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अंधाधुंध खर्च और सेविंग में लापरवाही भी बढ़ा सकती हैं मेंटल हेल्थ इश्यू, जानिए क्यों जरूरी है फाइनेंशियल केयर रुटीन अपनाना

जितना जरूरी आपका स्किन केयर या फिटनेस रुटीन है, उतना ही जरूरी फाइनेंशियल केयर रुटीन भी है। दुनिया भर के आंकड़े बताते हैं कि आधे से भी ज्यादा लोग पैसा और खर्च संबंधी मामलों के कारण मानसिक तनाव का सामना करते हैं।
Published On: 29 Aug 2023, 08:21 pm IST
जब भी हम सेल्फ केयर की बाद करते है तो हम सिर्फ अपने शरीर के बारे में सोचते है। चित्र- अडोबी स्टॉक

खुद की देखभाल के कई अलग-अलग अर्थ हो सकते हैं, और खुद की देखभाल करने का कोई भी एक तरीका नहीं है। हालाँकि, एक चीज जिसे इस बातचीत में अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है वह है फाइनेंशियल केयर। इसके बजाय, हम सौंदर्य, पोषण, व्यायाम आदि पर ध्यान केंद्रित करते हैं। फाइनेंशियल केयर आपकी देखभाल दिनचर्या का एक मुख्य हिस्सा होना चाहिए, क्योंकि यह निस्संदेह आपके समग्र मानसिक और शारीरिक कल्याण पर प्रभाव डालता है।

फाइनेंशियल केयर सेल्फ केयर का मुख्य हिस्सा कैसे है

जब भी हम सेल्फ केयर की बाद करते है तो हम सिर्फ अपने शरीर के बारे में सोचते है। हम एक फेस वॉस खरादने जैसी छोटी चीज से लकेर थैरेपी सेशन बुक करने जैसी बड़ी चीजों सभी पर ध्यान देते हैं क्योंकि हमे लगता है ये ही सेल्फ केयर है। लेकिन हम भूल जाते है कि इन चीजों के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है। फाइलेंशियल केयर आपके खुद के देखभाल में एक बहुक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यह देखा जाता है कई लोगों को किसी न किसी बिंदु पर फाइनेंशियल चीजों को लेकर तनाव का सामना करना पड़ता है, इसलिए फाइलेंशियल देखभाल को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से उन चिंताओं को कम करने में मदद मिल सकती है और आपको मानसिक शांति मिल सकती है।

अगर आप इंडिपेंडेंट हैं तो आपकी पर्सनल सेविग्स किसी भी लिहाज से गलत नहीं है। चित्र शटरस्टॉक।

कुछ आसान फाइनेंशियल केयर योजनाएं

बजट जरूर बनाएं

आपको इस चीज पर नजर रखने की जरूरत है कि आपको सैलरी और अपने खर्च पर नजर रखने की जरूरत है। आपको अपना बजट बनाना चाहिए। इससे आपको यह समझने में मदद मिलती है कि आपका पैसा कहां जा रहा है और आपको आवश्यकताओं, बचत और खर्च जैसी विभिन्न श्रेणियों के लिए पैसों को अलग-अलग हिस्सों में बांटने में मदद मिलती है।

एक एमरजेंसी फंड रखें

अपको अपना बजट बनानते समय खर्च करने वाले पैसों, सेविंग के पैसों और एक एमरजेंसी फंड भी रखें। मेडिकल बिल या कार की मरम्मत जैसे कभी-कभी होने वाले खर्चों को कवर करने के लिए एक एमरजेंसी फंड बनाएं। आप अपने सेविंग अकाउंट से अलग एक अकाउंट बना सकती है जिसमें आप ये पैसा रखें क्योंकि इसकी जरूरत आपको कभी-कभी पड़ सकती है।

ऑटोमैटिक सेविंग

आपको जिस एकांउट में सैलरी मिलती है उसके अलावा जो भी आपका सेविंग अकांउट है उसमें ओटोमैटिक ट्रासंफर के जरिए आप आप सैलरी आते ही आपना पैसा सेविंग अकांउट में डाल पाएंगे जिससे आपको खर्च करने का समय मिलने से पहले आपके पैसे सेविंग अकाउट में चले जाएंगे। इससे आपको पैसों को बचाने में आसानी होगी।

जानिए कैसे करना है आर्थिक तनाव का सामना। चित्र : एडॉबीस्टॉक

एक फाइनेंशियल डायरी बनाएं

यदि आप स्पष्ट रूप से समझ नही पाते है कि आप अपने पैसे कहां खर्च कर रहें हे तो अपने पैसे पर नियंत्रण रखना कठिन है। इसके लिए आपको एक वित्तीय डायरी बनाने की जरूरत है। न केवल जहाँ आप अपने खर्च करने की आदतों पर नज़र रखें बल्कि जहां आप उस पर अपनी भावनात्मक प्रतिक्रिया के बारे में भी लिख सकें। इससे आपको फालतू खर्च किए गए पैसों के बारे में अधिक सोचने से छुटकारा मिल सकता है।

एक विज़न बोर्ड बनाएं

विज़न बोर्ड केवल नए साल के संकल्पों या बड़े आयोजन की सुंदरता बढ़ाने के लिए ही नहीं होना चाहिए। आप मनी विज़न बोर्ड भी बना सकते हैं। यह फोन पर या कागज़ पर हो सकता है। किसी भी तरह, इसे अपने बिस्तर के पास रखें और हर शाम सोने से पहले या जब आप अपने पैसों को लेकर उदासीन महसूस कर रहे हों तो इसे देखें।

अपने बोर्ड पर ऐसी तस्वीरें रखें जो उन चीजों को दिखाते हों जिन पर आप पैसा खर्च करना पसंद करते हैं – चाहे वह दोस्तों के साथ कार्यक्रम, डिनर, अच्छा खाना, कपड़े, घर की सजावट, यात्रा आदि हो। इससे आपको अपनी प्राथमिकताएं समझने में मदद मिल सकती है।

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लेखक के बारे में
संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं।

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