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अगर आपको अत्यधिक पेशाब आती है, तो इन 4 तरीके से करें ओवरएक्टिव ब्लैडर का निदान

अमूमन गर्भावस्‍था के बाद ज्‍यादातर महिलाओं को इस समस्‍या का सामना करना पड़ता है जो उम्र के साथ बढ़ती चलती जाती है। अत्यधिक पेशाब लगने की समस्या को दूर करने के लिए इन 4 तरीकों को आजमाएं।
Published On: 3 Jan 2021, 02:00 pm IST
व्यक्ति को बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है. चित्र : शटरस्टॉक

ओवरएक्टिव ब्लैडर का अर्थ है ब्लैडर पर नियंत्रण न होना। इस समस्या के कारण बहुत अधिक पेशाब लगती है। ये समस्या अधिकांश महिलाओं में प्रेगनेंसी के बाद हो जाती है। लेकिन ओवरएक्टिव ब्लैडर के और भी कई कारण हो सकते हैं। ब्लैडर अनियंत्रित होने का अर्थ है कि आपका यूरिनरी ब्लैडर जरा सी भी पेशाब रोक नहीं पाता। जबकि सामान्य ब्लैडर पेशाब को स्टोर कर सकता है।

इस समस्या में आपको दिन में कई बार पेशाब लगती है, अक्सर पेशाब लीक हो जाती है और रात में भी आप पेशाब करने के लिए उठती हैं। ये आपके आम जीवन को प्रभावित कर सकता है।

अत्यधिक पेशाब आना एक समस्या हो सकती है, लेकिन इससे बचने के लिए अगर आप कम पानी पीना शुरू कर दें, तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक होगा। उसके बजाय, इन 4 तरीकों से इसे कंट्रोल करें।

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  1. नियमित रूप से कीगल एक्सरसाइज करें

आपके यूरिनरी ब्लैडर को आपके पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां कंट्रोल करती हैं और इनके कमजोर होने पर ही लीकी ब्लैडर की समस्या आती है। इसलिए पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूत करने की एक्सरसाइज करना जरूरी है। कीगल एक्सरसाइज यही करती है। इसमें आपको सिर्फ अपने पेल्विक फ्लोर मसल्स को स्क्वीज करना है और होल्ड करना है। पेशाब के बीच उसे एक दो सेकंड के लिए रोकने की कोशिश करें। ये भी कीगल एक्सरसाइज का हिस्सा है।

कीगल एक्‍सरसाइज वेजाइना के लिए फायदेमंद है। चित्र: शटरस्‍टॉक
  1. जर्नल तैयार करें

आप दिन में कितनी बार वॉशरूम जाती हैं, इसे नोट करना शुरू करें। इससे आपको एक स्पष्ट आईडिया मिलेगा कि आपको कितनी दफा पेशाब आती है। फिर पेशाब लगने पर उसे थोड़ी-थोड़ी देर डिले करने की कोशिश करें। 5 से 7 मिनट तक रुकें और इस समय को बढ़ाएं। इसे भी जर्नल में नोट करें। इसे बिहेवियर थेरेपी कहा जाता है।

इसका उद्देश्य ये है कि आप एक टारगेट निर्धारित करें और एक महीने में पेशाब आने में कमी देखें।

  1. कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय ना लें

कैफीन एक डियूरेक्टिक है जो आपकी किडनी पर अवांछित दबाव डालती है। इससे ज्यादा यूरिन बनती है और आप कंट्रोल खो देती हैं। खट्टे फल जैसे टमाटर, नींबू, सन्तरा इत्यादि भी कम खाएं। पानी पीने में कोई कमी न करें क्योंकि इससे कब्ज की समस्या हो सकती है।

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  1. वजन कम करें

आपका बढ़ा हुआ वजन आपके ब्लैडर पर अनावश्यक प्रेशर डालता है। ओपन जर्नल ऑफ किडनी इश्यूज एंड डायग्नोसिस में प्रकाशित स्टडी के अनुसार शरीर का 8 प्रतिशत वजन कम करने से पेशाब अधिक लगने की समस्या को 25 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

वजन कम करने से एब्डोमेन पर प्रेशर कम होगा जिससे आपके ब्लैडर पर भी कम दबाव पड़ेगा।

लेकिन अगर आपको इन उपायों से कोई फायदा नहीं होता है तो आप बोटॉक्स सर्जरी, स्लिंग सर्जरी या मेडिकेशन भी चुन सकती हैं। समस्या बढ़ने से पहले ही अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें और अपने लिए सही इलाज का चुनाव करें।

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लेखक के बारे में
योगिता यादव

योगिता यादव एक अनुभवी पत्रकार, संपादक और लेखिका हैं, जो पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी मीडिया जगत में सक्रिय हैं। फिलहाल वे हेल्थ शॉट्स हिंदी की कंटेंट हेड हैं, जहां वे महिलाओं के स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी सामग्री का संयोजन और निर्माण करती हैं। योगिता ने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, जी मीडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वे 'हेल्दी ज़िंदगी' नाम का उनका हेल्थ पॉडकास्ट खासा लोकप्रिय है, जिसमें वे विशेषज्ञ डॉक्टरों और वेलनेस एक्सपर्ट्स से संवाद करती हैं।

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