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पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रैस डिसऑर्डर के जोखिम को कम कर सकता है फाइबर युक्त आहार, जानिये क्‍या है दोनों का कनैक्‍शन

संतुलित पोषण युक्‍त आहार न केवल आपको शारीरिक रूप से स्‍वस्‍थ रखता है,बल्कि यह आपको पुराने तनाव और अवसाद से निपटने में भी मददगार हो सकता है।
Published On: 19 Feb 2021, 03:04 pm IST
PTSD एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जो व्यक्ति को किसी घटना के बाद होने वाले अत्यधिक तनाव के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती है। चित्र : शटरस्टॉक

एक बड़े अध्ययन ने पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर से जुड़े नए कारकों पर प्रकाश डाला है। इस शोध में पाया गया है कि आहार एक व्यक्ति में पीटीएसडी के जोखिम से जुड़ा हो सकता है। साथी ही यह भी पता चलता है कि स्वस्थ अनाज और साबुत अनाज जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार से पीटीएसडी का खतरा कम हो सकता है। प्रति दिन दो से तीन फाइबर स्रोतों का सेवन करने से पीटीएसडी का जोखिम कम हो सकता है।

पहले जानिए क्‍या है पीटीएसडी

सबसे पहले यह समझते हैं कि पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रैस डिसऑर्डर (PTSD) आखिर है क्या?

ये एक मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या है जो किसी पुरानी भयानक घटना से जुड़ी होती है। ये डिसऑर्डर ऐसी किसी घटना से उत्पन्न होता है, जो व्यक्ति के मन-मस्तिष्क को बहुत बुरी तरह से प्रभावित कर गई हो।

ऐसी घटनाओं में सड़क दुर्घटना, ऊंचाई से गिरना, खोना, लंबे तनावपूर्ण संबंध अथवा शोषण आदि। इस डिसऑर्डर के लक्षणों में फ्लैशबैक, घटना से जुड़े सपने आना, हाई एंग्जायटी लेवल जैसे लक्षण शामिल हैं। जिससे साधारण रूप से जीवन जीना मुश्किल हो जाता है।

पीटीएसडी, किसी दुर्घटना या शोषण से उत्पन्न हो सकता है. चित्र : शटरस्टॉक

क्या फाइबर युक्त आहार इससे निजात पाने या लक्षणों को कम करने में मददगार हो सकता है?

लगभग 27,000 लोगों पर हुए इस अध्ययन में प्रत्येक 20 प्रतिभागियों में से एक ने पोस्ट ट्रॉमेटिक डिसऑर्डर का अनुभव किया।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने प्रत्येक दिन कई फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाए, उनमें PTSD विकसित होने की संभावना कम थी। इस महीने की शुरुआत में सोशल साइकियाट्री और साइकियाट्रिक एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, दैनिक जंक फूड की खपत, विशेष रूप से पेस्ट्री या चॉकलेट, पीटीएसडी यानि पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के उच्च जोखिम से जुड़ी थी।

कैसे फायदेमंद हैं फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ?

पोषण महामारी विशेषज्ञ और अध्ययन के सह-लेखक करेन डेविसन ने कहा: “शोधकर्ताओं को यकीन नहीं है कि फाइबर के सेवन का मानसिक स्वास्थ्य पर सुरक्षात्मक प्रभाव पड़ता है। साथ ही, यह भी संभव है कि फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाने से आंत और मस्तिष्क के बीच संचार में सुधार हो सकता है।”

साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थों में घुलनशील फाइबर होते हैं, जो आपके आंत में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। उन जीवाणुओं को स्वस्थ रखना न केवल शरीर के लिए बल्कि आपके दिमाग के लिए भी महत्वपूर्ण है। हालिया शोध में आंत के सूक्ष्मजीव और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध उजागर हुए हैं।

फाइबर युक्त आहार आपको PTSD के खतरे से बचा सकता है। चित्र- शटरस्टॉक।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए आंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है

इस अध्‍ययन के अनुसार आहारीय फाइबर मस्तिष्क और मस्तिष्क स्‍वास्‍थ्‍य के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।। फाइबर को तोड़ने की प्रक्रिया में, आंत के बैक्टीरिया शॉर्ट चेन फैटी एसिड (एससीएफए) छोड़ते हैं, जो यौगिक पूरे शरीर में सूजन को कम करने के लिए जाने जाते हैं।

अध्ययनों से पहले ही पता चला है कि SCFA चयापचय में सुधार करते हैं और एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए रखने में मदद करते हैं, लेकिन शोधकर्ता अभी मानसिक स्वास्थ्य की एक कड़ी पर संदेह कर रहे हैं। ये यौगिक आपके मस्तिष्क और शरीर की संचार प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।

इसके अलावा, फाइबर आंत और मस्तिष्क के बीच संचार में सुधार कर सकता है, लेकिन इससे जुड़े अनुसंधान अभी भी चल रहे हैं।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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