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फैंसी फूड्स के पीछे भागने की बजाए खुद तैयार करें अपना एंटी डायबिटीज आटा

डायबिटीज एक ऐसी समस्या है, जिसमें आपको अपने लाइफस्टाइल और आहार दोनों पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है। यहां एक ऐसी रेसिपी है जो आपकी डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद कर सकती है।
Updated On: 23 Oct 2023, 09:40 am IST
हाई फ़ाइबर मल्टीग्रेन आटा से बनयें पराठा। चित्र : शटरस्टॉक

घर में हर तरह का खाना बनता है, परन्तु जब आपके घर में कोई डायबिटिक हो तो समझ नहीं आता है कि इन्हें किस तरह का भोजन खिलाया जाए। क्योंकि यह बीमारी बहुत परहेज मांगती है। मधुमेह के कारण आपके शरीर में इंसुलिन का उत्पादन नहीं हो पाता है। जिसके कारण रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। इसको कम करने के लिए हमें ऐसे भोजन की जरूरत होती है, जिसमें कम कार्ब्स और वसा हो, साथ ही ज्यादा प्रोटीन हो।

डायबिटीज और आहार

एक भोजन में यह सब सुनिश्चित करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। मगर आहार को संतुलित करने का एक तरीका है रोटी में बदलाव करना। जी हां.. हमारे कहने का मतलब है कि रोटी भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है और अगर ये हेल्दी हो तो डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है।

आमतौर पर हर घर में गेहूं का आटा खाया जाता है। मगर यह अकेला आपकी डायबिटीज की समस्या को डील करने में समर्थ नहीं है। इसलिए हमें ऐसे आटे की जरूरत है, जो फाइबर युक्त हो और पौष्टिक भी। यहां है आपके लिए एक ऐसे ही हेल्दी आटे की रेसिपी, जो आपकी डायबिटीज की समस्या को कंट्रोल कर सकता है।

यहां है एंटीडायबिटीज हेल्दी आटा और उसके स्वास्थ्य लाभ

एंटी डायबिटीज आटा तैयार करवाने के लिए आपको 10:2 का अनुपात रखना है। यानी अगर दस किलो ग्राम गेंहू हैं तो उसमें अन्य एंटी डायबिटीज सामग्री की मात्रा दो किलोग्राम होनी चाहिए।

यहां एक ऐसी रेसिपी है जो आपकी डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। चित्र : शटरस्टॉक

इसके लिए आपको गेहूं के साथ उन खास चीजों को मिलाकर पिसवाना होगा, जो डायबिटीज कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकती हैं। इनमें मेथी, चना, ज्वार और बाजरा शामिल हैं। ये सभी अपने-अपने पोषक तत्वों के कारण डायबिटीज से बचाने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके स्वास्थ्य लाभ।

1 मेथी (Fenugreek)

मेथी के आटे में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैंगनीज, कॉपर, मैग्नीशियम, विटामिन B6, फॉस्फोरस और कई आवश्यक फाइटोन्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं। रोजाना 5-50 ग्राम मेथी का सेवन करने से ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने और टाइप 2-डायबिटीज को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलती है। मेथी शर्करा के अवशोषण को धीमा कर देती है और इंसुलिन को उत्तेजित करती है, जिससे समग्र शारीरिक कार्यों में सुधार होता है।

2 चना (Chana)

चने के आटे में सफेद आटे की तुलना में लगभग आधा कार्ब्स होता है। इस प्रकार यह रक्त शर्करा को नियंत्रित कर सकता है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी के अध्ययन के अनुसार गेहूं के आटे से बने उत्पादों की तुलना में, चने के आटे से बने खाद्य पदार्थ खाने से रक्त शर्करा में कमी आई।

3 ज्वार (Jowar)

ज्वार, एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है, जो धीरे-धीरे पचता है, जिससे रक्त शर्करा में धीरे-धीरे वृद्धि होती है। इसलिए यह मधुमेह रोगियों और जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए एक बढ़िया आहार है। ज्वार शरीर में एचडीएल के स्तर में सुधार करते हुए प्लाज्मा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को विनियमित करने में भी मदद करता है।

छोटा बाजरा वजन को कंट्रोल करने में भी काफी मददगार होता है।चित्र-शटरस्टॉक

4 बाजरा (Bajra)

बाजरे का मधुमेह को कंट्रोल करने में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसमें अच्छी फाइबर की मात्रा होती है, जिसे ग्लूकोज में बदलने में अधिक समय लगता है। यह मधुमेह के प्रबंधन में मदद करता है और मधुमेह रोगियों के लिए निरंतर ऊर्जा प्रदान करता है। इसके अलावा, बाजरा मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत है, जो मधुमेह के कम जोखिम से जुड़ा है।

ये मिक्स आटा आपकी डायबिटीज कैसे कंट्रोल करता है आइए जानते हैं

हम आपको मेथी, चना, ज्वार, और बाजरा मिलाकर अपने लिए आटा पिसवाने की सलाह देते हैं। नहीं तो आप बाज़ार से भी इनके आटों को लाकर और इन्हें मिलाकर आटा गूंथ सकती हैं। इस आटे से बनी रोटियां आपके लिए इसलिए फायदेमंद हैं क्योंकि इन सभी सामग्रियों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) बेहद कम है। जैसे – मेथी-30, चना-28, ज्वार-62, और बाजरा-54।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स ग्लूकोज की वह संख्या है, जो खाने के बाद ब्लड शुगर में वृद्धि का कारण बनती है। इसके अलावा, 60 से कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली सभी चीजें डायबिटिक रोगियों के लिए फायदेमंद हैं।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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