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सुबह उठते ही टांगों में महसूस होने लगती है ऐंठन, तो इन 3 योगासनों की मदद से मिलेगी राहत

जानते हैं कुछ ऐसे यागासन, जिनकी मदद से पैरों में होने वाले दर्द को दूर किया जा सकता है। साथ ही टांगों में होने वाली ऐंठन से भी मुक्ति पाई जा सकती है।
Published On: 12 Jun 2023, 01:55 pm IST
टांगों में होने वाले दर्द और स्टिफनैस से राहत पाने के लिए इन योगासनों को करना न भूलें।चित्र : शटरस्टॉक

टांगों में होने वाली दर्द मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन के कारण बढ़ने लगता है। आजकल लोगों में वेटगेन की समस्या आमतौर पर देखने को मिलती है। ऐसे में शरीर का पूरा वज़न आपके घुटनों और टांगों पर आने लगता है। इससे थाइज़ से लेकर काफ मसल्स तक हर जगह दर्द उंचारित होने लगता है। इससे मुक्ति पाने के लिए कई तरह की पेन किलर्स लेने लगते है, जो कुछ वक्त के लिए दर्द को दबाने का काम करती है। जानते हैं कुछ ऐसे यागासन, जिनकी मदद से दर्द को दूर किया जा सकता है। साथ ही टांगों में होने वाली ऐंठन से भी मुक्ति पाई जा सकती है (Yoga poses for leg stiffness)

टांगों में होने वाले दर्द और स्टिफनैस से राहत पाने के लिए इन योगासनों को करना न भूलें।

1. बालासन

टांगों में दर्द और पैरों में होने वाली सूजन को दूर करने के लिए बालासन बेहद लाभकारी है। इससे टांगों की नसों में ब्लड फ्लो नियमित होने लगता है। साथ ही तनाव संबधी समस्याओं से भी राहत मिल जाती है। इस योग को करने के दौरान सिर को ज़मीन पर टिकाया जाता है। इस दौरान आप किसी प्रकार की हानि से बचने के लिए सिर के नीचे तकिए का प्रयोग कर सकती हैं।

इस योग को करने के लिए मैट पर वज्रासन मुद्रा मेंघुटनों को मोड़कर बैठ जाएं। अब अपने हिप्स को पैरों के तलवों पर टिका लें।

दोनों हाथों को थाइज़ पर रखें और गहरी सांस लें। दोनों हाथों को आगे की ओर फैला दें और हाथों को जोड़कर नमस्कार की मुद्रा बनाएं।

इस दौरान अपनी छाती को घुटने से छूते हुए। सिर को ज़मीन से लगा लें।

आप योग को करने के दौरान बाजूओं से लेकर टांगों तक मांसपेशियों में रक्त प्रवार बढ़ने लगता है।

इसके अलावा एक खिंचाव महसूस होता है। इस योगासन को 3 से लेकर 5 मिनट तक करें।

शुरूआत में आप इस मुद्रा से 1 से 2 मिनट के लिए बैठें और धीरे धीरे समय को बढ़ाएं। इससे पैरों में मज़बूती बढ़ने लगती है।

टांगों में होने वाले दर्द और स्टिफनैस से राहत पाने के लिए 3 योगासन। चित्र : शटरस्टॉक

2. वज्रासन

शरीर को रोग मुक्त रखने के लिए वज्रासन को डेली रूटीन में शामिल करना बेहद ज़रूरी है। डायमंड पोज़ के नाम से मशहूर इस योग को घुटनों को माड़कर किया जाता है। इससे थाइज, पैर और पेल्विक मसल्स रिलैक्स हो जाते हैं। इसके अलावा पीठ की मांसपेशियों को भी मज़बूती मिलने लगती है। इसे रोज़ाना करने से चिंता और तनाव भी दूर होने लगते हैं। इसके अलावा टांगों के मसल्स में आने वाली स्टिनेस भी दूर हो जाती है।

इस योग को करने के लिए मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं। दोनों घुटनों को आपस में जोड़ लें और हिप्स को पैरों के पंजों पर टिका लें।

योग के दौरान गर्दन और पीठ को एक दम सीधा रखें। इसके बाद दोनों हाथों को थाइज़ पर टिका कर बैठ जाएं।

लंबी सांस लें और धीरे धीरे छोड़ें। दोनों आंखें बंद कर लें और प्रक्रिया को 3 से 4 मिनट तक दोहराएं।

इससे टांगों की मांसपेशियों में होने वाला दर्द दूर होने लगेगा। साथ ही मन और मस्तिष्क भी शांत रहेंगे

पैरों की थकान और दर्द को दूर करने में मददगार है व्रजासन। चित्र: शटरस्टॉक

3. वीरभद्रासन

योग जीवन का आधार है। योगाचार्य सौम्या के मुताबिक दिनभर में एक घंटे किया गया योग आपके बाकी 23 घंटों को हेल्दी और समस्या मुक्त करने में मदद करता है। इससे हमारा शरीर हेल्दी और फिट रहता है। इससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और पैर की नसें मज़बूत होती हैं।

इस योग को करने के लिए मैट पर सीधा खड़े हो जाएं। अब दोनों हाथों को उपर की ओर ले जाएं। हाथों को पूरी तरह से खींचें।

इसके बाद दोनों टांगों को सीधा रखें, ताकि घुटने न मुड़े। अब धीरे धीरे दांए पैर को बाहर की ओर निकालें और बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं।

योग के दौरान पीठ को एकदम सीधा रखें और गर्दन को उपर की ओर उठाएं। दोनों हाथों से दोनों कानों को छूएं।

इस मुद्रा में 3 से 4 मिनट तक टिके रहें। उसके बाद बाएं पैर को बाहर और दांए पैर को अंदर की ओर रखें।

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लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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