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Millet to avoid constipation : बाजरा खाने पर करना पड़ता कब्ज का सामना, तो जानिए इसके सेवन का सही तरीका

कुछ लोग मिलेट या बाजरा खाने पर लगातार ब्लोटिंग या कब्ज की समस्या महसूस करते हैं। यदि आपको भी कुछ इस तरह की समस्या होती है, तो यहां बताये गये तरीके से खाना अधिक फायदेमंद होगा।
Published On: 13 Nov 2023, 05:00 pm IST
आहार में इसे शामिल करने के लिए दिनभर की एक मील को मिलेट से रिप्लेस कर देना फायदेमंद साबित होता है। चित्र : अडॉबी स्टॉक

यह साल मिलेट ईयर के रूप में मनाया जा रहा है। इससे मोटे अनाज यानी होल ग्रेन की पौष्टिकता के प्रति लोगों का ध्यान गया। मिलेट पोषक तत्वों से भरपूर छोटे दाने वाला अनाज है। बाजरा कई तरह का होता है और ज्यादातर बाजरा भारत का ही है। मौसम की मार आसानी से झेल जाने के कारण इसे खेतों में लगाना किसान भी पसंद करते हैं। बाजरा के कई लाभों को देखते हुए दुनिया भर के पोषण विशेषज्ञ इसे अपने भोजन में शामिल करने की सलाह देते हैं। कुछ लोगों को मिलेट का सेवन करने पर अक्सर सूजन और कब्ज की समस्या हो जाती है। यहां जानते हैं कि इसे भोजन में किस तरह शामिल (how to eat millet) किया जाये कि किसी तरह की समस्या नहीं हो।

कई हैं मिलेट की किस्में 

सेलिब्रिटी पोषण विशेषज्ञ मुनमुन गनेरीवाल अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बाजरा के फायदे गिनाते हुए इसे खाने का तरीका बताती हैं।
बाजरा की विभिन्न किस्मों जैसे फिंगर मिलेट (Ragi), सोरघम (Jowar), पर्ल बाजरा (Millet), फॉक्सटेल बाजरा (Foxtel Millet), प्रोसो बाजरा (Proso Millet) और लिटिल बाजरा (Little Millet) हैं। ये सभी किस्में हर मौसम के अनुकूल होती हैं।

बाजरा अपने आप में कब्ज पैदा नहीं कर सकता है।चित्र : अडोबी स्टॉक

क्यों बनता है कब्ज का कारण (millet causes constipation) 

गनेरीवाल बताती हैं कि ज्यादातर लोग मुख्य अनाज के रूप में बाजरा से दूरी बना लेते हैं। इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह कई बार कब्ज का कारण बन सकता है। बाजरा अपने आप में कब्ज पैदा नहीं कर सकता है। इसलिए यह देखना जरूरी है कि आप एलर्जी की जांच के लिए किस खाद्य समूह को शामिल कर रही हैं। इसके अलावा, उन्हें ठीक से चबाना भी सुनिश्चित करें। इससे पाचन जल्दी और आसानी से हो सकता है

यहां हैं बाजरा को आहार में शामिल करने के कुछ तरीके (How to add millet) 

1. शुरुआत में बाजरा को अपने आहार में शामिल करते समय इसे दिन में एक बार खाने तक सीमित रखें। ऐसा तब तक करती रहें जब तक आपका शरीर इनका आदी न हो जाए। फिर खाने की फ्रीक्वेंसी को दिन में दो या तीन बार तक बढ़ाएं।
2. बाजरा अपने आप कब्ज पैदा नहीं करता। जब बाजरे जैसी मोटी चीज खाती हैं, तो उसे ठीक से चबाने की सलाह दी जाती है। इससे पाचन तंत्र के काम करने से पहले उन्हें तोड़ने में मदद मिलती है।

जब बाजरे जैसी मोटी चीज खाती हैं, तो उसे ठीक से चबाने की सलाह दी जाती है। चित्र अडोबी स्टॉक

3. बाजरे को अपने आहार में शामिल करते समय पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की जरूरत पड़ती है।
4. बाजरा के साथ घी खाने से नहीं डरें। लोगों से बिंदास रह कर घी खाने की सलाह देती हुई गनेरीवाल कहती हैं कि बाजरे की रोटी में घी लगाने या बाजरे के दलिया में एक चम्मच घी मिलाने से यह पौष्टिक और स्वादिष्ट दोनों हो जाता है।

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