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डिजिटल कनैक्टिविटी आपकाे बना सकती है कंप्‍यूटर विजन सिंड्रोम का शिकार, जानिए क्‍या है यह

गैजेट्स इस वक्त हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं। चाहें काम हो, मनोरंजन हो या अपनो से जुड़ने का माध्यम, टेक्नोलॉजी हमारे जीवन का अभिन्न अंग हो चुकी है।
Updated On: 10 Dec 2020, 12:21 pm IST
हर समय की थकान से परेशान हैं? चित्र : शटरस्टॉक

ऑनलाइन गैजेट्स जैसे मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप पिछले कुछ समय में हमारे जीवन में कुछ ज्यादा ही महत्वपूर्ण हो गए हैं। बच्चों की ऑनलाइन क्लास हों या आपका वर्क फ्रॉम होम, स्क्रीन के सामने बैठने का वक्त तो सभी का बढ़ा है। इसका दुष्प्रभाव हमारी आंखों पर हो रहा है।

कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के कारण हम टेक्निकल गैजेट्स पर जरूरत से ज्यादा आश्रित हो गए हैं। जिससे हमारी आंखों पर दबाव बनता है, जिसे डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम(CVS) कहते हैं।

‘आई हेल्थ केयर एंड ऑनलाइन प्रैक्टिस ड्यूरिंग कोविड-19’ नामक एक वेबिनार में इस विषय पर चिंता जताई गई। आई केयर आई हॉस्पिटल के सीईओ और HOD डॉ सौरभ चौधरी बताते हैं,”यह एक नई समस्या है जो ज्यादा समय तक स्क्रीन के सामने बैठने के कारण होती है। फोकस करने में समस्या, आंखों में जलन और लालामी इसके प्रमुख लक्षण हैं।”

यह आदत है आपकी कमजोर होती आंखों का कारण। चित्र :
शटरस्टॉक

क्या है कंप्यूटर विजन सिंड्रोम?

यह एक नई बीमारी है जो स्क्रीन्स पर लगातार काम करने के कारण सामने आ रही है। आंखों का कमजोर होना अलग रखा जाए, तो भी कंप्यूटर और मोबाइल पर ज्यादा वक्त बिताना आपकी आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है।

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इसका कारण यह है कि जब हम स्क्रीन देखते हैं, तो हम अपनी आंखें सामान्य से कम झपकाते हैं। उससे आंखें सूखने लगती हैं और खुजली और जलन जैसी समस्या होती हैं। हर वक्त सूखा रहने पर आंखें आगे चलकर ड्राई आइज की समस्या खड़ी कर सकती हैं। जिसमें आपकी आंखों को नम रखने वाला जेल पूरी तरह सूख जाता है। इससे आपको हर वक्त आंखों में ड्राप डालते रहना पड़ेगा और खुजली हर वक्त होगी।

CVS बच्चों में आंखों की रोशनी भी छीन सकता है।

कोविड-19 महामारी के दौरान बढ़ रहा है कंप्यूटर विजन सिंड्रोम। चित्र: शटरस्‍टॉक ।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

दिवाकर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ G. V. दिवाकर इस वेबिनार के दौरान बताते हैं, “स्टडीज के अनुसार फोन और कंप्यूटर के इस्तेमाल का समय इस महामारी के दौरान 75 प्रतिशत बढ़ गया है। यही कारण है कि सभी में CVS के लक्षण नजर आ रहे हैं।”
वह कहते हैं,” बहुत देर तक स्क्रीन के आगे बैठने से सर दर्द, लाल आंखें और ठीक से दिखाई न पड़ना जैसी समस्या हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में यह पास और दूर की नजर कमजोर भी कर सकता है।”

सर में अक्सर दर्द रहना कमजोर आंखों की निशानी है। चित्र- शटरस्टॉक।

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं 20-20-20

यह 20-20-20 के नियम के अनुसार आपको हर 20 मिनट पर 20 मीटर दूर किसी भी वस्तु को 20 सेकंड तक देखना है। इससे क्या होगा? हम बताते हैं।
जब आप लगातार पास रखी स्क्रीन को देख रही होती हैं तो आपकी आंखों पर बहुत दबाव पड़ रहा होता है। पास की किसी भी वस्तु को देखने पर आंखें ज्यादा थकती हैं, बजाय दूर की वस्तु देखने में। जब आप हर 20 मिनट पर ब्रेक लेंगी, आप अपनी आंखों को रिलैक्स करेंगी। इससे आंखे कमजोर नहीं होंगी।

यह भी ध्यान रखें

डॉ चौधरी कहते हैं, “बच्चों की ऑनलाइन क्लास के कारण उनकी आंखों पर सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ रहा है। कोशिश करें कि बच्चा हर क्लास के बाद कम से कम 15 मिनट का ब्रेक ले, जिसमें वह किसी स्क्रीन के सामने न आये। ब्रेक का अर्थ यह नहीं है कि मोबाइल छोड़ कर बच्चा टीवी देखने लगे।”
आपकी आंखे अनमोल हैं। इनका खास ख्याल रखना आपकी जिम्मेदारी है

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लेखक के बारे में
विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।

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