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ये 4 चीजें नेचुरली कंट्रोल कर सकती हैं आपके शरीर में इंफ्लामेशन, समझिए कैसे

इंफ्लामेशन आपके शरीर को अपने आप को संक्रमण, बीमारी और चोट से बचाने का तरीका है। हालांकि, बहुत अधिक सूजन आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है।
Updated On: 10 Dec 2020, 12:13 pm IST
इंफ्लेमेशन ठीक करने में सहायक। चित्र शटरस्टॉक

पिछले कुछ वर्षों में, इंफ्लामेशन पर काफी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ अच्‍छे कारणों से यह अब भी चर्चा का विषय है। बदली हुई जीवन शैली में कई रोगों का सबसे बड़ा कारण इंफ्लामेशन ही है। जैसे- मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर और स्मृति-संबंधी समस्याएं जैसे डिमेंशिया और अल्जाइमर्स रोग।

लेकिन यहां अच्छी खबर यह है कि आप अपनी जीवन शैली में कुछ सरल बदलाव करके अपने शरीर में होने वाली इंफ्लामेशन को नेचुरली कम कर सकते हैं। वाकई, यह उतना भी मुश्किल नहीं है।

1. हल्दी को बनाए हमेशा के लिए अपनी बेस्ट फ्रेंड

हमें यकीन है कि आपने सुना होगा कि हल्दी अधिकांश बीमारियों के लिए चमत्कारिक औषधि है। यही कारण है कि इंफ्लामेशन से बचाने में भी हल्‍दी आपके लिए मददगार हो सकती है। हल्दी में मौजूद करक्‍यूमिन नामक तत्‍व एंटी इंफ्लामेशन प्रोपर्टीज के लिए जाना जाता है।

हल्दी आपको देगी कई चमत्कारी फायदे। चित्र: शटरस्‍टॉक

एक अध्ययन के अनुसार, करक्यूमिन एक प्रोटीन के उत्पादन को कम करता है जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को समय के साथ काम करता है। यदि आप इस सुनहरे मसाले को करी में डालना चाहते हैं या गर्म दूध में पीना चाहते हैं, तो मैडम यह सबसे अच्‍छा उपाय होगा हल्‍दी के सेवन का।

2. साग खाइए

अगर अपने बचपन के फेवरिट कार्टून कैरेक्‍टर्स की तरह आपको भी स्‍वस्‍थ, बुद्धिमान और एक्टिव बनना है, तो सबसे आसान है कि अपने आहार में हरी सब्जियां शामिल करें। इनमें भी सबसे खास पालक। यह मैग्नीशियम से भरपूर है। इसके साथ ही यह आयरन का बेहतरीन स्रोत है।

पालक का हर रोज सेवन आपको ढेर सारे सेहत लाभ देता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

शोध बताते हैं कि जिनके शरीर में हाई इंफ्लामेशन होती है, उनमें अक्सर मैग्नीशियम की कमी पाई जाती है। इसलिए यह और भी जरूरी है कि आप अपने आहार में हरा साग शामिल करें। इसमें मौजूद सूक्ष्‍म पोषक तत्‍व आपके समग्र स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद है।

3. अधिक व्यायाम करें

यदि आप मोटे हैं, तो आपके शरीर में ज्‍यादा इंफ्लामेशन होने का जोखिम रहता है। लेकिन परेशान न हों, क्योंकि आप अपनी शारीरिक गतिविधियां बढ़ा कर अपने शरीर में इंफ्लामेशन को कंट्रोल कर सकते हैं।

मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट एंड एक्सरसाइज में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि सबसे कम गतिशील लोगों में सबसे ज्‍यादा इंफ्लामेशन थी, भले ही उनका वजन कम क्यों न हो।

4. तनाव से दूर रहें

यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो तुरंत तनावग्रस्त हो जाते हैं, तो आपको इसे ध्यान से पढ़ना चाहिए। ब्रेन, बिहेवियर और इम्युनिटी नामक पत्रिका में एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों को तनावपूर्ण कार्यों के लिए एक मजबूत भावनात्मक प्रतिक्रिया होती है, वे इंटरलेयुकिन -6 में वृद्धि का अनुभव करते हैं, जो तनावपूर्ण समय के दौरान हाई इंफ्लामेशन का संकेत है।

तनाव कई शारीरिक समस्‍याओं को भी जन्‍म देता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर क्रिस्टोफर पी. कैनन के अनुसार, “तनाव से रक्तचाप और हृदय गति बढ़ जाती है, जिससे आपकी रक्त वाहिकाएं कड़ी मेहनत करती हैं। अनिवार्य रूप से, आप उन पर अधिक बार पाउंडिंग कर रहे हैं और नुकसान पैदा कर रहे हैं। यदि यह क्षति बार-बार होती है, तो इंफ्लामेशन बनी रहती है। ”

तो सखियों, ज्‍यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। बस इन चीजों का ध्‍यान रखें और अपने शरीर में इंफ्लामेशन को कंट्रोल करें।

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