Chin Hair : ठोड़ी पर बाल आना हो सकता है शरीर में होने वाले इन बदलावों का संकेत, जानिए इनसे छुटकारा पाने के उपाय
अंदर क्या है
- ठोड़ी पर बाल उगने के कारण।
- कब ध्यान देने की है जरूरत ?
- ठोड़ी के बाल हटाने के तरीके।
बाल हम सभी के शरीर पर होते है। जेंडर, उम्र और स्थितियों के आधार पर इनकी ग्रोथ अलग-अलग हो सकती है। अपनी स्किन को सॉफ्ट और स्मूद बनाए रखने के लिए अनवांटेड हेयर रिमूवल लड़कियों में एक सामान्य प्रैक्टिस है। मगर कई बार शरीर के कुछ हिस्सों में होने वाली हेयर ग्रोथ आपके शरीर में चल रहे बदलावों की तरफ भी इशारा करती है। ठोड़ी या चिन पर बाल आना ऐसा ही एक संकेत है। आइब्रो और अपर लिप पर बाल आना नॉर्मल है लेकिन चिन पर बाल उगना नॉर्मल नहीं है। आइए एक एक्सपर्ट से जानते हैं लड़कियों में चिन हेयर के कारण और उनसे छुटकारा पाने के उपाय।
लड़कियां चेहरे पर थ्रेडिंग, वैक्सिंग या शेविंग करती हैं ताकि अनचाहे बालों से छुटकारा मिल जाए। आइब्रो, माथे या अपर लिप्स से अलग चिन पर उगने वाले लंबे काले और सख्त बाल आपकी खराब सेहत की तरफ इशारा करते हैं।
ठोड़ी पर बाल उगने के संभावित कारण
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट दिल्ली में ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजी डिपार्टमेंट में यूनिट हेड एंड सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. पूनम अग्रवाल कहती हैं कि “अक्सर महिलाओं में चिन यानी ठोड़ी पर अधिक बाल आने को लेकर सवाल रहता है कि क्या इसका संबंध पीरियड्स से है? तो ठोड़ी पर बाल और पीरियड्स के बीच संबंध हो सकता है, खासकर अगर ठोड़ी पर ज्यादा बाल उगने लगें। इसे हिर्सुटिज़्म कहा जाता है, जो हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है।
आमतौर पर यह समस्या तब होती है जब महिलाओं के शरीर में एंड्रोजन या मेल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोनल बदलाव पीरियड्स के अनियमित होने से भी जुड़ा हो सकता है। इसके मुख्य कारण हैं:
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS):
यह एक सामान्य कारण है, जिसमें ठोड़ी पर बाल बढ़ने के साथ-साथ पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। साथ ही वजन बढ़ सकता है और चेहरे पर भी मुंहासे हो सकते हैं। PCOS में ओवरीज़ में छोटे-छोटे सिस्ट बनते हैं, जो हार्मोनल असंतुलन का कारण बनते हैं।
अड्रेनल ग्लैंड की समस्याएं
ट्यूमर, हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकती हैं, जिससे शरीर में अलग अलग तरह के बदलाव हो सकते हैं। आवाज़ गहरी हो सकती है, चेहरे पर बाल बढ़ सकते हैं और वजन बढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त, ये स्थितियां मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे थकान, मूड में बदलाव और एनर्जी की कमी महसूस हो सकती है। सही पहचान और उपचार से इन लक्षणों को प्रबंधित किया जा सकता है।
लेट-ऑनसेट कॉन्जेनिटल अड्रेनल हाइपरप्लासिया (CAH):
इसमें अड्रेनल ग्लैंड पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाता, जिससे एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। यह स्थिति अक्सर टीनएज या वयस्कता में सामने आती है, और इसके लक्षणों में चेहरे के बाल, बाॅडी मसल्स का बढ़ना, और पीरीयड्स में बदलाव शामिल हो सकते हैं। सही उपचार से इसके लक्षणों को प्रबंधित किया जा सकता है।
कुशिंग रोग:
कुशिंग रोग में हाई कोर्टिसोल स्तर के कारण शरीर में फैट असामान्य ढंग से इकट्ठा होता है, विशेषकर चेहरे और पेट के आसपास। इसके अतिरिक्त, यह मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे अवसाद और एंग्जाइटी, का भी कारण बन सकता है। यदि समय पर पहचान और उपचार नहीं किया गया, तो यह गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
दवाएं:
कुछ दवाएं, जैसे एनोबॉलिक स्टेरॉयड, टेस्टोस्टेरोन, और साइकोस्पोरिन (जो एक इम्यूनोसप्रेसेंट है), चेहरे के बालों को बढ़ाने का साइड इफेक्ट दे सकती हैं।”
कब हो जाना चाहिए सचेत
डॉ. पूनम आगे बताती हैं कि चेहरे पर बाल होना सामान्य है, जिसमें ठोड़ी और होंठ के उपर का क्षेत्र भी शामिल है। महिलाओं में शरीर या चेहरे पर अधिक बालों को हिर्सुटिज्म कहा जाता है। यह दक्षिण एशियाई, भूमध्यसागरीय या मध्य पूर्वी जातियों में अधिक सामान्य है।
