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बिल्लियों में भी फैल रहा है बर्ड फ्लू, जानिए इंसानों के लिए ये कितना घातक हो सकता है

बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, यह न केवल पक्षियों को, बल्कि मनुष्यों और अन्य जानवरों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। इसके अधिकांश रूप पक्षियों तक ही सीमित हैं। मगर अब यह बिल्लियों में भी फैल रहा है। H5N1 बर्ड फ्लू सबसे आम है।
Published On: 4 Mar 2025, 12:00 pm IST
बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा एक वायरल संक्रमण है जो आमतौर पर पक्षियों को प्रभावित करता है। चित्र- अडोबी स्टॉक

अब तक सिर्फ मुर्गियों में फैल रहा बर्ड फ्लू अब पालतू जानवरों तक भी पहुंचने लगा है। ताजा मामला मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा का है, जहां बर्ड फ्लू से 18 पालतू बिल्लियों की मौत हो चुकी है। इस खबर के बाद से प्रशासन में हड़कंप मच गया. बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। (Bird flu in cats) एक महीने के लिए सभी चिकन-मटन और अंडे खरीदने और बेचने वाली दुकानों को बंद करा दिया गया है। जिन क्षेत्रों में यह वायरस फैला है वहां की सभी दुकानें सील कर दी गई हैं। लेकिन क्या आपको ये पता है कि यदि यह वायरस लोगों में फैल जाए तो क्या नुकसान हो सकते हैं।

H5N1 बर्ड फ्लू सबसे आम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा H5N1 वायरस सबसे पहले साल 1997 में मनुष्यों में पाया गया था जिससे लगभग 1,000 जानें गई थीं। फिलहाल, यह वायरस इंसानों के बीच संपर्क के ज़रिए नहीं फैलता है। फिर भी, विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है कि H5N1 इंसानों के लिए महामारी का ख़तरा बन सकता है।

अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर की कंसलटेंट जनरल फिजिशियन डॉ. अंकित पटेल बताती हैं कि, बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, एक वायरल संक्रमण है जो पक्षियों में पाया जाता है, लेकिन यह मनुष्यों में भी फैल सकता है। बर्ड फ्लू के लक्षणों में उच्च बुखार, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, सिरदर्द, और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं गंभीर मामलों में, बर्ड फ्लू निमोनिया, एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम और यहां तक कि मृत्यु का कारण भी बन सकता है। बर्ड फ्लू का संक्रमण पक्षियों से मनुष्यों में फैलता है, जब लोग संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आते हैं या संक्रमित पक्षियों के मल-मूत्र के संपर्क में आते हैं। बर्ड फ्लू के (Bird flu in cats) वायरस को फैलाने वाले पक्षियों में शामिल हैं चिकन, बतख, मुर्गे, और अन्य प्रकार के पक्षी, इसके अलावा संक्रमित पक्षियों के मल-मूत्र, संक्रमित पक्षियों के शरीर के तरल पदार्थ, और संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से यह वायरस फैल सकता है।

वायरस खुद को अन्य वायरस के साथ जोड़ लेता है और अपना आरएनए छोड़ देता है। इसलिए इस वायरस के क्रिया कलापों पर लगातार निगरानी रखना जरूरी है। चित्र : अडोबी स्टॉक

बर्ड फ्लू फैलने के क्या कारण हैं?

वैसे तो बर्ड फ्लू के कई प्रकार हैं, लेकिन पहला वायरस है H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा जिसने इंसानों को संक्रमित किया। इसका प्रकोप संक्रमित पोल्ट्री की देखरेख से जुड़ा था। वैसे तो H5N1 जंगली पक्षियों (Bird flu in cats) से पाया जाता है, लेकिन यह आसानी से पालतू जानवरों और अन्य पक्षियों में भी फैल सकता है। यह बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक स्राव या मुंह और आंख से निकलने वाले स्राव के संपर्क में आने से मनुष्यों तक फैल सकती है। ठीक से पके हुए मांस या अंडे खाने से बर्ड फ्लू नहीं फैलता है, लेकिन अंडे कभी भी तरल रूप में नहीं खाना चाहिए।

