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High cholesterol in children : बच्चों के लिए घातक हो सकता है कोलेस्ट्रॉल लेवल का बढ़ना, जानिए इसके बारे में सब कुछ

शरीर के कुछ कार्यों के लिए कोलेस्ट्रॉल जरूरी है, पर इसकी अधिकता हृदय रोग सहित कई रोगों का जोखिम बढ़ा देती है। इन दिनों बच्चों या किशोरों में भी हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल की समस्या खूब देखी जा रही है। जानते हैं इसके कारण और उपचार के उपाय।
Published On: 3 Apr 2024, 09:30 am IST
मेडिकली रिव्यूड
मोटापा, डायबिटीज, किडनी डिजीज और कुछ थायरॉयड रोग भी बच्चों और किशोरों में हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकते हैं। चित्र: अडोबी स्टॉक

कोलेस्ट्रॉल वैक्स जैसा फैट है, जो शरीर की सभी कोशिकाओं में पाया जाता है। लिवर कोलेस्ट्रॉल बनाता है। यह कुछ खाद्य पदार्थों, जैसे रेड मीट और डेयरी प्रोडक्ट में भी पाया जाता है। शरीर को ठीक से काम करने के लिए कुछ कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है, लेकिन अधिकता स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ाती है। इन दिनों बच्चे या किशोर में हाई कोलेस्ट्रॉल के मामले खूब देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि बच्चे या किशोर के ब्लड में हाई कोलेस्ट्रॉल ( high cholesterol in children) है, तो उन्हें कोरोनरी आर्टरी डिजीज और अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

क्या हैं कारण (High cholesterol level causes)

बच्चों और किशोरों में हाई कोलेस्ट्रॉल की पीछे तीन मुख्य कारक योगदान दे सकते हैं

1 अनहेल्दी डाइट-ऐसा आहार, जिसमें वसा की मात्रा अधिक हो
2 हाई कोलेस्ट्रॉल का पारिवारिक इतिहास। जब एक या दोनों माता-पिता में हाई कोलेस्ट्रॉल हो
3 कुछ बीमारियां, जैसे कि मोटापा, डायबिटीज, किडनी डिजीज और कुछ थायरॉयड रोग भी बच्चों और किशोरों में हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकते हैं।

आमतौर पर ऐसे कोई संकेत या लक्षण नहीं मिलते हैं जिससे पता चल सके कि बच्चे या किशोर को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है।

कैसे किया जाता है बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल का निदान (Cholesterol diagnosis in children) 

कोलेस्ट्रॉल लेवल मापने के लिए ब्लड टेस्ट होता है। टेस्ट इसके बारे में जानकारी दे सकता है:

टोटल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol) – ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की कुल मात्रा का एक माप। इसमें लो डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) कोलेस्ट्रॉल और हाई डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल दोनों शामिल हैं।
एलडीएल (Bad Cholesterol) – कोलेस्ट्रॉल निर्माण और आर्टरी में रुकावट का मुख्य स्रोत
एचडीएल (Good cholesterol) – एचडीएल आर्टरी से कोलेस्ट्रॉल हटाने में मदद करता है
नॉन –एचडीएल (Non HDL) – यह संख्या कुल कोलेस्ट्रॉल में एचडीएल को घटाकर निकाला जाता है। नॉन-एचडीएल में एलडीएल और अन्य प्रकार के कोलेस्ट्रॉल जैसे वीएलडीएल (बहुत कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन) शामिल हैं।
ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) – ब्लड में वसा का एक अन्य रूप जो हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकता है

कोलेस्ट्रॉल का हेल्दी लेवल (healthy level of cholesterol level)

19 वर्ष या उससे कम उम्र के किसी भी व्यक्ति के लिए कोलेस्ट्रॉल का हेल्दी लेवल है

कुल कोलेस्ट्रॉल (total cholesterol)- 170 mg/dL से कम
नॉन –एचडीएल (Non HDL)- 120 mg/dL से कम
एलडीएल (LDL)- 100 mg/dL से कम
एचडीएल (HDL)- 45एमजी/डीएल से अधिक

हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (High cholesterol level test)

बच्चे या टीन को कब और कितनी बार यह टेस्ट करवाना चाहिए, यह उसकी उम्र, जोखिम कारकों और पारिवारिक इतिहास पर निर्भर करता है।
बच्चों का पहला परीक्षण 9 से 11 वर्ष की आयु के बीच होना चाहिए।
बच्चों का हर 5 साल में दोबारा टेस्ट होना चाहिए।
यदि हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल, दिल का दौरा या स्ट्रोक का पारिवारिक इतिहास है, तो कुछ बच्चों का यह परीक्षण 2 साल की उम्र से भी शुरू हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों को सीमित करना शामिल है, जिनमें सैचुरेटेड फैट, एडेड शुगरऔर ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है। चित्र : अडोबी स्टॉक

क्या हैं ट्रीटमेंट (High cholesterol level treatment)?

बच्चों और किशोरों में हाई कोलेस्ट्रॉल ट्रीटमेंट जीवनशैली में बदलाव है। इन उपायों से कोलेस्ट्रॉल लेवल संतुलित किया जा सकता है।

1 अधिक सक्रिय होना (more active)

इसमें नियमित व्यायाम और लगातार बैठे रहने में कमी की जा सकती है। टेलीविजन के सामने, कंप्यूटर, फोन या टैबलेट पर समय बिताना शामिल हो सकता है।

2 पौष्टिक भोजन (nutritious food)

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों को सीमित करना शामिल है, जिनमें सैचुरेटेड फैट, एडेड शुगरऔर ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है। भरपूर मात्रा में ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाना भी महत्वपूर्ण है।

3 वजन कम करना (Weight loss)

यदि बच्चा या किशोर अधिक वजन वाला है या वह मोटापे से ग्रस्त है, तो उसे वेट लॉस की कोशिश करनी होगी।
यदि परिवार में हर सदस्य यह बदलाव करना चाहता है, तो बच्चे या किशोर के लिए उनका पालन करना आसान हो जाएगा। यह आपके और आपके परिवार के बाकी सदस्यों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का भी एक अवसर है।

यदि बच्चा या किशोर अधिक वजन वाला है या वह मोटापे से ग्रस्त है, तो उसे वेट लॉस की कोशिश करनी होगी। चित्र : अडोबी स्टॉक

कोलेस्ट्रॉल की दवा (medicine for high Cholesterol)

कभी-कभी जीवनशैली में बदलाव बच्चे या किशोर के कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं होते हैं। इसलिए हेल्थकेयर प्रोवाइडर बच्चे या किशोर को कोलेस्ट्रॉल की दवा देने पर विचार कर सकता है यदि यह :

.कम से कम 10 साल पुराना है।
.छह महीने के आहार और व्यायाम में बदलाव के बाद भी एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल का स्तर 190 मिलीग्राम/डीएल से अधिक रहता है।
. एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल का स्तर 160 मिलीग्राम/डीएल से अधिक (high cholesterol in children) है और हृदय रोग के लिए हाई रिस्क है।
. हाई कोलेस्ट्रॉल जेनेटिक है।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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