पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

घरेलू प्रदूषण भी कर सकता है आपको बीमार, जानिए क्या है घरेलू प्रदूषण

अगर आपको लग रहा है कि प्रदूषण सिर्फ बाहर है, तो अपने घर के अंदर की हवा के बारे में जानिए ये बातें।
Updated On: 10 Dec 2020, 12:13 pm IST
घरेलू प्रदूषण भी कर सकता है आपको बीमार. चित्र- शटरस्टॉक।

अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहती हैं, तो प्रदूषण आपके लिए कोई नया शब्द नहीं होगा। हर साल सर्दियां आते ही स्मोग, आंखों में जलन पैदा करने वाली धुंध और खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स की समस्या होती हैं। लेकिन अगर आपको लगता है कि प्रदूषित हवा सिर्फ बाहर है और आप घर में सुरक्षित हैं, तो आप गलत हो सकते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार 3.8 मिलियन लोग हर साल घरेलू प्रदूषण से गंभीर बीमारियों का शिकार होते हैं। लेकिन आपके घर में प्रदूषण आता कहां से है? हम बताते हैं।

1. खराब कुकिंग फ्यूल

WHO की रिपोर्ट के अनुसार 3 बिलियन से भी अधिक लोग खाना बनाने के लिए लकड़ी, कण्डे या केरोसीन का इस्तेमाल करते हैं। अब आप सोचेंगी कि ये तो गांव में होता है, इसका आपके घर से क्या लेना देना। वह हम बताते हैं।

घर पर आने वाली गैस जिसे लिक्विड पेट्रोलियम गैस कहते हैं, प्रदूषण नहीं फैलाती। फिर भी आपके सिलेंडर की गैस पूरी तरह शुद्ध नहीं होती, इसमें गन्दगी होती है। यह गन्दगी जलने पर महीन पार्टिकल में बदल जाती है और सांस के साथ फेफड़ों में जाकर बड़ी बीमारियां पैदा करती है।

2. धुआं

धुआं सिर्फ गाड़ियों से ही नहीं निकलता है, मोर्टीन कॉइल, सिगरेट या मोमबत्ती से भी धुआं निकलता है। यह धुआं आपकी सेहत के लिए बहुत खतरनाक होता है।

पेसिव स्‍मोकिंग आपके परिवार के लिए भी खतरा बढ़ा देती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

3. फफूंद

जी हां, आपके घर में मौजूद गन्दगी और फंगस भी आपकी सेहत के लिए बहुत खतरनाक है। और कई बार आपको जानकारी भी नहीं होती कि फफूंद उग रही है। यह आपके किचन सिंक के पाइप या ड्रेन में, बाथरूम के टाइल्स के बीच, खिड़कियों की किनारियों में और कारपेट व सोफे में भी उग सकते हैं।
फंगस और मोल्ड न सिर्फ हानिकारक गैसों का उत्सर्जन करते हैं, बल्कि इनके पार्टिकल भी हवा में मौजूद होते हैं। यह इंफेक्शन से लेकर एलर्जी और फेफड़ों की बीमारी के लिए दोषी होते हैं।

4. आपकी सांसें

आपने सही पढ़ा, आप जब सांस लेती हैं, तो कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है। अगर कमरा बन्द है या वेंटिलेशन ठीक नहीं है, तो यह कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में ही रहती है। हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम होता जाता है, और कार्बन डाइऑक्साइड खुद ही कार्बन मोनोऑक्साइड बनाने लगती है जो शरीर के लिए जहरीली गैस है।

इसके अतिरिक्त रेडान, सल्फर डाइऑक्साइड और ओजोन जैसी गैसें वातावरण में स्वतः ही मौजूद रहती हैं, जो आपके घर की हवा को भी दूषित करती हैं।

इस घरेलू प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

1. सबसे पहली और सबसे जरूरी बात-घर मे हवा का सही वेंटिलेशन होना चाहिए। यानी हवा आने और बाहर निकलने का स्रोत होना चाहिए। इसके लिए आपको कमरों में एग्जॉस्ट फैन लगवाने चाहिए। ताकि कार्बन डाइऑक्साइड बाहर जा सके और ऑक्सीजन वाली हवा अंदर आ सके।

प्‍लांट आपके घर के अंदर के वातावरण को प्‍यूरीफाई करता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

2. खाना बनाते समय किचन में हवा का वेंटिलेशन जरूरी है। अगर किचन में खिड़की नहीं है तो चिमनी या एग्जॉस्ट फैन लगवाएं। खाना बनाते वक्त जगह बन्द होने से न सिर्फ प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि यह खतरनाक भी है।

3. अगर आपका घर इंडस्ट्रियल एरिया या मेन सड़क पर है जहां आप प्रदूषित हवा के संपर्क में रहते हैं तो घर में एयर प्योरिफायर लगवाएं।

4. घर मे इनडोर पौधे जरूर रखें। मनी प्लांट, स्नेक प्लांट , तुलसी इत्यादि घर में रखें। ये पौधे अधिक ऑक्सीजन बनाते हैं। अगर बालकनी या छत है तो पेड़ पौधे रखें। बागबानी न केवल आपकी सेहत के लिए अच्छी है, बल्कि एक अच्छी हॉबी भी है जो आपके मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखेगी।

घर के अंदर की हवा प्रदूषित है। चित्र: शटरस्टॉक

5. अगर आसपास पार्क या गार्डन हैं, तो कम से कम आधा घंटा प्रकृति के बीच जरूर बैठें।

6. घर में सिगरेट कभी न पियें। यह आपके स्वास्थ्य को तो प्रभावित कर ही रहा है, आपके बच्चों और अन्य परिवार वालों के लिए भी हानिकारक है।

प्रदूषण एक बहुत गंभीर समस्या है, जिससे खुद को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है। इसे हल्के में ना लें, सभी प्रीकॉशन अपनाएं।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

संबंधित विषय:
लेखक के बारे में
विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।

अगला लेख