बर्ड फ्लू के लक्षण

यदि आप सामान्य फ्लू जैसे लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो आपको H5N1 संक्रमण हो सकता है:

  1. तेज बुखार आना
  2. तेज सिरदर्द होना
  3. मांसपेशियों में ऐंठन
  4. खाँसी आना
  5. तेज नाक का बहना
  6. गले में तेज खरास होना
  7. दस्त लगना
  8. सांस लेने में तकलीफ होना
  9. बर्ड फ्लू के अन्य जोखिम कारण
  10. एक मुर्गीपालक किसान
  11. संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से
  12. अधपका अंडा व मुर्गी खाने वाले लोग
  13. बर्ड फ्लू से संक्रमित रोगी की देखभाल करने वाला अटेंडर
    संक्रमित व्यक्ति के घर वाले

बर्ड फ्लू का इलाज

  1. फ्लू वायरस को शरीर में फैलने से रोकने के लिए एंटीवायरल इलाज में कारगर होती हैं। ये दवाएं उस समय सबसे (Bird flu in cats) अच्छा काम करती हैं जब लक्षण दिखने पर इन्हें तुरंत लेना शुरू कर दिया जाता है।
  2. इन दवाओं में ज़ानामिविर, ओसेल्टामिविर या पेरामिविर शामिल हो सकती हैं।
  3. ओसेल्टामिविर को मुंह से लेने वाली दवाई है। ज़ानामिविर को इन्हेलर के जैसी डिवाइस के रूप में सांस के ज़रिए अंदर लिया जाता है। पेरामिविर को नस में इंजेक्शन के तौर पर दिया जाता है।
  4. अगर आपको बर्ड फ्लू है, तो अन्य लोगों से दूरी बनाकर रखें, इससे बीमारी को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी।
  5. यदि आप जांच रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं तब तक लोगों से दूर रहें। यदि आपको बर्ड फ़्लू है, तो डॉक्टर उन लोगों के लिए भी जांच का सुझाव दे सकते हैं जो आपके लक्षणों के समय आपके निकट संपर्क में थे। इसके अलावा डॉक्टर उन लोगों को एंटीवायरल दवा दे सकते हैं जो बर्ड फ़्लू के संपर्क में आए थे और गंभीर बीमारी की चपेट में हैं।
बर्ड फ्लू से बचने के लिए जरूरी है कुछ बातों का ध्‍यान रखना। चित्र: शटरस्‍टॉक्‍

बर्ड फ्लू से रोकथाम

यदि आप पशुओं के साथ काम करते हैं तो बर्ड फ्लू से बचाव के लिए इन उपायों का पालन करें।

यदि आप ऐसी जगह जा रहे हैं जहां (Bird flu in cats) बर्ड फ्लू फैल रहा है, तो हो सके तो वहां के पोल्ट्री फार्म और पक्षी बाज़ारों से बचें। जानवरों को छूने के बाद साबुन और पानी से हाथ धोएं।
हर साल मौसमी फ्लू का टीका लगवाएं।

बीमार जानवरों के संपर्क में न आएं। जंगली या पालतू, पक्षियों से उन्हें दूर रखें ताकि वे कीटाणुओं से दूर रहें। ज़रूरत पड़ने पर आंख, नाक और मुंह में सुरक्षात्मक उपकरण पहनें। फ्लू के वायरस मुँह, नाक या आँखों के ज़रिए शरीर में प्रवेश करते हैं।

कच्चे मुर्गे, मांस या अंडे को धोने के लिए गर्म पानी का उपयोग करें। मांसाहारी भोजन को तब तक पकाएँ जब तक कि उसका आंतरिक न्यूनतम तापमान 165 F (74 C) न पहुंच जाए।

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लेखक के बारे में
रूबी शुक्ला

रूबी शुक्ला युवा हिंदी कंटेट क्रिएटर हैं। वे स्किन केयर, हेयर केयर, हेल्दी लाइफस्टाइल और पारंपरिक उपचार पद्धति के बारे में लिखती हैं।

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