पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

एडीएचडी से ग्रस्त बच्चों के माता-पिता को ज्यादा हो सकता है डिमेंशिया का जोखिम

एक नये अध्ययन में अटेंशन-डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर और डिमेंशिया का पीढ़ियों के बीच संबंध पाया गया है।
Published On: 10 Sep 2021, 02:00 pm IST
एडीएचडी से ग्रस्त बच्चों के माता-पिता को ज्यादा हो सकता है डिमेंशिया का जोखिम। चित्र : शटरस्टॉक

स्वीडन में करोलिंस्का इंस्टीट्यूट (Karolinska Institute) में एक बड़े अध्ययन में एडीएचडी (ADHD) और डिमेंशिया के बीच लिंक पाया गया है। अल्जाइमर एंड डिमेंशिया: द जर्नल ऑफ द अल्जाइमर एसोसिएशन (The Journal of the Alzheimer’s Association) में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि एडीएचडी वाले व्यक्तियों के माता-पिता और दादा-दादी को डिमेंशिया का ज़्यादा जोखिम है।

करोलिंस्का इंस्टीट्यूट में मेडिकल एपिडेमियोलॉजी और बायोस्टैटिस्टिक्स विभाग में पीएचडी छात्र और अध्ययन के पहले लेखक ले झांग, कहते हैं – “निष्कर्ष बताते हैं कि एडीएचडी और डिमेंशिया के बीच संबंध में सामान्य जेनेटिक्स या पर्यावरणीय योगदान हैं। मगर हमें सही कारण जानने के लिए और अध्ययन की आवश्यकता है।”

क्या है अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) ?

अटेंशन-डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) एक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति अति सक्रिय रहता है। यह दुनिया भर में अनुमानित 3 प्रतिशत वयस्कों को प्रभावित करता है।

विकार के बारे में बढ़ती जागरूकता और ज्ञान के बीच पिछले दशकों में एडीएचडी के इलाज की संख्या में वृद्धि हुई है। हालांकि, इसका इलाज अभी भी नया है, एडीएचडी वाले लोगों में डिमेंशिया के विकास पर अभी सीमित संख्या में अध्ययन हुए हैं।

डिमेंशिया के बारे में अभी और बहुत कुछ जानने की जरूरत है। चित्र: शटरस्टॉक

जानिए अध्ययन में क्या सामने आया

वर्तमान अध्ययन में, शोधकर्ता इस बात की जांच करना चाहते थे कि एडीएचडी वाले व्यक्तियों की पुरानी पीढ़ी को किस हद तक डिमेंशिया का सामना करना पड़ा है। अध्ययन में स्वीडन में 1980 और 2001 के बीच पैदा हुए दो मिलियन से अधिक लोगों को देखा गया, जिनमें से लगभग 3.2 प्रतिशत को एडीएचडी का पता चला था।

राष्ट्रीय स्तर पर इकट्ठे किए गए विवरणों का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने इन व्यक्तियों को माता-पिता, दादा-दादी और चाचा और चाची सहित पांच मिलियन से अधिक रिश्तेदारों से जोड़ा, और जांच की कि इन रिश्तेदारों ने किस हद तक डिमेंशिया विकसित किया है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि एडीएचडी वाले व्यक्तियों के माता-पिता में एडीएचडी के बिना व्यक्तियों के माता-पिता की तुलना में डिमेंशिया का 34 प्रतिशत अधिक जोखिम था। एडीएचडी वाले व्यक्तियों के माता-पिता में अल्जाइमर रोग का जोखिम, 55 प्रतिशत अधिक था।

करोलिंस्का इंस्टीट्यूट में बायोस्टैटिस्टिक्स, अध्ययन के लेखक और शोधकर्ता झेंग चांग कहते हैं ” एडीएचडी शारीरिक स्वास्थ्य स्थितियों के जोखिम को बढ़ाता है, जिससे डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है।”

यह भी पढ़ें : कोविड-19 के कारण प्रभावित हुए एचआईवी, टीबी और मलेरिया संबंधी कार्यक्रम, ग्लोबल फंड की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

अगला लेख