बारे में जानकारी अभी कम है इसलिए प्रीकॉशन्स रखना ही बेस्ट है। स्ट्रेस जितना कम होगा, यह सिंड्रोम उतना ही दूर रहेगा।

ज़रूरी बात

यह स्टडी सिर्फ यूएस के अस्पताल की है, और बहुत छोटे स्तर की है। ऐसे में यह मानना कि कोविड-19 में ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम बढ़ा है थोड़ी जल्दबाजी होगी। इस पर और जानकारी और बड़े स्तर की रिसर्च होना जरूरी है।

नाचना आपके मूड के लिए काफी अच्‍छा हो सकता है। Gif : giphy

मगर इसमे कोई शक नही है कि कोविड-19 ने सभी के जीवन में स्ट्रेस बढ़ा दिया है।

इसलिए स्ट्रेस मैनेज करना सीखना हम सभी के लिए ज़रूरी है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाना चाहिए। स्मोकिंग, ड्रिंकिंग और जंक फूड खाने को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। 15 से 30 मिनट एक्सरसाइज घर पर ही करें। आप योग, मेडिटेशन का भी सहारा ले सकते हैं। खुद को शांत और तनाव मुक्त रखें।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

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लेखक के बारे में
Dr Tilak Suvarna

Dr Suvarna is a senior interventional cardiologist at Asian Heart Institute, Mumbai.

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