सुबह खाली पेट तुलसी का पानी बैलेंस कर सकता है थायरॉइड हॉर्मोन? एक एक्सपर्ट से जानते हैं
थायराइड की समस्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है, विशेष रूप से यह समस्या महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है। वहीं इसकी वजह से महिलाओं को कई अन्य परेशानी का सामना करना पड़ता है। थायराइड शरीर में आयोडीन की कमी की वजह से होता है। यह दो तरह का हो सकता है, हाइपरथाइरॉएडिज्म और हाइपोथाइरॉएडिज्म। इस स्थिति में अधिक थायराइड हार्मोन बनता है, तो दूसरी स्थिति में थायराइड हार्मोन की कमी हो जाती है। इस बीमारी में कई शारीरिक लक्षण देखने को मिलते हैं, जिसकी वजह से सामान्य दिनचर्या भी डिस्टर्ब हो जाती है।
यदि खान-पान सही हो और सेहत के प्रति ध्यान दिया जाए, तो थायराइड पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके अलावा रोज सुबह उठकर तुलसी का पानी पीने से भी थायराइड नियंत्रण में मदद मिल सकती है। मणिपाल हॉस्पिटल गाजियाबाद की न्यूट्रीशन और डायबिटिक डिपार्टमेंट की हेड अदिति शर्मा ने डायबिटीज में तुलसी का पानी पीने के फायदे बताए हैं (Tulsi water for thyroid)। परंतु उन्होंने पूरी तरह से इसके उपर निर्भर होने को नहीं कहा है, उनके अनुसार डॉक्टर की सुझाई दवाइयों को समय पर लेते रहना भी उतना ही जरूरी है (Tulsi water for thyroid)।
यहां जानिए तुलसी में मौजूद पोषक तत्वों के नाम
तुलसी में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की गुणवत्ता पाई जाती है। इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी फायदेमंद माना जाता है। तुलसी को धार्मिक रूप से पवित्र माना जाता है, साथ ही साथ इसमें कई मेडिसिनल प्रॉपर्टीज भी पाई जाती हैं। इसी तरह तुलसी में मौजूद पोषक तत्वों की गुणवत्ता थायराइड कंट्रोल करने में आपकी मदद करता है। तुलसी में विटामिन सी, कैल्शियम, जिंक, आयरन, सिट्रिक, टार्टरिक और मैलिक एसिड पाए जाते हैं, ये सभी पोषक तत्व थायराइड कंट्रोल में आपकी मदद करते हैं।
जानिए थायराइड में तुलसी का सेवन कैसे किया जा सकता है (Tulsi water for thyroid)
थायराइड से पीड़ित हैं, तो तुलसी का सेवन करें, यह आपके लिए भिन्न रूपों में फायदेमंद साबित हो सकती है। इसके सेवन से थायराइड कंट्रोल किया जा सकता है। एक्सपर्ट बताती हैं, यदि थायराइड की शुरुआती स्थिति में तुलसी का सेवन किया जाए तो इस पर नियंत्रण पाना आसान हो जाता है। पर थायराइड की दवाइयों के विकल्प के रूप में इसे न लें, आप दवाइयों के साथ तुलसी का सेवन कर सकती हैं। थायराइड में तुलसी का पानी लेने से थायराइड की स्थिति में कई महत्वपूर्ण फायदे प्राप्त होंगे।
इस तरह तैयार करें तुलसी का पानी:
तुलसी की पत्तियों को पानी में डालकर 5 से 7 मिनट तक उबालें, फिर इसे ठंडा होने दें उसके बाद इसे पिएं। आप रोजाना सुबह उठते के साथ खाली पेट इसे पिएं, इस प्रकार आपकी थायराइड नियंत्रित रहेगी साथ ही साथ सेहत संबंधी अन्य समस्या विशेष रूप से पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में भी मदद मिलती है।
बेहतर परिणाम के लिए कब पीना चाहिए तुलसी का पानी:
सुबह खाली पेट तुलसी का पानी पीने से बॉडी मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, और शरीर को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इसके अलावा बॉडी डिटॉक्सिफाई होती है, साथ ही साथ पूरी तरह हाइड्रेटेड रहती है। सुबह-सुबह तुलसी का पानी पीने से आपकी पाचन क्रिया भी संतुलित रहती है और कब्ज जैसी समस्याएं आपको परेशान नहीं करती। इतना ही नहीं तुलसी का पानी आपके मन को भी शांत रखता है, यदि आपको एंजायटी महसूस होती है, तो तुलसी का पानी पीने से बेहतर महसूस होगा।
तुलसी के पानी के अलावा इन तरीकों से डाइट में शामिल कर सकती हैं तुलसी की पत्तियां:
- तुलसी और एलोवेरा का रस: थायराइड कंट्रोल करने के लिए तुलसी की ताजी पत्तियां तोड़े, फिर इनका रस निकाल लें। करीब 2 चम्मच तुलसी का रस निकालें। अब इस रस में आधा चम्मच एलोवेरा जूस मिलाएं। इन दोनों को एक साथ मिलाकर इसका सेवन करें। इस प्रकार आप अपनी थायराइड को कंट्रोल कर सकती हैं।
- तुलसी की पत्तियां चबाएं: रोजाना तुलसी की 4 से 5 पत्तियों को चबाकर खाएं, इससे तुलसी की गुणवत्ता प्राप्त करने में मदद मिलेगी। हालांकि, ध्यान रहे की तुलसी की पत्तियां चबाने के बाद पानी से कुल्ला जरूर करें, अन्यथा आपके दातों के एनेमल खराब हो सकते हैं।
नोट: अगर आप थायराइड की बीमारी से पीड़ित हैं, तो इस स्थिति में तुलसी का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन आपको इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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