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हार्ट हेल्थ को दुरूस्त रख सकता है नियमित योगाभ्यास, यहां हैं 3 हार्ट हेल्दी योगासन

शरीर को हेल्दी रखने के लिए योग करना जरूरी है। आज के दौर में दिल की समस्या की कोई उम्र नहीं है। किसी को कभी भी दिल से संबंधित हो सकती है। इससे बचाव के लिए योगाचार्य टिप्स देते हैं।
Updated On: 23 Oct 2023, 09:20 am IST
यहां जानिए हर्ट को हेल्दी रखने के लिए 3 योगासन । चित्र अडोबी स्टॉक

भारत देश को पांच हजार साल पहले योग की प्राप्ति हो चुकी थी। लेकिन भारतीय ही अब इससे दूर होते जा रहे हैं। दौड़ भाग की जिंदगी में लोग अपने शरीर को फिट रखना भूलते जा रहे हैं। इसका नकारात्मक प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ रहा है। हमें अपने शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए व्यायाम का सहारा जरूर लेना चाहिए। एक्सपर्ट बताते हैं कि योग करने से 30 दिन के अंतराल में बेहतर महसूस होने लगेगा। साथ ही चौंकाने वाले शरीर के फायदे भी दिखने लगेगें। इसके बेहतर प्रभाव को महसूस करने के लिए 30 दिन का नियमित अभ्यास करना होगा।

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क्या कहते हैं डॉक्टर

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ संजय काला बताते हैं कि 50 साल की कम उम्र के लोगों में 50 फीसदी दिल की बीमारी और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा है। वहीं 40 साल की उम्र में 40 प्रतिशत लोग इस समस्या का शिकार हुए हैं। इससे बचाव के लिए साइकलिंग करना, एरोबिक्स, योग, सीढ़ी चढ़ना, तैराकी करना, तेज चलना, जॉगिंग करना, आदि को करने से दिल कि बिमारी को कंट्रोल में रखा जा सकता है।

इस योग से शरीर के कई भाग स्ट्रेच होते है। चित्र शटर स्टॉक

क्या कहती है आईएचए की रिपोर्ट

इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार युवओं में दिल की समस्या के मरीज अधिक बढ़े हैं। महिलाओं की तुलना में पुरूषों को यह समस्या अधिक हो रही है। इसके पीछे डायबिटीज, मोटापा, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और तनाव जैसे लक्षण इसके पीछे का प्रमुख कारण है। 50 साल के लोगों में 50 प्रतिशत खतरा और 40 साल के लोगों में 40 प्रतिशत तक का खतरा बढ़ा है। आईएचए के मुताबिक वर्ष 2045 तक भारत में 13 करोड़ से अधिक लोग इस बीमारी का शिकार हो चुके होंगे।

योगाचार्य बता रहीं हैं हार्ट हेल्दी योगासनों के बारे में

सीएसजेएमयू की योगाचार्य कंचन गुप्ता कहती है दिल से जुड़ी समस्यों के लिए चक्रासन, धनुरासन, भुजंगासन प्रभावी हैं। इन आसानों को हर रोज सुबह करने से दिल की बीमारी के साथ अन्य बीमारियों में भी आराम मिलता है। तीनों आसनों को सुबह आधा से एक घंटा करना सेहत के लिए अच्छा रहेगा।

यहां हैं वे 3 आसन जो आपके हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखते हैं

1 चक्रासन
इस आसन को नियमित करने से दिल से जुड़ी बीमारियों में लाभ मिलता है। साथ ही आंखों की रोशनी भी बढ़ती है। चक्रासन से पाचन और प्रजनन अंग भी हेल्दी रहते हैं। इसके अलावा तनाव और डिप्रेशन की समस्या में राहत मिलती है। हर रोज इसे दस मिनट जरूर करना चाहिए।

ऐसे करें चक्रासन

पीठ के बल लेट जाएं
घुटनों को मोड़ लें, अब एड़ी को क्षमता के अनुसार नितंब के पास लाएं
अब आपको हाथों को उठाना होगा, और कानों के किनारे रखना होगा
इसके बाद हाथ और पैर के बल शरीर को ऊपर उठाएं
शरीर के वजन को बराबर से हाथ और पैरों में बांटें।

2 धनुरासन

यह आसन हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक से राहत दिलाने में प्रभावी है। इसे करने से डिप्रेशन के लक्षण में आराम मिलता है। मोटापा कम करता है, मांसपेशियों और हड्डियों को फ्लैक्सिबल बनाता है। हर रोज इसे तीन मिनट के अंतराल में एक एक मिनट के लिए करना चाहिए।

ऐसे करें धनुरासन

सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं, पैरों को सटाकर पीछे की तरफ मोड़े
अब पैरों के पंजों को हाथ से पकड़ें
इसके बाद सांस भीतर की ओर खीचें, चेस्ट को उठाएं, जांघों को भी जमीन से ऊपर उठाएं
सामने देखें, चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ।

3 भुजंगासन

इस आसन को दिल की बीमारी में राहत पाने के लिए किया जाता है। इसके साथ इसे छाती, लंग्स, कंधा, रीढ़ की हड्डी, तनाव, साइटिका, प्रजनन प्रणाली आदि में सुधार करता है। शुरूआती दिनों में इसे पांच मिनट के अंतराल में तीन बार 30 सेकेंड करने की सलाह दी जाती है। अभ्यास के बाद एक मिनट तक समय किया जा सकता है।

योग कार्य में दीर्घकालिक सुधार करने में मदद करने के लिए काम करता है। चित्र शटरस्टॉक।

ऐसे करें भुजंगासन

सबसे हपले पेट के बल लेट जाएं।
अब आप आपने दोनों हाथों को कंधे के बराबर लें आएं। हथेलियों को फर्श की तरफ करें
शरीर का पूरा वजन अपनी हथेलियों पर डालें, और सांस भीतर खींचें। सिर को उठाकर पीठ की तरफ खीचें।
आपकी मुद्रा फन उठाए सांप जैसी होनी चाहिए। बेहतर वर्जन के लिए गर्दन को दाएं और बाएं मोड़ कर अपने शरीर को देखें।

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लेखक के बारे में
सुमित कुमार द्विवेदी

कानपुर के नारायणा कॉलेज से मास कम्युनिकेशन करने के बाद से सुमित कुमार द्विवेदी हेल्थ, वेलनेस और पोषण संबंधी विषयों पर काम कर रहे हैं।

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