सामान्य चेहरे के बालों और हिर्सुटिज्म के बीच अंतर बालों के रंग, घने होने और बनावट में होता है। हिर्सुटिज्म में बाल मोटे, कड़े और गहरे होते हैं। यह एन्ड्रोजन का अधिक उत्पादन होने के कारण हो सकता है।
चेहरे के बालों के पैटर्न में अचानक बदलाव का मतलब हो सकता है कि आपके शरीर में कुछ बदल गया है। यह हार्मोनल असंतुलन, किसी चिकित्सा स्थिति या दवाओं के साइड इफेक्ट का संकेत दे सकता है।
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ठोड़ी के बालों से छुटकारा पाने के कुछ टिप्स
हालांकि ठोड़ी के बाल सामान्य समस्या हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह असुविधाजनक और शर्मिंदगी का कारण हो सकता है। अनचाहे चेहरे के बालों को हटाने के कई तरीके हैं जैसे:
1. लेजर हेयर रिमूवल:
एक प्रक्रिया है, जिस में लेजर तकनीक का उपयोग करके बालों की जड़ों को नष्ट किया जाता है, जिससे बालों की ग्रोथ में कमी आती है। यह आमतौर पर दर्द रहित होता है और कई सेशन के बाद स्थायी परिणाम मिल सकते हैं।
2. प्रिस्क्रिप्शन क्रीम:
एक क्रीम है जो डाॅक्टर द्वारा प्रेस्क्राइब्ड होती है। बालों के बढ़ने को धीमा करने में मदद करती है। यह क्रीम नियमित उपयोग के साथ बालों की ग्रोथ की गति को कम करने में सहायक होती है। इसे चेहरे के बालों के लिए सुरक्षित माना जाता है और यह चिकित्सकीय रूप से प्रभावी है।
3. वैक्सिंग:
इस से बाल जड़ से निकल जाते हैं, जिससे लंबे समय तक चिकनी त्वचा मिलती है। हालांकि, सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के लिए यह थोड़ा असहज हो सकता है, लेकिन इसके परिणाम अधिकतर संतोषजनक होते हैं।
4. शेविंग:
एक सामान्य तरीका है, और यह एक मिथक है कि इससे बाल मोटे होकर वापस आते हैं। ध्यान रखें की लड़कियों के चेहरे के लिए बाजार में अलग से रेजर मौजूद हैं। उनका प्रयोग करें।
5. ट्वीज़िंग:
एक सटीक तरीका है, विशेषकर छोटी मात्रा में बालों के लिए। इसमें आप एक प्लकर या चिमटी से बालों को जड़ से खींच कर बाहर निकाल देते हैं। बालों को एक-एक करके हटाया जाता है, जिससे अधिक नियंत्रण और सटीकता मिलती है। यह विधि छोटी मात्रा में अनचाहे बालों को हटाने के लिए आदर्श है।
6. एपिलेशन:
इसमें विशेष उपकरणों का उपयोग करके बालों को जड़ से हटाया जाता है, जिससे त्वचा लंबे समय तक चिकनी रहती है। यह प्रक्रिया हल्की दर्दनाक हो सकती है, लेकिन इसके परिणाम अधिक समय तक रहते हैं। एपिलेशन के बाद त्वचा को सॉफ्ट और रेशमी महसूस होता है, जिससे इसे पसंद किया जाता है।
7. डिपिलेटरी क्रीम:
इस में कैमिकल्स होते हैं जो बालों के प्रोटीन को तोड़ते हैं, जिससे उन्हें आसानी से हटाया जा सकता है। यह प्रक्रिया तेज़ और आरामदायक होती है, और इसे घर पर भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को पहले पैच टेस्ट करना चाहिए, क्योंकि क्रीम त्वचा में जलन पैदा कर सकती है।
8. थ्रेडिंग:
एक पारंपरिक विधि है जिसमें एक पतली सूती धागे का उपयोग करके बालों को जड़ से निकाला जाता है। यह तकनीक चेहरे के लिए बहुत सटीक है और आकार देने में मदद करती है, जैसे भौंहों को डिज़ाइन करना। थ्रेडिंग के बाद त्वचा अक्सर थोड़ी लाल हो सकती है, लेकिन यह जल्दी ठीक हो जाती है और परिणाम लंबे समय तक टिकते हैं।
9. इलेक्ट्रोलिसिस:
एक मेडिकल ट्रीटमेंट है जिसमें हल्के करंट का उपयोग करके बालों की जड़ों को नष्ट किया जाता है। यह विधि सभी प्रकार के बालों और त्वचा पर प्रभावी होती है और इसके परिणाम स्थायी होते हैं। हालांकि, यह प्रक्रिया समय ले सकती है, क्योंकि हर बाल के लिए अलग-अलग सेशन की आवश्यकता होती है।
इन तरीकों में से जो भी आपके लिए सबसे उपयुक्त हो, उसे चुन सकते हैं। इस सब के बीच आपका यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आप हर रूप में बेहद खूबसूरत हैं।
अगर किसी महिला को ठोड़ी पर अधिक बाल आ रहे हैं और साथ में पीरियड्स अनियमित हैं, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर हार्मोन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाना जरूरी है ताकि सही कारण पता चले और समय पर इलाज किया जा सके।
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