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कोविड वाली होली के सेलिब्रेशन में एक्‍सपर्ट की सुझाई इन बातों का जरूर रखें ध्‍यान

मानसिक अवसाद, अकेलेपन और निराशा को दूर भगाने का पर्व है होली। पर कोविड के दौरान आपको अपनी सेहत को भी इग्‍नोर नहीं करना है।
Written by: Dr. Manoj Sharma
Published On: 28 Mar 2021, 05:30 pm IST
मिलने-जुलने और बातचीत करने से हमारा माइंड रिलैक्स होता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

रंगों और मस्‍ती का पर्व होली आ ही गया है, लेकिन दुर्भाग्‍यवश कोविड संक्रमण के बढ़ते मामले भी चिंता बढ़ा रहे हैं। कोविड के डर से होली की मौज-मस्‍ती को सीमित रखना होगा और हमें महामारी की इस मौजूदा लहर से खुद को बचाने के लिए भरपूर सावधानियां बरतनी होंगी।

दूरी हो पर अलगाव न हो

तमाम सरोकारों के बावजूद, त्‍योहार की भावना बनी रहनी चाहिए। इसके लिए हमें एक-दूसरे को वर्चुअली बधाई देना नहीं भूलना चाहिए। दरअसल, मौजूदा हालात के चलते, भीड़-भाड़, जमावड़ों, सामुहिक गतिविधियों से बचना जरूरी है।

पर इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने परिवार के सदस्‍यों के साथ भी मौज-मस्‍ती न करें, हमें अपने पड़ोसियों को अपनी बाल‍कनियों से होली की बधाई देने से नहीं चूकना चाहिए।

होली के दौरान सेहत को इग्‍नोर न करें। चित्र: शटरस्‍टॉक

खुद को हाइड्रेट रखना है जरूरी

हर साल की तरह, हमें उन जरूरी बातों का ख्‍याल अवश्‍य रखना होगा, जिनसे हमारी सेहत अच्‍छी रहे और हम त्‍योहार को भी उसकी भावना के अनुरूप मना सकें। होली के अवसर पर इस साल मौसम अपेक्षाकृत अधिक गर्म हो चला है। जब हम खेलने में व्‍यस्‍त हो जाते हैं, तो अक्‍सर हाइड्रेशन के पहलू को नज़रंदाज़ करते हैं।

खुद को हाइड्रेट करें और इसके लिए जरूरी है कि समय-समय पर पर्याप्‍त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करते हैं। ऐसा कर आप खुद को डीहाइड्रेशन से बचा सकते हैं।

रसायनों से बचना है बेहतर

जहां तक हो सके सूखे रंगों का इस्‍तेमाल करना चाहिए, क्‍योंकि ये त्‍वचा के लिए नुकसानदायक नहीं होते। सूखे रंगों यानी गुलाल में आर्टिफिशियल कलरिंग एजेंट भी मिले होते हैं। इसलिए होली खेलने से पहले अपने बालों में तेल लगाएं और त्‍वचा पर भी मॉयश्‍चराइज़र लगा लें। इससे बाद में रंगों को हटाना आसान होगा।

सिंथेटिक कलर आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

पोस्‍ट होली केयर है खास

रंगों को हटाने के लिए हल्‍के-हल्‍के रगड़ें ताकि त्‍वचा को नुकसान न पहुंचे। चूंकि इस साल आप अपने परिसर में ही होली खेलेंगे, इसलिए गलती से भी अगर आंखों में रंग पड़ जाए तो उसे तत्‍काल धोकर निकालें। ताकि देर तक आंखों में जलन न हो। होली खेलने के बाद, रंगों को नरमाई से हटाएं, खुद को हाइड्रेट करें और भरपूर आराम करें।

इन बातों का रखें ध्‍यान

अगर आपको हल्‍का-सा भी जुकाम, खांसी, बुखार या गला दर्द जैसी शिकायत है, तो इस साल हर हाल में होली खेलने से बचें।

चूंकि होली भूलने और माफ करने का त्‍योहार है, इसलिए मैं आप सभी को इस पर्व की शुभकामनाएं देता हूं और आशा करता हूं कि यह महामारी से उपजे दुखों और तकलीफों को भुलाने में भी सहायक होगा।

परिवार और दोस्‍तों के साथ समय बिताना भी जरूरी है। चित्र: शटरस्‍टॉक

दुआ है कि कोविड से मिले मुक्ति

यह बुराई पर अच्‍छाई की जीत का भी पर्व है। इसलिए आइये यह मनाएं कि ईश्‍वर हमें मौजूदा बुराई से मुक्ति दिलाएंगे। इसके लिए हमें भी अपने हिस्‍से की जिम्‍मेदारी निभानी होगी। यानी मास्‍क का प्रयोग करना होगा, सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करना होगा और हाथों की साफ-सफाई का भी ध्‍यान रखना होगा।

सबसे जरूरी है कि जब हमारी बारी आए, तो वैक्‍सीन लेने में कोताही न करें। अगर हम सही तरीके से इन सभी बातों का पालन करेंगे, तो वह दिन दूर नहीं जब कोविड का भी नाश हो जाएगा।

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लेखक के बारे में
Dr. Manoj Sharma

Dr. Manoj Sharma is Senior Consultant, Internal Medicine at Fortis Hospital, Vasant Kunj

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