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नई मां बनी हैं, तो बेबी को ब्रेस्टफीडिंग के दौरान रखें इन 5 बातों का ध्यान

शिशु के लिए जन्म से छ: महीने तक ब्रेस्टफीड की सलाह दी जाती है। मगर गलत तरीके से करवाई गई ब्रेस्टफीडिंग मां को थका देती है और शिशु को भी कई समस्याएं होने लगती हैं। जानिए स्तनपान के दौरान रखना चाहिए किन बातों का ख्याल
Published On: 16 Aug 2024, 05:19 pm IST
मां के दूध से नवजात शिशु को सभी जरूरी पोषण मिल जाते हैं, जिससे बच्चे की ग्रोथ में मदद मिलती है।चित्र : अडोबी स्टॉक

मां का दूध बच्चे के लिए न्यूट्रीशन से भरपूर वो आहार है, जो उसकी ओवरऑल ग्रोथ में मददगार साबित होता है। ब्रेस्टफीडिंग (Benefits of breastfeeding) मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद है। यूं तो शिशु के लिए जन्म से छ: महीने तक ब्रेस्टफीड की सलाह दी जाती है। मगर कई बार गलत तरीके से करवाई गई ब्रेस्टफीडिंग मां को थका देती है और शिशु को भी कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए जरूरी है ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है (right way of breastfeeding)।

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कुछ खास बातों (breastfeeding tips) का ख्याल रखना आवश्यक है, ताकि मां और नवजात का स्वास्थ्य उचित बना रहे। जानिए स्तनपान के दौरान न्यू मॉम्स को रखना चाहिए किन बातों का ख्याल।

ब्रेस्टफीडिंग क्यों है ज़रूरी (Benefits of breastfeeding)

इस बारे में डैफोडिल्स बाय आर्टेमिस में गायनेकोलॉजिस्ट डॉ अपूर्वा गुप्ता बताती हैं कि स्तनपान मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। मां के दूध से नवजात शिशु (newborn feeding tips) को सभी जरूरी पोषण मिल जाते हैं, जिससे बच्चे की ग्रोथ में मदद मिलती है। इसके अलावा शिशु को पर्याप्त स्तनपान कराने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर (Causes of breast cancer) का खतरा भी कम हो जाता है। मगर ब्रेस्ट फीडिंग (breastfeeding tips) के दौरान कुछ खास बातों का ख्याल रखना भी जरूरी है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार ब्रेस्ट मिल्क (Breast milk) में इम्युनोग्लोबुलिन या एंटीबॉडी पाई जाती हैं। इससे मिलने वाला प्रोटीन शिशु की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं। इसके अलावा बच्चों में टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज़ का जोखिम भी कम हो जाता है। वहीं ब्रेस्टफीडिंग करवाने से ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।

ब्रेस्ट मिल्क में इम्युनोग्लोबुलिन पाई जाती हैं। इससे शिशु की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं। चित्र : अडोबी स्टॉक

स्तनपान कराते समय इन बातों का रखें ध्यान (Keep these things in mind while breastfeeding)

1. सफाई पर ध्यान देना जरूरी

स्तनपान के समय हाइजीन का ख्याल रखना सबसे महत्वपूर्ण है। ब्रेस्ट फीडिंग (Breast feeding tips) के दौरान रोज नहाना, कपड़ों की साफ सफाई और नियमित रूप से कपड़े बदलना जरूरी है। ब्रेस्ट फीडिंग के लिए कपड़े ढीले पहनें और उनकी बनावट ऐसी हो, जिससे बच्चे को आसानी से स्तनपान कराया जा सके। स्तनों पर बार-बार हाथ लगाने से बचें। हाथ लगाने से संक्रमण का खतरा रहता है। अगर स्तनों की सफाई के लिए वाइप्स का इस्तेमाल करती हैं, तो ध्यान रहे कि वाइप्स में किसी तरह के रसायन का प्रयोग न हुआ हो।

2. बच्चे की जरूरत का रखें ध्यान

बच्चे को जब भी भूख लगे उसे स्तनपान करवाएं। अपनी तरफ से समय निर्धारित करने का प्रयास न करें। बार-बार स्तनपान कराने से दूध पर्याप्त मात्रा में बनता है और बच्चे को पूरा पोषण मिल पाता है। साथ ही किसी तरह के ब्लॉकेज या थक्का बनने का खतरा भी नहीं रहता। अगर वर्किंग मॉम हैं, तो ब्रेस्ट पंपिंग के जरिये दूध निकालकर भी बच्चे को पिलाया जा सकता है।

बच्चा जब बड़ा होने लगे, तब अचानक स्तनपान बंद न करें। स्तनपान धीरे-धीरे छुड़ाने से आपके शरीर को ढलने का समय मिल जाता है और किसी तरह की परेशानी नहीं होती है।

2. सही पोश्चर में कराएं स्तनपान

कुछ महिलाएं जब बच्चा लेटा हुआ होता है, तभी स्तनपान करवाने लगती हैं। ये पोश्चर बच्चे के लिए सही नहीं है। प्रयास करें कि बच्चे को करवट कराते हुए या गोद में लेकर सही तरह से उसे अपने स्तनों के पास लाएं। इससे मां और बच्चे दोनों का पोश्चर सही रहता है। जिससे कई तरह की शारीरिक परेशानियों से बचा जा सकता है। बच्चे को बारी-बारी से दोनों स्तनों से स्तनपान कराएं।

बच्चे को करवट कराते हुए या गोद में लेकर सही तरह से उसे अपने स्तनों के पास लाएं। चित्र- अडोबी स्टॉक

4. अपने खानपान का रखें ध्यान

स्वस्थ एवं संतुलित आहार करना हमेशा जरूरी होता है। विशेषरूप से स्तनपान के समय यह और भी आवश्यक हो जाता है, क्योंकि मां से ही बच्चे को पोषण मिलता है। खानपान पर ध्यान देते हुए यह समझें कि अगर आपके कुछ खाने से बच्चे को परेशानी होती है, तो ऐसी चीजों से दूर रहें। बहुत भारी और मुश्किल से पचने वाले आहार की तुलना में सुपाच्य आहार ग्रहण करना सही रहता है। पानी भी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए।

5. खुद को हाइड्रेटेड रखें

वॉटर इनटेक का ख्याल स्तनपान के दौरान रखना आवश्यक है। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और दूध न आने की समस्या हल हो जाती है। स्तनपान के दौरान पानी, जूस, शेक्स, हेल्दी सूप और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करे। इससे शरीर में मिनरल्स की कमी पूरी हो जाती है। इसके अलावा शरीर एक्टिव और हेल्दी रहता है।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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