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आपके चेहरे पर भी दिखाई देने लगता है तनाव और अवसाद, पहचानिए इसके संकेत

तनाव आपके शरीर में रासायनिक प्रतिक्रिया को बढ़ावा देता है, जो त्वचा को अधिक संवेदनशील और प्रतिक्रियाशील बना सकता है। इससे त्वचा संबंधी समस्याओं का उपचार करना भी कठिन हो सकता है।
Updated On: 27 Apr 2024, 03:48 pm IST
आंखों के नीचे की स्किन कई कारण से सटकती है, जिनमें अपर्याप्त नींद या अवसाद के दौरान अधिक सोना शामिल है। चित्र- शटरस्टॉक।

अगर आपको अपनी स्किन पर ग्लो चाहिए तो आपको तनाव से बचना होगा। सिर्फ स्किन की केयर करके आप अच्छी स्किन नहीं पा सकता है। तनाव आपकी त्वचा के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। तनाव आपके शरीर में हार्मोन को बदल सकता है जिससे मुंहासे, एक्जिमा, सोरायसिस जैसी समस्या हो सकती हैं। तनाव के अधिक होने पर, आपकी त्वचा भी अधिक संवेदनशील हो सकती है जिससे और त्वचा समस्याएं हो सकती हैं।

डिप्रेशन आपकी स्किन को कैसे प्रभावित करता है

तनाव आपके शरीर में रासायनिक प्रतिक्रिया को बढ़ावा देता है, जो त्वचा को अधिक संवेदनशील और प्रतिक्रियाशील बना सकता है। इससे त्वचा संबंधी समस्याओं का उपचार करना भी कठिन हो सकता है।

क्या आपने कभी देखा है कि जब आप तनावग्रस्त होते हैं तो आप अधिक परेशान होते हैं? ऐसा इसलिए है क्योंकि तनाव के कारण आपका शरीर कोर्टिसोल जैसे हार्मोन बनाता है, जो आपकी त्वचा में ग्रंथियों को अधिक तेल बनाने के लिए कहता है। तैलीय त्वचा पर मुहांसे और अन्य त्वचा की समस्याएं होने की संभावना अधिक होती है।

लगातार तनाव और ज़्यादा सोचने के कारण फाइन लाइन विकसित हो सकती हैं। चित्र- अडोबी स्टॉक

1 आंखो के नीचे की स्किन लटकना

आंखों के नीचे की स्किन कई कारण से सटकती है, जिनमें अपर्याप्त नींद या अवसाद के दौरान अधिक सोना शामिल है। ये स्किन का लटकना निचली पलक क्षेत्र में तरल पदार्थ जमा होने के कारण उत्पन्न होती हैं।

2 फाइन लाइन का होना

लगातार तनाव और ज़्यादा सोचने के कारण फाइन लाइन विकसित हो सकती हैं, जिससे बार-बार भौंहें सिकुड़ सकती हैं। समय के साथ, ये स्थायी झुर्रियां बन सकती हैं।

3 स्किन ड्राई होती जाना

ड्राइ स्किन अक्सर तनाव का परिणाम हो सकती है, क्योंकि व्यक्ति पर्याप्त पानी पीना भूल सकते हैं। हाइड्रेशन की इस कमी के कारण त्वचा डिहाइड्रेट हो सकती है और सुस्त दिखाई दे सकती है।

4 मुंहासे और दाग

खराब मूड और तनाव से मुंहासों की समस्या बढ़ जाती है। तनाव से कोर्टिसोल निकलता है जो शरीर में अन्य हार्मोन को परेशान कर सकता है जिससे आपकी त्वचा पर मुंहासे निकल सकते हैं।

5 चेहरे पर चकत्ते दिखाई देना

ये त्वचा संबंधी समस्याएं आंत में असंतुलन के कारण बढ़ सकती हैं, जो अक्सर संभावित रूप से अस्वस्थ और अपर्याप्त भोजन के सेवन के कारण व्यक्तियों में देखा जाता है।

खराब मूड और तनाव से मुंहासों की समस्या बढ़ जाती है। चित्र : एडॉबीस्टॉक

त्वचा पर तनाव के प्रभाव को कम करने के तरीके

1 अपनी त्वचा की अनदेखी करना बहुत खराब ख्याल है। इसका ख्याल रखें, भले ही आप थके हुए हों या तनावग्रस्त हों।

2 नियमित व्यायाम करना बहुत जरूरी है। यह आपकी त्वचा और आपके शरीर के बाकी हिस्सों के लिए अच्छा है।

3 कुछ ऐसा करने के लिए समय निकालें जिसमें आपको आनंद आता हो, भले ही आपके पास केवल 10 मिनट हों। ये कुछ भी काम हो सकता है जैसे खेलना, गाना, पढ़ना, नाचना, नहाना आदि।

4 कुछ ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल करें जो आपके तनाव को कम करती है, जैसे सांस लेने के व्यायाम, योग, ध्यान। योगा तनाव को कम करना है और स्किन का भी ख्याल रखता है।

5 अगर आप पर्याप्त नींद नहीं ले रहें है तो भी आपका तनाव बढ़ सकता है। आपको हर रात कम से कम 8 घंटे की नींद लेने का लक्ष्य जरूर रखना चाहिए।

6 अपने तनाव को कम करने के लिए बाउंडरी बनाना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको न कहना सीखना होगा। आपको जो काम पसंद नहीं है उसके लिए आपको मना करना होगा।

7 अपने तनाव को कम करके आप अपनी स्किन को फिर से ग्लोइंग बना सकती है। इसके लिए आप अपने मन को बहलाने या हलका करने के लिए अपने दोस्तों से बात कर सकती है। या अपने दोस्तों के साथ कोई स्किन केयर कर सकती है।

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लेखक के बारे में
संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं।

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