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प्रेगनेंसी के दौरान नॉर्मल है वेजाइना का कालापन, स्त्री रोग विशेषज्ञ बता रही हैं ऐसे ही 5 बदलाव

बहुत सी महिलाओं को इसकी जानकारी नहीं होती, यदि आप भी उन्ही में से एक हैं, तो ये लेख आपके लिए है। यदि आप प्रेगनेंट हैं, या कंसीव करने का सोच रही हैं, तो इसे जरूर समझें।
Published On: 26 Jun 2024, 08:00 pm IST
मेडिकली रिव्यूड
प्रेगनेंसी में योनि में नज़र आ सकते हैं ये 5 बदलाव. चित्र : शटरस्टॉक

प्रेगनेंसी एक बेहद खूबसूरत एहसास है, परंतु इस जर्नी के दौरान महिलाओं को कई तरह के शारीरिक बदलाव का अनुभव करना पड़ता है। वहीं योनि में भी कई असामान्य बदलाव आते हैं, जो पूरी तरह से सामान्य हैं और प्रेगनेंसी में महिलाओं को इनके लिए तैयार रहना चाहिए। बहुत सी महिलाओं को इसकी जानकारी नहीं होती, यदि आप भी उन्ही में से एक हैं, तो ये लेख आपके लिए है। यदि आप प्रेगनेंट हैं, या कंसीव करने का सोच रही हैं, तो इसे जरूर समझें।

इस विषय पर अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हेल्थ शॉट्स ने सीके बिरला हॉस्पिटल गुरुग्राम की ऑब्सटेट्रिक्स और गाइनेकोलॉजिस्ट आस्था दयाल से बात की। डॉक्टर ने प्रेगनेंसी में होने वाले कुछ सामान्य बदलाव बताए हैं। तो चलिए जानते हैं इस बारे में (vaginal changes in pregnancy)।

प्रेगनेंसी में योनि में नज़र आ सकते हैं ये 5 बदलाव (vaginal changes in pregnancy)

आस्था दयाल के अनुसार “हार्मोनल परिवर्तन और रक्त प्रवाह में वृद्धि के कारण, महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान योनि क्षेत्र में अक्सर कई तरह के परिवर्तन का अनुभव होता है।” सामान्य परिवर्तनों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

1. रंग में परिवर्तन आना

गर्भावस्था के दौरान श्रोणि क्षेत्र में रक्त प्रवाह में वृद्धि के कारण योनि की प्राकृतिक रंगत सामान्य से अधिक गहरे रंग की दिखाई दे सकती है। रक्त वाहिकाओं के विस्तार और बढ़े हुए रक्त संचार के कारण त्वचा लाल या बैंगनी रंग की हो सकती है। आमतौर पर यह परिवर्तन धीरे-धीरे होता है। पर कुछ महिलाओं को दूसरों की तुलना में अपनी योनि के आसपास अधिक कालापन दिखाई देता है।

इस स्थिति में जब आप यूरिन पास करती हैं, तो वल्वा और वेजाइना में इचिंग महसूस हो सकती है, चित्र ; एडॉबीस्टॉक

यह गर्भावस्था के हार्मोन और बढ़े हुए रक्त की मात्रा के लिए एक सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है, और जैसे ही प्रसव के बाद हार्मोन का स्तर सामान्य हो जाता है, यह आमतौर पर दूर हो जाती है। सहायता और आश्वासन के लिए त्वचा में होने वाले परिवर्तनों या असुविधा के बारे में किसी भी चिंता को डॉक्टर से शेयर करें।

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2. वेजाइनल डिस्चार्ज का बढ़ना

ल्यूकोरिया, गर्भावस्था के दौरान बढ़े हुए योनि स्राव का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। इस दौरान डिस्चार्ज पतला, दूधिया या थोड़ा खूनी हो सकता है। यह स्राव योनि से कीटाणुओं और मृत कोशिकाओं को साफ करके और स्वस्थ संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है। जिससे की आपमें संक्रमण के जोखिम कम हो जाते हैं।

यह हार्मोनल बदलावों की एक सामान्य प्रतिक्रिया है, जिसके कारण योनि क्षेत्र में अधिक रक्त प्रवाह होता है। हालांकि, अगर डिस्चार्ज पदार्थ या रंग (हरा या पीला) में बदलाव नज़र आता है, या इसके साथ जलन, खुजली या गंध आती है, तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है। ये बदलाव संक्रमण का संकेत हो सकते हैं।

3. बढ़ जाती है संवेदनशीलता

गर्भावस्था के दौरान, योनि क्षेत्र में रक्त के प्रवाह में वृद्धि से ऊतकों में सूजन हो सकती है। यह बढ़ी हुई रक्त आपूर्ति आपकी प्यूबिक एरिया को अधिक संवेदनशील बना देती है, जिससे योनि क्षेत्र स्पर्श और उत्तेजना के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। ये परिवर्तन गर्भावस्था के हार्मोन के लिए सामान्य शारीरिक प्रतिक्रियाएं हैं और आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद ठीक हो जाती हैं।

यीस्ट इन्फेक्शन एक सामान्य फंगल इंफै्क्शन है, ये कैंडिडा अल्बिकन्स की ओवरग्रोथ के कारण बढ़ने लगता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

4. हर बार अलग हो सकता है योनि का बायोम

डॉक्टर आस्था दयाल के अनुसार “प्रेगनेंसी के दौरान कुछ महिलाओं को सूखापन महसूस हो सकता है, जबकि अन्य महिलाएं अधिक ल्युब्रिकेशन महसूस करती हैं।” इसका मतलब है ज्यादातर समय उनकी योनि गीली रहती है। जिसके कारण कुछ महिलाएं इर्रिटेशन महसूस करती हैं। वहीं यदि योनि ड्राई है, तो इस स्थिति में संक्रमण और खुजली का खतरा बढ़ जाता है।

5. वहां उभरी हुई नसें नज़र आ सकती हैं

श्रोणि क्षेत्र में रक्त के प्रवाह में वृद्धि के कारण गर्भावस्था के दौरान योनि क्षेत्र में नसें अधिक ध्यान देने योग्य हो सकती हैं (नसें उभरी हुई नज़र आ सकती हैं)। विकासशील गर्भाशय श्रोणि क्षेत्र में नसों पर दबाव डालता है, इसलिए यह वैरिकाज़ नर्व के बराबर है, जो गर्भावस्था के दौरान पैरों में विकसित हो सकती हैं।

हालांकि, यह ज़्यादातर हानिरहित है, लेकिन यह कभी-कभी गर्भावस्था के दौरान असुविधा पैदा कर सकती है। यदि ऐसा कुछ महसूस हो, तो अपने डॉक्टर से मिलकर सलाह लें।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी

पत्रकारिता में 3 साल से सक्रिय अंजलि महिलाओं में सेहत संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। हेल्थ शॉट्स के लेखों के माध्यम से वे सौन्दर्य, खान पान, मानसिक स्वास्थ्य सहित यौन शिक्षा प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश कर रही हैं।

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