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कोविड-19 को हराना है, तो इम्‍युनिटी के साथ-साथ इन 6 बातों का भी रखें ध्‍यान

दुनिया भर में हुए 21 अध्‍ययन यह साबित कर चुके हैं कि मोटापा, हाई बीपी और हृदय संबंधी समस्‍याएं आपके लिए कोरोनावायरस को ज्‍यादा घातक बना सकती हैं।
Updated On: 10 Dec 2020, 12:50 pm IST
ये 6 टिप्‍स आपको कोरोनावायरस के खिलाफ मजबूत बनाएंगे। चित्र : शटरस्‍टॉक

भारत में कोविड-19 से उबरने वाले लोगों का आंकड़ा बढ़ रहा है। पर अब भी ऐसा नहीं कहा जा सकता कि सभी लोग इसका मजबूती से मुकाबला कर पा रहे हैं। हाई बीपी, मोटापा, डायबिटीज और हार्ट संबंधी समस्‍याओं से ग्रस्‍त लोगों के लिए यह अब भी ज्‍यादा घातक साबित हो रहा है। दुनिया भर के 21 अध्‍ययनाेें में यह बात कही जा चुकी है।

हृदयरोगों से जूझ रहे लोगों में कोविड-19 संक्रमण के कारण हृदय संबंधी जटिलताएं पनपने और अस्पताल में मौत का खतरा ज्यादा है। कई अध्ययनों की समीक्षा करने के बाद यह परिणाम पाया गया है। इससे चिकित्सकों को उन लोगों की पहचान करने में आसानी होगी जिन्हें कोरोनावायरस संक्रमण से ज्यादा खतरा है।

इटली की मगना ग्राएसिया यूनिवर्सिटी ऑफ काटानजारो के शोधकर्ताओं के अनुसार हृदयरोगियों की देखभाल करने वाले चिकित्सकों के लिए इस श्रेणी के लोगों पर कोरोनावायरस के पड़ने वाले प्रभावों को समझना जरूरी है। शोधकर्ताओं के अनुसार शोध के निष्कर्षों से पता चलता है कि कोविड-19 संबंधित मौतों और पहले से मौजूद हृदय की बीमारियों के बीच संबंध है।

कोविड-19 से बचने के लिए हार्ट हेल्‍थ का ध्‍यान रखना भी जरूरी है। चित्र: शटरस्‍टॉक

इस शोध में एशिया, यूरोप और अमेरिका के अस्पतालों में भर्ती 77,317 कोविड-19 मरीजों पर किए गए 21 अध्ययनों की समीक्षा की गई है।

इन मरीजों में से 12.89 फीसदी को हृदयरोग थे, 36.08 फीसदी को उच्च रक्तचाप था और 19.45 फीसदी लोगों को मधुमेह था। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान 14.09 फीसदी कोविड-19 मरीजों में पनपी हृदय संबंधित जटिलताओं पर अध्ययन किया गया। सबसे आम जटिलताओं में हृदय गति का अनियमित होना और हृदय को नुकसान पहुंचना शामिल था।

जब वैज्ञानिकों ने डाटा की समीक्षा की तो पाया कि हृदयरोगियों में कोविड-19 से मौत का खतरा ज्यादा था। यह उम्र और लिंग से भी बड़ा जोखिम कारक है।

इस तरह रख सकती हैं खुद को फि‍ट

कोविड-19 से बचने के लिए आपको सिर्फ अपनी इम्‍युनिटी बढ़ाने की ही जरूरत नहीं है, बल्कि हार्ट हेल्‍थ का ख्‍याल रखना भी जरूरी है। डायबिटीज हाई बीपी और हृदय संबंधी समस्‍याओं में हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक, हार्ट ब्लॉकेज आदि कोविड-19 को और ज्‍यादा घातक बना देते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप एक ऐसे लाइफस्‍टाइल का पालन करें जिसमें डाइट, वर्कआउट के साथ ही एक तनावमुक्‍त रूटीन शामिल हो।

