पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

परिवार में तीन घंटे में फैल सकता है कोरोना वायरस, रहना होगा ज्यादा सावधान!

यह नया शोध आपको थोड़ा परेशान कर सकता है, जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस परिवार के सदस्यों के बीच ज्या‍दा तेजी से फैलता है। यानी घर पर आपको बाहर से ज्यादा डिस्टेंसिंग मेंटेन करनी पड़ेगी।
Updated On: 10 Dec 2020, 01:10 pm IST
घर के माहौल में तीन घंटे तक जिंदा रह सकता है कोरोना वायरस। चित्र: शटरस्‍टॉक

भारत में भी अब कोरोना वायरस के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। निश्चित ही इससे बचने के लिए आप बाहर जाने से पहले तमाम जरूरी इंतजामात करती होंगी। पर क्या आप जानती हैं कि यह बाहर के व्यक्तियों से ज्यादा तेजी से एक ही परिवार के बीच फैलता है। यह नया शोध आपको इसी खतरे के प्रति आगाह करता है।

ये है नया कोरोना वायरस

द लैंसेट नामक पत्रिका में प्रकाशित एक ताजा शोध में यह सामने आया है कि SARS-CoV-2 यानी नया कोरोनावायरस पुराने सार्स वायरस के मुकाबले घर के सदस्यों के बीच ज्यादा तेजी से फैलता है। और सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि इसके लक्षण पहले से मालूम नहीं चलते। जब व्यक्ति संक्रमित हो जाता तभी इसके लक्षण सामने आते हैं।

शोध में कहा गया है कि संक्रमित व्यक्ति के श्वास से निकली बूंदें घर के वातावरण में हवा में मौजूद रहती हैं। यह एक ही परिवार में साथ रहने वाले लोगों को जल्दी -जल्दी संक्रमित करती हैं।

बदल रहा है प्रारूप

ज्यादातर वायरस म्यूटेट करते हैं, यानी वे अपना चरित्र बदलते रहते हैं। ऐसे में उन्हें समझ पाना और उसका इलाज थोड़ा ज्या‍दा जटिल हो जाता है। ऐसा ही कोरोनावायरस के साथ भी हो रहा है। यह म्यूटेट कर रहा है। म्यूटेशन के बाद SARS-CoV-2 ज्यादा खतरनाक हुआ है और अब यह एक साथ रहने वाले लोगों को ज्यादा तेजी से संक्रमित कर रहा है।

कोरोना वायरस से बचने के लिए आपको घर के भीतर भी जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए। चित्र : शटरस्‍टॉक

क्या है फर्क

लैंसेट नामक पत्रिका में प्रकाशित शोध में कहा जा रहा है कि नया कोरोनावायरस सार्स (Severe Acute Respiratory Syndrome) और एमईआरएस (Middle East respiratory syndrome) की तुलना में घरों में ज्यादा आसानी से फैल सकता है। अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के शोधकर्ताओं की मानें तो यह नया कोरोनावायरस (SARS-COV-2) घर के माहौल में तीन घंटे तक सक्रिय रहता है।

शोध के लिए चीन के आंकड़ें किए गए इस्तेमाल

शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए चीन के गुवांगझोऊ शहर में कोरोना वायरस के 349 मरीजों और उनके संपर्क में आने वाले उनके 1,964 परिजनों के आंकड़े इकट्ठे किए गए। इससे उन्होंने सेकेंडरी अटैक रेट का आकलन किया। इसमें यह पता लगाया गया कि संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में यह वायरस कितनी तेजी से फैलता है।

सीनियर सिटीजन को ज्यादा खतरा

शोधकर्ताओं का मानना है कि एक ही परिवार में कई उम्र के लोग साथ रहते हैं। पर इनमें भी उम्र दराज लोगों में इसके प्रति ज्यादा जोखिम होता है। तब और भी जब उनमें वे लक्षण दिखाई न दे रहे हों।

परिवार के सदस्यों के बीच इस वायरस के फैलने का जोखिम 39 प्रतिशत और साथ रहने वालों में 41 प्रतिशत बताया गया। वहीं 60 वर्ष या उससे ज्यादा आयु वाले लोगों के बीच इसका जोखिम और भी ज्यादा बढ़ जाता है। पर जो लोग 20 वर्ष या उससे कम उम्र के हैं, उनमें इसके फैलने का जोखिम सबसे कम देखा गया।

यह भी पढ़ें- क्या कपड़ों और जूतों के साथ भी घर आ सकता है कोरोना वायरस, जानें क्या‍ कहते हैं विशेषज्ञ

घर में भी जरूरी है फि‍जिकल डिस्टेंसिंग

शोधकर्ताओं की स्पष्ट चेतावनी है कि ऐसी स्थिति में पारिवारिक सदस्यों के बीच फि‍जिकल डिस्टेंसिंग की जरूरत और भी ज्यादा है। अगर समय रहते यह पता चल जाए कि परिवार का कोई सदस्य संक्रमित है, तो उससे उचित दूरी का पालन करना जरूरी है। इससे कोरोनावायरस की सेकेंडरी अटैक चैन को तोड़ा जा सकता है।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

संबंधित विषय:
लेखक के बारे में
योगिता यादव

योगिता यादव एक अनुभवी पत्रकार, संपादक और लेखिका हैं, जो पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी मीडिया जगत में सक्रिय हैं। फिलहाल वे हेल्थ शॉट्स हिंदी की कंटेंट हेड हैं, जहां वे महिलाओं के स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी सामग्री का संयोजन और निर्माण करती हैं। योगिता ने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, जी मीडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वे 'हेल्दी ज़िंदगी' नाम का उनका हेल्थ पॉडकास्ट खासा लोकप्रिय है, जिसमें वे विशेषज्ञ डॉक्टरों और वेलनेस एक्सपर्ट्स से संवाद करती हैं।

अगला लेख