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पोस्ट कोविड लक्षणों से उबरने में मदद कर सकते हैं विटामिन डी सप्‍लीमेंट, एक्सपर्ट बता रहे हैं कैसे

विटामिन डी सिर्फ आपकी बोन्स के लिए ही नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। अगर आप अभी हाल ही में कोविड-19 से उबरे हैं, तो आपको इसके सप्लीमेंट लेने की जरूरत पड़ सकती है।
Published On: 9 Nov 2021, 03:38 pm IST
अगर आप में विटामिन डी की ज्यादा कमी है तो आप विटामिन डी को सप्लीमेंट भी ले करते है। चित्र: शटरस्टॉक

विटामिन डी (Vitamin D) ऐसा महत्‍वपूर्ण पोषक तत्‍व है, जिसकी आवश्‍यकता शरीर की हडि्डयों को मजबूत रखने के अलावा अन्‍य कई प्रकार से होती है। सूर्य की रोशनी (Sunshine) विटामिन डी का प्रमुख स्रोत है। हमारी त्‍वचा सूर्य के प्रकाश में मौजूद अल्‍ट्रावायलेट किरणों को सोखकर उन्‍हें पोषक तत्‍वों में बदलती है।

लेकिन बहुत से लोगों में विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency) भी होती है। ऐसा आमतौर पर वृद्धों और स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक भोजन नहीं करने वाले लोगों में होता है। विटामिन डी की कमी होने पर कोविड-19 वायरस से गंभीर रूप से ग्रस्‍त होने का जोखिम बढ़ जाता है।

दूसरे, यह भी देखने में आया है कि महामारी के दौरान जब ज्‍यादातर लोग घरों के अंदर रहे थे, तो उनके शरीरों में विटामिन डी की कमी होने लगी थी।

कोविड-19 और विटामिन डी

विटामिन डी प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के अलावा शरीर को इंफ्लेमेशन से भी राहत दिलाता है। साथ ही, इसमें एंटीवायरल गुण होते हैं। अध्‍ययनों से यह सामने आया है कि विटामिन डी की कमी से प्रभावित लोगों में कोविड-19 से ग्रस्‍त होने की आशंका 7.2% अधिक होती है।

विटामिन डी की कमी होने पर कोविड-19 की जटिलताएं और ज्यादा बढ़ जाती हैं। चित्र: शटरस्टॉक

ऐसा भी देखा गया है कि विटामिन डी का अधिक स्‍तर होने से कोविड-19 के गंभीर संक्रमण का जोखिम कम होता है। हालांकि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जो यह सिद्ध करे कि विटामिन डी सप्‍लीमेंट्स लेने से कोरोनावायरस का इलाज या उससे बचाव होता है, लेकिन महामारी के दौरान इसके सेवन ने लोगों को पोषण के स्‍तर पर तंदुरुस्‍त बनाए रखा।

कई स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है विटामिन डी की कमी 

विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency) से अन्‍य कई स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी जोखिम जैसे कि हृदय रोग (Heart Disease) बढ़ सकते हैं और वायरस संक्रमित होने पर और इनके बिगड़ने की आशंका भी रहती है। लेकिन ध्‍यान देने योग्‍य बात यह है कि प्रतिदिन विटामिन डी की डॉक्‍टर द्वारा संस्‍तुत खुराक लेना बेशक, सुरक्षित होता है, लेकिन इससे अधिक का सेवन लंबे समय में खतरनाक भी हो सकता है।

क्या होनी चाहिए विटामिन डी की सही खुराक

1 से 10 वर्ष की आयु के बच्‍चों को प्रतिदिन 50 माइक्रोग्राम से अधिक विटामिन डी का सेवन नहीं करना चाहिए।
शिशुओं को हर दिन 25 माइक्रोग्राम से अधिक का सेवन नहीं करना चाहिए।
वयस्‍कों को प्रतिदिन 10 माइक्रोग्राम से अधिक का सेवन नहीं करना चाहिए। अलबत्‍ता प्रतिदिन 10 माइक्रोग्राम मात्रा का सेवन उचित होता है।

सप्लीमेंट के साथ आहार का भी रखना है ध्यान 

हालांकि संतुलित भोजन लेने से प्रतिरक्षा तंत्र की सामान्‍य कार्यप्रणाली सुनिश्चित होती है, लेकिन कोई भी एक पोषक तत्‍व, भोज्‍य पदार्थ या सप्‍लीमेंट एक निश्चित सीमा से ज्‍यादा मजबूती नहीं दे सकता। साथ ही, विटामिन डी का स्‍तर सिर्फ खुराक से नहीं बढ़ाया जा सकता।

विटामिन डी की प्रचुरता वाले खाद्य पदार्थों में मछली और अंडे, अनाज, मार्जरीन तथा विटामिन डी युक्‍त योगर्ट प्रमुख हैं।

सनशाइन विटामिन और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियां

विटामिन डी की कमी के चलते कई तरह की स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियां पैदा हो सकती हैं, इनमें निम्‍न शामिल हैं:

1 हृदय रोग
2 उच्‍च रक्‍तचाप
3 मधुमेह
4 प्रतिरक्षा तंत्र में संक्रमण
5 कोलन, प्रोस्‍टेट और स्‍तन कैंसर
6 स्‍क्‍लेरॉसिस
7 निमोनिया
8 रक्‍त का थक्‍का जमना

अगर आप नियमित शराब पीती हैं, तो आप में विटामिन डी की कमी हो सकती है। चित्र: शटरस्टॉक

नियमित शराब पीना हो सकता है खतरनाक 

जिंक वास्‍तव में, विटामिन डी का महत्‍वपूर्ण स्रोत है और अधिकांश लोगों को कुछ भोज्‍य पदार्थों से जिंक की आवश्‍यक मात्रा मिल जाती है। मगर शाकाहारी तथा नियमित रूप से शराब का सेवन करने वाले लोगों में जिंक की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है और उन्‍हें सप्‍लीमेंट्स लेने चाहिए।

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लेखक के बारे में
Dr. Ravi Shekhar Jha

Dr Ravi Shekhar Jha is Director and Unit Head Pulmonology at Fortis Escorts Hospital Faridabad

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