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क्या आपको भी गुस्सा ज्यादा आता है, तो कहीं आप पित्त दोष की शिकार तो नहीं?

कई लोगों को बहुत गुस्सा आता है कई लोग इसे कंट्रोल कर लेते है तो कई कंट्रोल नहीं कर पाते है और गुस्से में अजीब सी हरकत करने लगते है। पर क्या आपको पता है कि इस गुस्सा आने की वजह आपके शरीर में कई तरह के पोषक तत्वों और विटामिन की कमी के कारण हो सकता है।
Updated On: 20 Oct 2023, 10:01 am IST
ऐसे लोग अन्य लोगों पर हावी होने लगते हैं। चित्र : अडोबी स्टोक

मानसिक स्वास्थ्य में विटामिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आपके आहार में कुछ विटामिन और पोषक तत्वों की कमी से कुछ मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं (vitamin deficiency causes aggression) हो सकती हैं। इसलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विटामिन किस प्रकार के होते हैं और वे मानव मस्तिष्क को कैसे प्रभावित करते हैं।

न्यूट्रिशनिस्ट और वेलनेस एक्सपर्ट करिश्मा शाह से हमने बात की उन्होंने बताया कि “अगर शरीर में पित्त की मात्रा ज्यादा होती है तो ऐसे लोगों को अधिक गुस्सा आता है।”

पित्त दोष क्या है?

करिश्मा शाह के अनुसार “पित्त दोष ‘अग्नि’ और ‘जल’ इन दो तत्वों से मिलकर बना है। यह हमारे शरीर में बनने वाले हार्मोन और एंजाइम को नियंत्रित करता है। शरीर की गर्मी जैसे कि शरीर का तापमान, पाचक अग्नि जैसी चीजें पित्त द्वारा ही नियंत्रित होती हैं। पित्त का संतुलित अवस्था में होना अच्छी सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है। शरीर में पेट और छोटी आंत में पित्त प्रमुखता से पाया जाता है।

छोटी- छोटी बात पर गुस्सा करना आप में विटामिन और पोषर तत्वों की कमी के कारण हो सकता है। चित्र: शटरस्टॉक

ऐसे लोग पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे कि कब्ज़, अपच, एसिडिटी आदि से पीड़ित रहते हैं। पित्त दोष के असंतुलित होते ही पाचक अग्नि कमजोर पड़ने लगती है और खाया हुआ भोजन ठीक से पच नहीं पाता है।”

करिश्मा शाह ने बताया पित्त प्रकृति वाले लोगों के स्वभाव में भी कई विशेषताएं होती हैं। बहुत जल्दी गुस्सा हो जाना, याददाश्त कमजोर होना, कठिनाइयों से मुकाबला ना कर पाना व सेक्स की इच्छा में कमी इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लोग बहुत नकारात्मक होते हैं और इनमें मानसिक रोग होने की संभावना ज्यादा रहती है।

क्या हो सकते हैं पित्त बढ़ने के कारण:

करिश्मा शाह ने हमारे शरीर में पित्त बढ़ने के कई कारण बताए, अगर आप पित्त प्रकृति के हैं तो आपके लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि आखिर किन वजहों से पित्त बढ़ता है।

  1. चटपटे, नमकीन, मसालेदार और तीखे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन।
  2. ज्यादा मेहनत करना, हमेशा मानसिक तनाव और गुस्से में रहना।
  3. अधिक मात्रा में शराब का सेवन।
  4. सही समय पर खाना ना खाने से या बिना भूख के ही भोजन करना।
  5. तिल का तेल,सरसों, दही, छाछ खट्टा सिरका आदि का अधिक सेवन।
  6. मांस का अधिक सेवन करना।

यहां हैं वे पोषक तत्व जो पित्त को संतुलित कर गुस्सा कंट्रोल करने में आपकी मदद करेंगे 

बढे़ हुए पित्त को संतुलित करने के लिए सबसे पहले तो उन कारणों से दूर रहिये जिनकी वजह से पित्त दोष बढ़ा हुआ है। खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना भी बेहद जरूरी है। पित्त को संतुलित करने के लिए आपको अपने व्यस्त जीवन में अपने खान-पान पर धयान देना होगा। अधिक पित्त वाले लोगों को मूली, काली मिर्च, तेल , काजू, मूंगफली, पिस्ता, अखरोट बादाम, कॉफ़ी और शराब से परहेज करें।

मैग्नीशियम आपकी मेंटल हेल्थ के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है। चित्र: शटरस्टॉक

1 मैग्नीशियम

पर्यावरण में बदलाव के कारण फल और सब्जियों में मैग्नीशियम बहुत ही कम मात्रा में मिल पा रहा है। जिसकी वजह से PMS के समय महिलाओं को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। तो ये जरूरी है कि ऐसी चीजों का सेवन किया जाए जिससे भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम की कमी को पूरा किया जा सके।

2 B12

विटामिन बी 12 की कमी के कारण आपको थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है। ऐसे में कई बार आप ना चाहते हुए भी लो फिल कर सकते हैं और चिड़चिड़े हो सकते हैं। साथ ही विटामिन बी 12 की कमी से आपको डिप्रेशन जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

3 आयरन

आयरन की गंभीर रूप से कमी से एनीमिया, थकावट, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसे लक्षण महसूस होने लगें। आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आप रूट वेजिटेबल खा सकते है। आप सीजन के हिसाब से सब्जियां खा सकते है जैसे अभी सर्दियां है तो आप पालक खा सकती है, हरी सब्जियों का भरपूर सेवन करें, कंद, शकरकंद, दालों का सेवन आप कर सकती है।

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लेखक के बारे में
संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं।

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