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कोविड-19 टेस्ट करवाना है? यहां हैं वह सारी जानकारी जिसकी आपको जरूरत पड़ सकती है

कोरोनावायरस के मामले बढ़ने के साथ ही लोगों में कोविड टेस्ट के प्रति जागरुकता भी बढ़ रही है, पर अभी तक यह ज्यादातर के लिए रहस्य ही है कि इस टेस्ट में क्या होता है, हम आपके लिए यह रहस्य सुलझा रहे हैं।
Updated On: 10 Dec 2020, 01:01 pm IST
आरटी-पीसीआर में डेड कोविड सेल्स भी हो सकते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

भारत में कोविड-19 के मामले बहुत तेज़ी से बढ़ रहे हैं। उसके साथ ही बढ़ रहा है कोरोना का डर। खुद को सुरक्षित रखने का एक ही तरीका है, प्रीकॉशन्स लेना। सोशल डिस्टेंससिंग बनाएं, मास्क पहनें और सिम्पटम्स आने पर टेस्ट ज़रूर कराएं।

अनलॉक 2.0 के साथ लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं, जिसके कारण कोविड-19 के मामलों में लगातार बढ़त हो रही है। अगस्त तक मामले अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है। और समस्या यहीं खत्म नहीं होती, WHO ने हाल ही में कोविड-19 के एयरबोर्न होने की भी पुष्टि की है।

इस सबके बीच टेस्टिंग को लेकर हमारी जानकारी पर्याप्त नहीं। अगर आप टेस्ट करवाने जा रहे हैं, तो हम आपके प्रश्नों का जवाब देते हैं।

किसे करवाना चाहिए कोविड-19 का टेस्ट?

इंडियन कॉउन्सिल फोर मेडिकल रिसर्च के अनुसार जिस भी व्यक्ति को फ़्लू के लक्षण हो, उन्हें टेस्ट करवाना चाहिए। यह लक्षण हैं 100 डिग्री से अधिक बुख़ार, खांसी और टेस्ट या स्मेल न आना हैं। इन लक्षणों के नज़र आने पर तुरंत टेस्ट करवाएं।

अगर फ्लू के लक्षणों के साथ गंध और स्‍वाद चला गया है, तो आपको टेस्‍ट करवाना चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक

कोविड-19 के संक्रमण के बाद भी कई बार लक्षण नजर नहीं आते। अगर आप किसी पॉज़िटिव व्यक्ति के कॉन्टेक्ट में आये हैं, तो आपको टेस्ट करवाना चाहिए।

कितने तरीकों से हो रहा है कोविड-19 का टेस्ट?

कोविड-19 टेस्ट के दो तरीके हैं-
पहला मॉलिक्यूलर टेस्टिंग जिसमें शरीर में वायरस की मौजूदगी का पता लगाया जाता है। इस टेस्ट में RT-PCR और एंटीजन बेस्ड टेस्ट किया जाता है।

दूसरा तरीका है सेरोलॉजिक टेस्ट। इस टेस्ट से यह पता चल सकता है कि आप अतीत में इन्फेक्टेड थे या नहीं।

रैपिड एंटीजन टेस्ट- इस टेस्ट से रिज़ल्ट्स सबसे तेजी से आते हैं। इसीलिए इस टेस्ट को एक्सपर्ट्स ऐसे मामलों में चुनते हैं जहां पेशेंट में कोविड-19 के लक्षण नजर आ रहे हों। अगर लक्षण होते हुए भी टेस्ट नेगेटिव आता है, तब उस व्यक्ति का RT-PCR टेस्ट किया जाता है।
RT-PCR टेस्ट के रिज़ल्ट्स 100 प्रतिशत मान्य होते हैं। जबकि रैपिड एंटीजन टेस्ट में एक्यूरेसी कम है।

एंटीबॉडी टेस्ट– ICMR द्वारा प्रमाणित एक और टेस्ट है एंटीबॉडी टेस्ट। एंटीबॉडी एक खास तरह का प्रोटीन है, जो हमारा इम्यू न सिस्टम किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए बनाता है। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के एंटीबॉडी पाए जाते हैं, तो इसका मतलब है वह व्यक्ति कोविड-19 वायरस से संक्रमित हो चुका है। मगर एंटीबॉडी संक्रमण के 2 से 3 हफ़्ते बाद ही बनती हैं। इस टेस्ट का इस्तेमाल हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए किया जाता है।

कैसे काम करते हैं यह टेस्ट?

RT-PCR टेस्ट में रिज़ल्ट्स पता चलने में 6 से 8 घण्टे लगते हैं। इस टेस्ट के लिए स्वैब की मदद से नाक और गले के अंदर से सैंपल लिया जाता है, जिसमें वायरस की मौजूदगी की जांच होती है।
एंटीजन बेस्ड टेस्ट में 30 मिनट में ही रिजल्ट्स मिल जाते हैं।

आपके कोविड पॉजिटिव होने के बावजूद स्‍वैब टेस्‍ट नेगेटिव आ सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

व्यक्ति कोविड-19 पॉज़िटिव है या नहीं जानने का यह सबसे फ़ास्ट टेस्ट है। इसमें वायरस में मौजूद प्रोटीन को डिटेक्ट किया जाता है।

SARS-CoV-2 एंटीबॉडी टेस्टिंग में ब्लड सैंपल में कोरोना वायरस के जवाब में बने एंटीबॉडी की मौजूदगी का टेस्ट किया जाता है।

कोविड-19 के बारे में हर दिन नई जानकारी आ रही है। ऐसे में सावधानी की आपका सबसे बड़ा हथियार है। अगर आपकी बॉडी में एंटीबॉडी मौजूद हैं तो भी प्रीकॉशन्स बरतें। मास्क लगाएं, समय-समय पर हाथ धोएं और सोशल डिस्टें सिंग का पालन करें।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

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लेखक के बारे में
Dr Yoginder Pal Singh

Dr Yoginder Pal Singh is the section head, Molecular Biology and HLA at SRL Diagnostics.

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