कुछ छोटी-छोटी बातें आपको बड़े खतरे से बचा सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टाॅॅक

किस बर्तन में खा रहीं हैं

बड़ी प्‍लेट, बड़े बाउल अब आपको किचन में पीछे कर देने चाहिए और खाना खाने के लिए छोटे बर्तनों का इस्‍तेमाल करें। स्‍मॉल पोर्शन में स्‍मॉल मील हमेशा सेहत को संतुलित रखता है। भूख रहने पर थोड़ी देर इंतजार करें कि आपको दोबारा प्‍लेट में और खाना लेना है या नहीं। ब्रेन इसका सिग्‍नल आपको देगा, तभी दूसरी सर्विंग के लिए आगे बढ़ें।

हरी सब्जियां और फलों को जरूर शामिल करें

हरी सब्जियों और फलों में मौजूद फाइबर और पोषक तत्‍व शरीर में फैट बढ़ने से रोकते हैं। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपकी डाइट में एक तिहाई हिस्‍सा, फलों, सब्जियों और नट्स आदि का हो। यह स्किन और बालों की सेहत के लिए भी मददगार साबित होंगे।

प्राकृतिक फूड ऑप्‍शन वास्‍तव में शरीर को स्‍वस्‍थ रखने में मददगार को सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

ईट लोकल

इस बात को हमेशा ध्‍यान में रखें कि वही फल और सब्जियां अपने आहार में शामिल करें जो आपके आसपास की लोकल मार्केट में आसानी से उपलब्‍ध हैं। सेलिब्रिटी डायटीशियन रुजुता दिवेकर सलाह देती हैं कि लोकल फूड ज्‍यादा फ्रेश और ज्‍यादा पोषक तत्‍वों से भरे होते हैं, क्‍योंकि इन्‍हें प्रीजर्व करने की प्रक्रिया में रसायनों से नहीं गुजरना पड़ता।

इनसे करें परहेज

फ्राइड फूड्स, फ्रोजन फूड, प्रोसेस्‍ड फूड से परहेज करें। ब्रे‍ड, कुकीज भी आपके लिए हेल्‍दी ऑप्‍शन नहीं हैं। पैकेज्‍ड जूस की बजाए ताजे फलों के विकल्‍प को चुनें। डायनिंग टेबल से सॉल्‍ट और शुगर की शीशी आपको हटा देनी चाहिए। इससे आप खाने में एक्‍स्‍ट्रा नमक या चीनी एड करने की आदत से बच पाएंगी।

पैकेज्‍ड और फ्रोजन फूड से परहेज करना बेहतर है। चित्र: शटरस्‍टॉक

एक्टिव रहें

योग, व्‍यायाम, डांस, स्विमिंग – कोई भी फि‍जिकल एक्टिविटी जो आपको पसंद है, उसे अपने डेली रूटीन का हिस्‍सा बनाएं। यह आपको मोटापे से बचाएगी। जिससे हाई बीपी, डायबिटीज और हार्ट डिजीज भी आपसे दूर रहेंगी।

तनावमुक्‍त रहें

आखिरी पर सबसे जरूरी बात – भरपूर नींद लें और खुद को तनाव मुक्‍त रखने की कोशिश करें। इससे आप लंबे समय तक फि‍ट और फाइन रह सकती हैं।

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लेखक के बारे में
योगिता यादव

योगिता यादव एक अनुभवी पत्रकार, संपादक और लेखिका हैं, जो पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी मीडिया जगत में सक्रिय हैं। फिलहाल वे हेल्थ शॉट्स हिंदी की कंटेंट हेड हैं, जहां वे महिलाओं के स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी सामग्री का संयोजन और निर्माण करती हैं। योगिता ने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, जी मीडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वे 'हेल्दी ज़िंदगी' नाम का उनका हेल्थ पॉडकास्ट खासा लोकप्रिय है, जिसमें वे विशेषज्ञ डॉक्टरों और वेलनेस एक्सपर्ट्स से संवाद करती हैं।

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