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दोमुंहे बालों के लिए मेरी मम्मी लगाती हैं कड़ी पत्ते का तेल, यहां जानिए इसके फायदे और बनाने का तरीका

बरसात के मौसम में बालों का रूखापन अचानक बढ़ने लगता है। इससे दो मुंहे बालों की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में करी पत्ते से तैयार तेल में मौजूद पोषक तत्व से बालों को पोषण मिलता है। जानते हैं करी लीव्स ऑयल के फायदे
Published On: 29 Aug 2024, 10:00 am IST
जैसे बालों की ग्रोथ होती है, वैसे बालों के सिरों की कमज़ोरी बढ़ने लगती है और वे प्रोटेक्टिव लेयर को खोने लगते हैं। चित्र : अडोबी स्टॉक

बालों को लंबा और घना बनाने के लिए स्कैल्प मसाज बेहद कारगर उपाय है। मगर दो मुंहे बालों के कारण बालों की ग्रोथ थम जाती है। ऐसे में स्पिल्ट एंडस (reasons of split ends) से राहत पाने के लिए करी पत्ते से तैयार तेल बालों के विकास में मददगार साबित होता है। बरसात के मौसम में बालों का रूखापन (Causes of hair dryness) अचानक बढ़ने लगता है। इससे बालों की नमी और चमक दोनों गायब हो जाते हैं। इससे दो मुंहे बालों की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में करी पत्ते से तैयार तेल में मौजूद पोषक तत्व से बालों को पोषण मिलता है। जानते हैं करी लीव्स ऑयल (Curry leaves oil benefits)से दो मुंहे बालों के अलावा किन हेयर प्रॉबलम्स को हल किया जा सकता है।

दो मुंहे बाल कैसे हेयरग्रोथ को करते हैं प्रभावित (How split ends affect hair growth)

इस बारे में डर्माटोलॉजिस्ट डॉ कशिश कालरा बताते हैं कि मानसून में 30 से 40 फीसदी हेयरफॉल का सामना करना पड़ता है। दरअसल, हाई हयूमिडिटी के चलते हेयर रूट्स के उपर का बल्ब स्वैल होने लगता है। इससे बालों का टूटना जारी रहता है और बालों में रूखापन बढ़ जाता है, जिससे स्पिल्ट एंडस की समस्या बढ़ जाती है। दो मुंहे बालों का बढ़ना हेयराग्रोथ को रोक देता है।

स्पिल्ट एंडस पांच प्रकार के होते हैं बेबी स्पिल्ट, ट्री स्पिल्ट, टेपर, वाई स्पिल्ट और फैदर स्पिल्ट है। इसके अलावा बालों में बढ़ने वाली ड्राईनेस से ट्राइकोप्टिलोसिस का खतरा बना रहता है। ऐसे में बालों की ग्रोथ प्रभावित होती है। एनआईएच की रिपोर्ट के मुताबिक जैसे जैसे बालों की ग्रोथ होती है, वैसे बालों के सिरों की कमज़ोरी बढ़ने लगती है और वे प्रोटेक्टिव लेयर को खोने लगते हैं। ऐसे में बालों का इन्नर कॉर्टेक्स दिखता है, जिससे बाल झड़ना और टूटना बढ़ने लगता है।

मानसून में 30 से 40 फीसदी हेयरफॉल का सामना करना पड़ता है। चित्र : एडॉबीस्टॉक

करी लीव्स ऑयल किस तरह बालों का रखता है ख्याल

करी पत्ते में एंटीऑक्सीडेंटस और फ्लेवोनोइड की उच्च मात्रा पाई जाती है। इससे तैयार तेले से बालों को विटामिन, मिनरल और बीटा कैरोटीन की प्राप्ति होती है। करी लीव्स ऑयल से स्कैल्प को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाने और रूसी को कम करने में मदद मिलती है। जानें करी लीव्स ऑयल से बालें को मिलने वाले फायदे।

करी लीव्स से बालों को मिलने वाले फायदे (Benefits of curry leaves oil)

1. स्पिल्ट एंडस से मिले राहत

बालों के बीचों बीच मसाज करने के फॉलिकल्स को मज़बूती मिलती है। मसाज के दौरान बालों की जड़ों के अलावा सिरों पर तेल अवश्य लगाएं। इससे मॉइश्चर को रिस्टोर करने में मदद मिलती है, जिससे स्मूदनेस और चमक बढ़ने लगती है। करी लीव्स ऑयल में बादाम का तेल मिलाकर बालों में मसाज करें और 30 मिनट तक बालों को बांधकर कवर कर लें। इसके बाद हर्बल शैम्पू से बालों का धोएं।

2. ड्राईनेस को करे कम

मौसम में बढ़ने वाली उमस के चलते बालों में रूखापन बढ़ जाता है। ऐसे में करी लीव्स ऑयल से स्कैल्प मसाज करने से स्पिल्ट एंडस को भी मज़बूती मिलती है। इससे स्पिल्ट को कम करके हेयर ग्रोथ में मदद मिलती है। बालों के रूखेपन को कम करने के लिए करी पत्ते को नारियल के तेल में 10 मिनट तक उबालें। उसके बाद तेल को छानकर गुनगुना होने पर जड़ों में लगाएं।

3. हेयर ग्रोथ को करें स्टीम्यूलेट

इस तेल में मौजूद विटामिन ए की मात्रा से बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद मिलती है। इससे बालों की फ्रिजीनेस को कम करके हेयर सेल्स को बूस्ट करने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंटस की मात्रा से हेयर डैमेज का खतरा कम हो जाता है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ने लगता है। करी लीव्स ऑयल को दही और बेसन में मिलाकर बालों में लगाने से हेयरग्रोथ में फायदा मिलता है।

करी लीव्स और मेथीदाना से स्कैल्प का रूखापन कम होने लगता है। इसके अलावा हेयाग्रोथ में मदद मिलती है। चित्र : शटरस्टॉक

4. सफेद बाल होंगे कम

बालों के नेचुरल पिगमेंट का बनाए रखने के लिए करी लीव्स ऑयल में एवोकाडो ऑयल को मिलाएं। अब उसे बालों का पार्टिशन करने के बाद अप्लाई करे। इससे बालों का नेचुरल कलर मेंटेन रहता है। सप्ताह में 2 बार इसे अप्लाई करने से प्री मेच्योर हेयर्स को कम किया जा सकता है।

जानें करी पत्ता ऑयल कैसे करें तैयार (How to prepare curry leaves oil)

इस तेल को बनाने के लिए (Curry leaves oil recipe) 1 कप करी लीव्स को धोकर सुखा लें। अब पैन में 1 कप नारियल का तेल डालकर गर्म कर लें। उसके बाद आधा आधा चम्म्च कलौंजी और मेथीदाना को एड कर दें। कुछ देर नारियल में पकाने के बाद इसमें करी लीव्स को एड कर दें। 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकाने के बाद उसे छानकर ठंडा होने के लिए रख दें। अब इसे बॉटल में डालकर रखें।

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लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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