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हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज हैं खतरनाक कॉम्बिनेशन, हो सकता है ऑर्गन फेलियर

आजकल की खराब जीवनशैली के कारण बढ़ने वाली लाइफस्टाइल डिसऑर्डर जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ओबेसिटी आदि के कारण भी ऑर्गन फेलियर (organ failure) जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ता जा रहा है।
Published On: 31 Jan 2025, 10:36 am IST
हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ओबेसिटी आदि के कारण भी ऑर्गन फेलियर (organ failure) जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ता जा रहा है. चित्र : अडॉबीस्टॉक

आज के समय में हार्ट फेलियर, किडनी फेलियर, लीवर फेलियर जैसे तमाम ऑर्गन फैलियर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि, इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। वहीं कुछ लोगों में ऑर्गन जन्म के साथ ही काम करना बंद कर देते हैं। पर आजकल की खराब जीवनशैली के कारण बढ़ने वाली लाइफस्टाइल डिसऑर्डर जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ओबेसिटी आदि के कारण भी ऑर्गन फेलियर (organ failure) जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ता जा रहा है (effect of High blood pressure and diabetes)।

अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, चिराग एन्क्लेव दिल्ली के इंटरनल मेडिसिन और डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. अनिल गोम्बर ने हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure), डायबिटीज (diabetes), ओबेसिटी (obesity) आदि के कारण भी ऑर्गन फेलियर जैसी समस्याओं का कारण बताते हुए इनके कुछ महत्वपूर्ण उपाय भी सुझाए हैं। तो चलिए जानते हैं, इस बारे में सब कुछ (effect of High blood pressure and diabetes)।

क्यों डॉक्टर इसे मानते हैं खतरनाक कॉम्बिनेशन

डॉ. अनिल गोम्बर के अनुसार “डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर दोनों ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जो ऑर्गन फेलियर के खतरे को बढ़ा सकती हैं। यदि ऑर्गन फैलियर कि बात करें तो यह सिर से लेकर पांव तक किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है, लेकिन 60% से 70 % बीमारियां या तो हार्ट से संबंधित होती हैं या फिर किडनी से। बहुत से लोग ये सोच रहे होंगे आखिर ब्लड प्रेशर या डायबिटीज ऑर्गन फैलियर का कारण कैसे बनते हैं, तो आज हम आपको बताएंगे इस विषय से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी।”

किडनी फेलियर का कारण बन सकती है डयबिटीज, चित्र : अडॉबीस्टॉक

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का किडनी पर असर (How High blood pressure and diabetes affect kidney health)

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज ऑर्गन फैलियर का कारण बन सकते हैं। विशेष रूप से ये किडनी फेलियर का कारण बनती हैं। इन दोनों ही स्थितियों में किडनी में मौजूद छोटे-छोटे ब्लड वेसल्स डैमेज हो जाते हैं, जिनकी वजह से ब्लड से टॉक्सिक और वेस्ट मटेरियल को फिल्टर कर पाना मुश्किल हो जाता है।

ब्लड प्रेशर अधिक होने की वजह से जब ये वेसल डैमेज हो जाते हैं, तो किडनी पूरी तरह से फंक्शन नहीं कर पाती और बॉडी में टॉक्सिंस जमा होने लगते हैं। यदि आप डायबिटीज और ब्लड प्रेशर में से किसी एक भी स्थिति से ग्रसित हैं, तो आप में किडनी फेलियर का खतरा बना रहता है।

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का हृदय स्वास्थ्य पर असर (How High blood pressure and diabetes affect heart health)

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की स्थिति में हार्ट में मौजूद ब्लड वेसल्स डैमेज हो जाती हैं, साथ ही साथ उनमें सिकुड़न आ जाता है और उनका लचीलापन भी काम हो जाता है जिसकी वजह से हार्ट को पंप करने के लिए अधिक फोर्स लगाना पड़ता है। धीमे-धीमे हृदय की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और शरीर के सभी हिस्सों तक पर्याप्त ब्लड पंप नहीं कर पाती।

डायबिटीज और ब्लड प्रेशर एक खतरनाक कॉम्बिनेशन है. चित्र : अडोबीसरटॉक

जानिए हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को कैसे मैनेज करना है

डॉक्टर कहते हैं “यह देखा गया है कि चार ब्लड प्रेशर के मरीजों में से तीन मरीज डायबिटीज से भी ग्रसित होते हैं। इसका मुख्य कारण मोटापा होता है। ऐसे में हमें उन दवाइयों का सेवन करना चाहिए जो डायबिटीज और ब्लड प्रेशर दोनों को कम करने में लाभदायक हों। आजकल स्वास्थ्य जगत में नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से इस प्रकार की दवाइयां आ रही हैं, जिनसे ब्लड प्रेशर और शुगर दोनों को नियंत्रित किया जा सकता है।”

नियमित जीवनशैली में सुधार करें

इसके अलावा आपको नियमित तौर पर अपने ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों की जांच करानी चाहिए, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सेवन करना चाहिए। अपने आहार में अधिक मात्रा में फल, सब्जियां, दूध, दही और साबुत अनाज शामिल करें। नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और शराब से बचें, क्योंकि इनका आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए आपको इन सावधानियां का पालन करना चाहिए, तभी आप ऑर्गन फेलियर के खतरे से दूर रह सकती हैं।

नोट: आपको यह ध्यान रखना होगा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क किया जाए और नियमित जांच व परामर्श की मदद से बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ा जा सके।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी

पत्रकारिता में 3 साल से सक्रिय अंजलि महिलाओं में सेहत संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। हेल्थ शॉट्स के लेखों के माध्यम से वे सौन्दर्य, खान पान, मानसिक स्वास्थ्य सहित यौन शिक्षा प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश कर रही हैं।

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