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योनि शरीर में अद्भुत संरचना है, जानिए क्यों जरूरी है इसके पीएच लेवल को मेंटेन रखना

वेजाइना एक स्त्री के शरीर को संपूर्णता देता है। इसके बावजूद बहुत सारी महिलाएं इसके रखरखाव और हाइजीन के बारे में पूरी तरह नहीं जानतीं।
Updated On: 20 Feb 2023, 07:22 pm IST
अपने प्लेजर को इंजॉय करें। चित्र : शटरस्टॉक

महिलाओं की योनि प्रकृति द्वारा निर्मित एक अद्भुत हिस्सा है। योनि के माध्यम से ही इस धरती पर जीवन चलता है और आगे बढ़ता है। उसमें खुद को साफ रखने की क्षमता भी है। योनि को आपने आप को स्वयं साफ करने के लिए एक स्वस्थ्य पीएच की आवश्यकता पड़ती है। योनि में कुछ जीवाणु होते हैं, जो अच्छे भी होते हैं और खराब भी। इन्हीं जीवाणुओं की वजह से योनि का पीएच लेवल बरकरार रहता है। विशेषज्ञ अकसर योनि के पीएच लेवल को मेंटेन रखने की सलाह देते हैं। क्या आप जानती हैं कि क्या होता है योनि का पीएच लेवल और आप इसे कैसे मेंटेन (how to balance vaginal ph naturally) रख सकती हैं? हेल्थ शॉट्स के इस लेख में जानते हैं इसके बारे में सब कुछ।

योनि स्वास्थ्य और पीएच लेवल

आपकी योनि को स्वस्थ्य और साफ रखने के लिए योनि का थोड़ा अम्लीय होना बहुत जरूरी है। अम्लीय योनि में अच्छे जीवाणुओं के पैदा होने के लिए अनुकुल वातावरण है। हानिकारक जीवाणुओं को योनि का अम्लीय वातावरण पसंद नहीं आता है। हानिकारक जीवाणुओं को योनि से दूर रखने से स्वच्छता और आराम दोनो बना रहता है, बल्कि संक्रमण और बीमारियों से बचने में भी मदद मिलती है। एक स्वस्थ योनि का पीएच 3.8 और 4.5 के बीच होता है।

4.5 से ऊपर का पीएच स्तर योनि के ऊतकों में सूजन पैदा कर सकता है और खमीर और बैक्टीरियल वेजिनोसिस (असामान्य योनि स्राव का कारण) जैसे संक्रमणों के कारण हो सकता है। कुछ योनि संक्रमण आपको क्लैमाइडिया और गोनोरिया जैसे एसटीआई का खतरा भी बढ़ाते है।

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जानिए उन 5 चीजों के बारे में जो कर सकती हैं आपकी योनि के पीएच लेवल को प्रभावित

1 न करें पानी या परफ्यूम का इस्तेमाल

महिलाएं सोचती है कि योनि के अंदर पानी या किसी क्लीन्ज़र से साफ करने की जरूरत होती है जो कि बाजार में काफी मात्रा में बिकते है। आपको बता दें कि योनि को अंदर से साफ करने की जरूरत नहीं होती। क्योंकि योनि अपने आप को खुद साफ करती है। सादे पानी से वल्वा साफ करने तक ठीक है, लेकिन योनि के अंदर पानी न डालें।
पानी का पीएच लेवल 7 होता है, जो कि योनि के अम्लीय स्तर से काफी ज्यादा है। इससे योनि का पीएच लेवल बिगड़ सकता है। योनि मे खुशबू के लिए किसी भी तरह के स्प्रे को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

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सेक्स के दौरान स्पर्म अगर योनि में निकलता है, तो भी आपके योनि का पीएच लेवल बढ़ सकता है।

2 इंटरकोर्स में करें कंडोम का इस्तेमाल

सेक्स के दौरान स्पर्म अगर योनि में निकलता है, तो भी आपके योनि का पीएच लेवल बढ़ सकता है। स्पर्म का पीएच 7.1 और 8 के बीच होता है। इसलिए इसे योनि में डालने से आपका पीएच असंतुलित हो सकता है। सेक्स के बाद यदि आपको वेजाइना में जलन महसूस होती है, तो कंडोम का इस्तेमाल करें। ताकि योनि के पीएच का संतुलन न बिगड़े। सेफ सेक्स के लिए कंडोम का इस्तेमाल एक हेल्दी आदत है।

3 टैम्पोन भी बिगाड़ सकते हैं योनि का पीएच लेवल

टैम्पोन आपके पीरियड के दौराम निकलने वाले खून को अवशोषित करते हैं। टैम्पोन पीरियड ब्लड के साथ अच्छे और बुरे सभी बैक्टीरिया को अवशोषित कर लेता है। अच्छे बैक्टीरिया नहीं होने से पीएच लेवल असंतुलित हो सकता है और खराब बैक्टीरिया को पनपने में मदद मिल सकती है। टैम्पोन की जगह आप मैंस्ट्रुयल कप का उपयोग करें जो कि आपके ब्लड को इकट्ठा करेगा न की अवशोषित।

योनि का पीएच लेवल बनाए रखने के लिए होर्मोन भी काफी भूमिका निभाते हैं। चित्र: अडोबी स्टॉक

4 मेनोपॉज या स्तनपान

योनि का पीएच लेवल बनाए रखने के लिए होर्मोन भी काफी भूमिका निभाते हैं। एस्ट्रोजेन हार्मोन महिलाओं की योनि को स्वस्थ और पीएच को अम्लीय बनाए रखने में काफी मदद करता है। महिलाओं में जब मेनोपॉज शुरू होता है या वो स्तनपान कराती हैं, तो एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है। जो योनि में पीएच के लेवल को बढ़ा सकता है। इसलिए इस दौरान आपको अपनी वेजाइनल हेल्थ का बहुत ख्याल रखने की जरूरत होती है।

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लेखक के बारे में
संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं।

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