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पोषण की कमी ही नहीं, कुछ आयरन ब्लाॅकर्स भी हो सकते हैं एनीमिया का कारण

Published On: 17 Jul 2022, 09:30 am IST
ज्यादातर भारतीय महिलाएं अपनी प्रजनन आयु में आयरन की कमी का सामना करती हैं। चित्र : शटरस्टॉक

आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के कई कारण होते हैं, लेकिन यह आमतौर पर अपर्याप्त आहार सेवन और/या खून की कमी का परिणाम होता है। मगर कई बार खानपान की कुछ गलत आदतों के कारण आप आयरन ब्लॉकर्स को भी साथ ले रही होती हैं। जो आयरन बनने की प्रक्रिया को बाधित करते हैं। आइए जानते हैं एनीमिया और आयरन ब्लॉकर्स के बारे में कुछ जरूरी तथ्य। 

आयरन की कमी वाले एनीमिक व्यक्ति को आम तौर पर आयरन सप्लीमेंट दिए जाते हैं। इसके अलावा डॉक्टर आपको आयरन रिच डाइट लेने की सलाह भी दे सकते हैं। 

हर दिन कितने आयरन की है जरूरत 

आयरन की आयडियल डेली डोज़ (आरडीए) व्यक्ति की उम्र और लिंग पर निर्भर करती है। 6 महीने से छोटे बच्चे की आवश्यकता है 0.27 मिलीग्राम है। जबकि 19-50 वर्ष की आयु के पुरुष को प्रतिदिन 8 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है। समान आयु वर्ग की महिलाओं को एक दिन में 18 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है। गर्भावस्था के दौरान, महिलाओं को अपने दैनिक आयरन का सेवन बढ़ाकर 27 मिलीग्राम प्रतिदिन करना चाहिए।

जब आयरन की कमी होने लगती है तब आपको इसकी खुराक और बढ़ानी चाहिए। तब प्रतिदिन 150-200 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता हो सकती है, या उनके शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम 2-5 मिलीग्राम की आवश्यकता होती है। हालांकि, खुराक का सुझाव अलग-अलग हो सकता हैं, क्योंकि शरीर आयरन की उच्च खुराक को कुशलता से अवशोषित नहीं कर पाता। इस बारे में आपको अपने डॉक्टर के परामर्श पर ही भरोसा करना चाहिए। 

अब समझिए एनीमिया का कारण

आहार में आयरन की कमी और भारी मासिक धर्म जैसे कई कारण एनीमिया की वजह हो सकते हैं।

पेट और आंतों में इन्टरनल ब्लीडिंग भी आयरन की कमी की वजह बन सकती है। इस प्रकार का रक्तस्राव कभी-कभी नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स ( NSAIDs ) का एक साइड इफेक्ट होता है। जिसे अल्सर, बड़ी आंत या अन्नप्रणाली में सूजन और कुछ कैंसरों के इलाज के लिए लिया जाता है।

आयरन डिफिशियंसी की वजह बन सकता है आयरन ब्लॉकर्स, चित्र:शटरस्टॉक

किन लोगों को हो सकता है ज्यादा जोखिम 

आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया कुछ लोगों के लिए अधिक जोखिम वाला होता है। गर्भवती, आंतों की सूजन वाली, बेरिएट्रिक सर्जरी कराने वाली, भारी मासिक धर्म वाली  और शाकाहारी महिलाओं को आयरन की कमी का ज़्यादा जोखिम हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर आपको आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं।

एनीमिक होने पर आयरन ब्लॉकर्स से बचें 

एनीमिया के इलाज के लिए आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना सबसे ज्यादा जरूरी है। आयरन की कमी होने पर यदि कुछ खास चीज़ों का सेवन किया जाए, तो शरीर को खाद्य पदार्थों से आयरन लेने में दिक्कत आती है। 

इन खाद्य पदार्थों को आयरन ब्लॉकर्स भी कहा जाता है। चाय और कॉफी, दूध और कुछ डेयरी उत्पाद, ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें टैनिन होते हैं, जैसे अंगूर, मक्का और शर्बत (sugar drinks), ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें फाइटेट या फाइटिक एसिड होता है, जैसे कि ब्राउन राइस और साबुत अनाज वाले गेहूं उत्पाद ऐसे ही आयरन ब्लॉकर्स हैं।

ये आयरन ब्लॉकर्स शरीर को आयरन के अवशोषण में बाधा पहुंचाते हैं। तो अगर आपको खाना खाने के बाद चाय या कॉफी पीने की आदत है, तो इसे आज ही बंद कर दें। 

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लेखक के बारे में
शालिनी पाण्डेय

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