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इंसुलिन लेवल कंट्रोल रखना है तो अपने आहार में शामिल करें ये पहाड़ी दाल, बहुत आसान है रेसिपी

मधुमेह के शिकार लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्‍या होती है इंसुलिन लेवल का कभी भी बढ़ जाना या अचानक घट जाना। इससे बचने के लिए आप उत्‍तराखंड की लोकप्रिय गहत या कुल्‍थी की दाल खा सकते हैं।
Published On: 28 Apr 2021, 03:40 pm IST
कुल्‍थी की दाल डायबिटीज में फायदेमंद होती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

गहत की दाल खाने में स्वादिष्ट और पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। इस पहाड़ी दाल में दवाओं के भी कई गुण पाए जाते हैं। जिस वजह से ये कई बीमारियों के इलाज में भी कारगर मानी जाती है। ये इन्सुलिन के रेजिस्टेंस को कम करती है। वजन को नियंत्रित करती है और लिवर के लिए भी फायदेमंद होती है।

आयुर्वेद में भी बहुत खास है ये दाल

इस दाल के बारे में एक तथ्य यह भी है कि इसमें गुर्दे की पथरी को गलाने की ताकत होती है। आयुर्वेद के अनुसार अद्भुत गुणों से भरपूर गहत(कुल्थी) में पौष्टिक तत्वों की भरमार होती है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और कई तरह के विटामिन पाए जाते हैं।

आइए जानते हैं गहत (कुल्थी) की 100 ग्राम दाल में कितना होता है पोषण

कैलोरी फाइबर 321 किलो कैलोरी
प्रोटीन 22 प्रतिशत
कार्बोहाइड्रेट 57.2 प्रतिशत
कैल्शियम 287 प्रतिशत
फास्फोरस 311 एमजी
फैट 0.50 एमजी
आयरन 6.77 प्रतिशत
थियामिन 0.4 एमजी
राइबोफ्लेविन 0.2 एमजी
नियासिन 1.5 एमजी

कुल्थी दाल आपके स्वास्थ्य के लिए चमत्कार कर सकती है। चित्र-शटरस्टॉक।

यहां है आपके लिए गहत (कुल्थी) की दाल बनाने की आसान रेसिपी

इसके लिए आपको चाहिए 

250 ग्राम गहत(कुल्थी) दाल
आधा छोटा चम्मच हल्दी
1 छोटा चम्मच जीरा
एक चुटकी हींग
नमक स्वादानुसार
3 हरी मिर्च कटी हुई
धनिया 1 छोटा चम्मच
1 टमाटर कटा हुआ
गरम मसाला 1 छोटी आधी चम्मच
2 चम्मच तेल
पानी आवश्यकतानुसार

गहत की दाल को बनाने का तरीका

  1. गहत की दाल को रात भर भिगोएं।
  2. फिर सुबह उस दाल को एक लोटा पानी के साथ कुकर में डालें।
  3. उस कुकर में एक छोटी चम्मच तेल और आधा चम्मच नमक डालकर उबलने के लिए रख दें।
  4. अब दो सीटियों तक दाल पकने का इंतज़ार करें और बंद कर दें।
  5. फिर तड़का देने के लिए दो चम्मच तेल बर्तन में डालें और उसे गर्म होने दें।
  6. उसके बाद उसमें जीरा, हींग, कटी हुई हरी मिर्च, कटे हुए टमाटर, हल्दी, धनिया, गरम मसाला, स्वादानुसार नमक डालकर उसे भुनें।
  7. जब मसाला भूरे रंग का हो जाए तब उसे दाल में डाल दें।
  8. आवश्यकता अनुसार दाल में गर्म पानी डालकर उसे गर्म करें।
  9. अब आपकी गहत की दाल तैयार है।
  10. आखिर में दाल के ऊपर धनिया डाल कर उसे सर्व करें।
कुल्‍थी की दाल इंसुलिन के स्‍तर को कंट्रोल रखती है।चित्र: शटरस्‍टॉक

जानिए डायबिटीज में क्‍यों खानी चाहिए गहत (कुल्थी) की दाल

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी ने ये पाया है कि दिन में एक बार गहत की दाल खाने से डायबिटीज से गुजर रहे लोगों को लाभ मिलता है। इस दाल को डाइट में शामिल करने से इंसुलिन कम रहता है। जिससे शुगर लेवल अचानक से बढ़ता या कम नहीं होता है। डायबिटीज के मरीज इस दाल को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, लेकिन पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

पथरी में भी है फायदेमंद 

गहत की दाल पथरी के लिए अत्यंत लाभकारी होती है, क्योंकि गहत की दाल में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। जो कैल्शियम के जमाव को कम करने में मदद करते हैं।

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लेखक के बारे में
अंबिका किमोठी

योगा, डांस और लेखनी, यही सफर के साथी हैं। अपनी रचनात्‍मकता में देखूं कि ये दुनिया और कितनी प्‍यारी हो सकती है।

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