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तिब्बती उपचार के मुताबिक किडनी के दोस्त हैं ब्लैक फूड्स, जानिए कैसे पहुंचाते हैं फायदा 

यदि शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक किडनी को स्वस्थ रखना चाहती हैं, तो आज ही से अपनी डाइट में नियमित रूप से इन काले रंग के हेल्दी फूड्स को शामिल करें। 
Published On: 16 Aug 2022, 09:05 pm IST
पोषक तत्वों से भरपूर ब्लैड फूड्स खाने किडनी के रोगों से बचाव होता है। चित्र : शटरस्टॉक

किडनी हमारे शरीर का वह हिस्सा है, जो फिल्टर का काम करती है। यह ब्लड से टॉक्सिक सामग्री को यूरीन की मदद से शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है। इसके अलावा, यह ब्लड प्रेशर को बैलेंस करने और शरीर में केमिकल लेवल को संतुलित करने में भी मदद करती है। इसलिए किडनी का स्वस्थ होना जरूरी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ब्लैक फूड किडनी को कई रोगों से दूर रखकर स्वस्थ (Black foods benefits for kidney) बनाए रखते हैं।

ब्लैक फूड्स के बारे में क्या कहती है रिसर्च

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पबमेड के अनुसार, ब्लैक फूड किडनी को तंदुरुस्त रखने में मदद करते हैं। इसके लिए रेंडम क्रॉस ओवर स्टडी की गई। स्डडी के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि ड्राय ब्लैक बींस, ड्राय ब्लैक लेंटिल का यदि लगातार सेवन किया जाए, तो कार्डियो वस्कुलर डिजीज होने की संभावना घट जाती है और किडनी का भी कई रोगों से बचाव होता है।

तिब्बती उपचार करता है काले आहार की वकालत 

धर्मशाला के मैक्लोडगंज में तिब्ब्त की वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति आजमाते हैं मिलारेपा। मिलारेपा के अनुसार, किडनी का रंग काला होता है। इसलिए काले भोजन के सेवन से किडनी हर तरह के रोगों से बची रहती है। 

ऐसा देखा गया है कि गहरे काले, गहरे नीले या गहरे बैंगनी रंग के फूड में एंटी ऑक्सीडेंट हाई लेवल में मौजूद होता है। ये फ्री रैडिकल्स से कोशिकाओं का बचाव करते हैं, जो कैंसर या किसी दूसरी गंभीर बीमारियों के कारण बनते हैं।

इस बारे में क्या है डॉक्टरों की राय 

आदित्य बिड़ला मेमोरियल हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. रंजीत यादव कहते हैं कि ब्लैक फूड्स में एंथोसायनिन नामक पिगमेंट पाया जाता है। इसी पिगमेंट के कारण खाद्य पदार्थ काले, नीले और बैंगनी रंग के दिखते हैं। ऐसे प्लांट प्रोडक्ट्स में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा भी भरपूर होती है, जो किडनी को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करती है। 

इनका ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। फलियों (Legumes) में कॉम्प्लैक्स शुगर ऑलिगोसैकराइड्स मौजूद होते हैं। इसमें जरूरी एंजाइम अल्फा गैलेक्टोसिडेज नहीं पाए जाते हैं, जिससे यह जल्दी से पच नहीं पाता है।

काले बैंगन (Brinjal) को कहें ना

डॉ. रंजीत बैंगन के अत्यधिक सेवन से मनाही करते हैं। वे बताते हैं कि बैंगन में मौजूद ऑक्जलेट से किडनी स्टोंस को बढ़ावा मिल सकता है। बैंगन, टमाटर जैसे एगप्लांट में बीज मौजूद होते हैं, जो ऑक्जलेट और कैल्शियम के स्रोत होते हैं। ये एलिमेंट ही जमा हाेकर किडनी स्टाेंस का रूप ले लेते हैं।

काला चावल (Black Rice) है हेल्दी 

काले चावल में आयरन भरपूर होता है, जो एनीमिया से बचाव करता है। एंथोसाइनिन और जेक्सैन्थिन एंटीऑक्सीडेंट वाले काले चावल किडनी के लिए लाभदायक हैं।

काली दाल या उड़द दाल (Black Lentil or Urad) भी है खास 

इसमें कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, फोलेट और जिंक पाया जाता है। यह न सिर्फ बॉडी एनर्जी लेवल बढ़ाता है, बल्कि यह किडनी को भी स्वस्थ रखता है।

काले तिल (Black Sesame) को न समझें छोटा 

काला तिल फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, जिंक, सेलेनियम और विटामिन ई से भरपूर होता है। इसमें मौजूद सेसमिन एंटी इन्फ्लेमेटरी होता है।

काले तिल का सेवन किडनी के रोगों से बचाव करता है।चित्र: शटरस्टॉक

बहुत खास हैं काले अंगूर (Black Grapes) 

ल्यूटिन और जेक्सैन्थिन कंपाउड किडनी हेल्थ के लिए बेहद उपयोगी हैं। इसमें मौजूद प्रोएंथोसायनिडिन स्किन हेल्थ के लिए भी अच्छा है।

किडनी को दुरुस्त रखता है काला अंगूर। चित्र : शटरस्टॉक

ब्लैकबेरी (Blackberry) का जवाब नहीं  

इसमें मौजूद बायोफ्लेविनॉयड्स और विटामिन सी फ्री रेडिकल्स से कोशिकाओं का बचाव करते हैं और किडनी को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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