पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

प्रोबायोटिक या प्रीबायोटिक, जानिए क्या है आपकी गट हेल्थ के लिए ज्यादा जरूरी?

स्किन हो, मूड या मेंटल हेल्थ सभी का कनेक्शन आपके पाचन तंत्र से है और पाचन तंत्र को दुरूस्त रखने के लिए आहार विशेषज्ञ प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक दोनों को आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं।
Updated On: 20 Oct 2023, 09:22 am IST
खराब गट हेल्थ अर्थराइटिस का भी कारण बन सकती है। चित्र शटरस्टॉक।

स्वास्थ्य को पूरी तरह बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है एक सही खानपान और संतुलित पाचन क्रिया। सेहत से लेकर सौंदर्य तक को बनाए रखने के लिए गट हेल्थ का दुरुस्त होना बहुत जरूरी है। इसलिए सही खान-पान के साथ अपनी पाचन क्रिया को संतुलित रखना भी जरूरी है। हालांकि, गट हेल्थ को बनाये रखने के लिए डाइजेस्टिव ट्रैक्ट में गुड बैक्टीरिया के लेवल को मेंटेन रखना बहुत जरूरी है। पर इसमें किसकी ज्यादा भूमिका होती है, प्रीबायोटिक या प्रोबायोटिक? क्या ये वाकई आपकी गट हेल्थ (prebiotics and probiotics for gut health) के लिए काम करते हैं? आइए जानने की कोशिश करते हैं।

पहले जानें क्या होते हैं प्रीबायोटिक्स

प्रीबायोटिक्स एक प्रकार का प्लांट फाइबर हैं, जो कि गुड बैक्टीरिया के लिए फूड की तरह काम करता हैं। वहीं गुड बैक्टीरिया को अच्छी तरह काम करने के लिए उत्तेजित भी करता हैं। इस फाइबर को इंसान डाइजेस्ट नहीं कर पाता। इसलिए आपके गट में मौजूद गुड बैक्टीरिया इसे डाइजेस्ट करने में आपकी मदद करते हैं।

पहले जानें क्या होते हैं प्रोबायोटिक्स। चित्र शटरस्टॉक।

कौन से फूड्स में होता हैं प्रीबायोटिक

यदि आप प्रीबायोटिक सप्लीमेंट पर हजारों रुपए खर्च कर रही हैं, तो आपको बता दें कि इसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों से भी प्राप्त किया जा सकता है। प्रीबायोटिक्स सब्जियों, फलों और फलियों में पाए जाने वाला एक प्रकार का फाइबर हैं। इंसान इस प्रकार के फाइबर को नहीं पचा पता, परन्तु आपके गुड गट बैक्टीरिया इसे पचा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने आहार में

फलियां, सेम, और मटर
जई
केले
जामुन
जेरूसलम आर्टिचोक (नियमित आर्टिचोक के समान नहीं)
एस्परैगस
सिंहपर्णी के पौधे
लहसुन
लीक
प्याज को शामिल करना चाहिए।

आपको क्यों होती है प्रीबायोटिक की जरूरत

कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद प्रीबायोटिक कंपाउंड बॉडी में डाइजेस्ट नहीं हो पाते, परंतु यह गुड बैक्टीरिया के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। यह गट हेल्थ को बनाये रखता है। इसके साथ ही पाचन संबंधी समस्याओं में भी फायदेमंद होता है।

पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। चित्र: शटरस्‍टाॅॅक

रिसर्च बताते हैं कि प्रीबायोटिक्स शरीर में कैल्शियम की मात्रा को बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके साथ ही कार्बोहाइड्रेट के डाइजेशन प्रोसेस को भी संतुलित रखता है। प्रीबायोटिक्स के सेवन से डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म दोनों में सुधार होता है।

अब जानते हैं प्रोबायोटिक्स के बारे में

प्रोबायोटिक्स एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। यह आपके डाइजेस्टिव सिस्टम में गुड बैक्टीरिया को सही तरीके से काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है, और गट हेल्थ को बनाए रखने में मदद करता है।

ये हैं प्रोबायोटिक्स के आहार स्रोत

कई ऐसे प्राकृतिक प्रोबायोटिक फूड्स हैं, जो हेल्दी बैक्टीरिया का एक अच्छा स्रोत होते हैं, जैसे की दही। फर्मेन्टेड फ़ूड गुड बैक्टीरिया का एक सबसे अच्छा स्रोत होते हैं। यह भोजन में स्वाभाविक रूप से होने वाली चीनी और फाइबर पर पनपते हैं।

खट्टी गोभी
किमची
कोम्बुचा चाय
केफिर (डेयरी और नॉन डेयरी)
कुछ प्रकार के अचार (बिना पास्चुरीकृत)
अन्य मसालेदार सब्जियां (बिना पाश्चुरीकृत)

जानिए आचार खाने के फायदे। चित्र : शटरस्टॉक

आपके शरीर को क्याें होती है प्रोबायोटिक की जरूरत

कई स्टडीज में देखा गया कि प्रोबायोटिक डाइजेस्टिव हेल्थ को इंप्रूव करते हैं। 2017 में किए गए एक रिव्यु के अनुसार एंटीबायोटिक्स का प्रयोग करने वाले व्यक्ति में पाचन संबंधी क्रिया जिससे डायरिया होने की संभावना बहुत कम देखने को मिली।

प्रोबायोटिक मेंटल हेल्थ को भी बनाए रखने में मदद करते हैं। पब मेड सेंट्रल द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार यह डिप्रेशन के सिम्टम्स को कम करने में मदद करता है। एसिडिटी और गैस से जुड़ी समस्याओं की संभावना को भी कम कर देता है।

तो दोनों में से क्या है ज्यादा जरूरी?

प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक दोनों ही आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। दोनों ही पाचन संबंधी समस्याओं को बढ़ने से रोकते हैं। पर अगर प्रोबायोटिक्स का दोहरा फायदा यह है कि ये आपको भविष्य में मस्तिष्क संबंधी समस्याओं के जोखिम से भी बचाते हैं। इसलिए प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक दोनों को ही संतुलित मात्रा में अपने आहार में शामिल करना जरूरी है।

आपके लिए किसकी ज्यादा जरूरत है, इसकी खुराक तय करने में आहार विशेषज्ञ आपकी मदद कर सकते हैं। सप्लीमेंट की मदद लेने से बेहतर है इन्हें प्राकृतिक रूप से खाद्य पदार्थों के माध्यम से अपने आहार में शामिल करना।

यह भी पढ़ें : फायदेमंद है हेयर ऑयलिंग, पर इन 4 स्थितियों में बालों और स्कैल्प पर हरगिज न लगाएं तेल

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी

पत्रकारिता में 3 साल से सक्रिय अंजलि महिलाओं में सेहत संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। हेल्थ शॉट्स के लेखों के माध्यम से वे सौन्दर्य, खान पान, मानसिक स्वास्थ्य सहित यौन शिक्षा प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश कर रही हैं।

अगला लेख