पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

आपकी लिबिडो भी बताती है आपकी सेहत और मूड का हाल, जानिए कब कम और कब ज्यादा हो जाती है सेक्स की इच्छा

कभी-कभी आप अपने आपको बहुत हॉर्नी महसूस करती होंगी, जबकि कभी ऐसा भी लग सकता है कि कुछ महसूस ही नहीं हो रहा। वास्तव में आपकी सेहत और मानसिक स्थिति में बिस्तर में आपका रुझान बदल देती है।
Updated On: 18 Oct 2023, 10:12 am IST
लो लिबिडो का अनुभव कर रहीं हैं, तो ये कारण हो सकते है जिम्मेदार। चित्र: अडोबी स्टॉक

अक्सर आप अपने लिबिडो यानी की सेक्स डिजायर में उतार-चढ़ाव महसूस करती होंगी। आखिर ऐसा क्यों होता है? आपकी सेहत का बदलता हाल लिबिडो में बदलाव का कारण बन सकता है। लिबिडो आपके सेहत का हाल बताती है, यफी यह सामान्य है तो समझ जाएं की आपकी स्वास्थ्य स्थिति भी नार्मल है, यदि लिबिडो अचानक से बढ़ गयी है या उसमें कमी आ गयी है, तो आप जरूर किसी स्वास्थ्य स्थिति की शिकार हो चुकी हैं। सभी महिलाओं को इस विषय पर जानकारी होनी चाहिए।

हेल्थ शॉट्स ने इस विषय पर आकाश हेल्थ केयर की गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर शिल्पा घोष से बात की। डॉक्टर ने बताया कि किन हेल्थ कंडीशन्स में आपका लिबिडो (Female Libido) बढ़ता और घटता है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

जानें किन हेल्थ कंडीशंस में होती हैं लिबिडो की कमी

1. तनाव और थकावट

काम का प्रेशर, परिवार या दिन प्रति दिन की सामान्य आदतों का तनाव आपके मन को यौन इच्छा से हटाकर आपकी सेक्स ड्राइव को कम कर सकता है। लंबे समय से चला आ रहा तनाव आपके हार्मोन के स्तर में बदलाव का कारण बन सकता है, जिसके परिणामस्वरूप लिबिडो की कमी महसूस हो सकती है।

लड़कों की तुलना में छोटी बच्चियों को ज़्यादा प्रभावित कर सकता है डिप्रेशन। चित्र: शटरस्टॉक

2. अवसाद यानी डिप्रेशन

कम आत्मसम्मान, निराशा की भावना सभी अवसाद के संकेत हैं। यह सभी स्थितियां आपमें लिबिडो की कमी का कारण बन सकती है। अवसाद न्यूरोट्रांसमीटर के असंतुलन का भी कारण बनता है जो कामेच्छा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यदि आपको लिबिडो की कमी के साथ साथ डिप्रेशन के अन्य लक्षण नजर आ रहे हैं, तो हो सकता है आप किसी बात से अधिक परेशान रह रही हैं।

3. एंग्जाइटी

स्ट्रेस कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर में वृद्धि का कारण बन सकती है। कोर्टिसोल का उच्च स्तर सेक्स हार्मोन को दबा देता है जिससे की आपकी सेक्स ड्राइव प्रभावित होती है। इस स्थिति में आपको लो लिबिडो का सामना करना पड़ सकता है।

4. सेक्सुअल अब्यूज

यौन उत्पीड़न, यौन शोषण या बलात्कार जैसे आघात का अनुभव आपकी यौन इच्छा को प्रभावित कर सकता है। आमतौर पर इस स्थिति में लिबिडो की कमी महसूस होती है।

अत्यधिक शराब का सेवन किस प्रकार से है स्वास्थ्य के लिए हानिकारक। चित्र : अडोबी स्टॉक

5. शराब, धूम्रपान या अन्य ड्रग्स

अधिक मात्रा में शराब पीने और अनुचित तरीके से दवाओं का उपयोग करने से सेक्स ड्राइव में कमी आ सकती है। धूम्रपान आपके टेस्टोस्टेरोन के स्तर को दबा देता है, जिससे लिबिडो की कमी महसूस हो सकती है।

अब जानें हाई लिबिडो के लिए जिम्मेदार हेल्थ कंडीशंस

1. अधिक व्यायाम हो सकती है जिम्मेदार

आपकी सेक्स ड्राइव सामान्य से अधिक होने का एक कारण शारीरिक गतिविधि में वृद्धि या वजन कम होना है। पब मेड सेंट्रल द्वारा 2018 में किये गए एक अध्ययन में शारीरिक फिटनेस और उच्च सेक्स ड्राइव के बीच सकारात्मक संबंध का पता चला। वास्तव में, शोधकर्ताओं ने पाया कि महिलाओं में, उत्तेजना हृदय संबंधी सहनशक्ति से काफी प्रभावित होती है।

यह भी पढ़ें : सेक्स लाइफ में पार्टनर के साथ कैमिस्ट्री करनी है इंप्रूव, तो जानिए किसिंग से लेकर पॉर्न तक की अहमियत

2. हार्मोन के स्तर में बदलाव आना

सेक्स हार्मन एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन का स्तर आपके जीवनकाल के दौरान भिन्न हो सकता है, ऐसे में यह आपकी सेक्स ड्राइव को भी प्रभावित कर सकते हैं। कई बार इन हॉर्मोन्स में बदलाव होने से हाई लिबिडो का सामना करना पड़ सकता है। यदि आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है तो हो सकता है आपके हॉर्मोन्स में बदलाव हो रहा हो।

महिलाओं में, ओव्यूलेशन से पहले और उसके दौरान एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे सेक्स ड्राइव में वृद्धि होती है। इस बीच, पुरुषों में उच्च टेस्टोस्टेरोन का स्तर उच्च कामेच्छा से जुड़ा हुआ है। स्टेरॉयड का उपयोग करने वाले युवा पुरुषों और एथलीटों में टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर आम है।

पीरियड्स के दौरान बढ़ सकता है लिबिडो। चित्र : एडॉबीस्टॉक

3. ओव्युलेशन के दौरान

मेंस्ट्रुएशन के पहले कुछ दिनों के दौरान, हार्मोन का स्तर कम होता है, एस्ट्रोजेन का स्तर लगभग 4 या 5 दिन से बढ़ना शुरू हो जाता है, क्योंकि ओवरी एग जारी करने की तैयारी शुरू कर देता है। 10वें दिन के आसपास, एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो जाता है और प्रोजेस्टेरोन का स्तर भी बढ़ने लगता है। इस समय आपको अपनी ऊर्जा का स्तर विशेष रूप से बढ़ा हुआ महसूस हो सकता है, वहीं कुछ महिलाओं में लिबिडो का बढ़ता स्तर देखने को मिलता है।

नोट : आपका बढ़ता और घटता लिबिडो ऊपर बताई गयी इन सभी स्वास्थ्य स्थियों को दर्शाता है। यदि आपको भी ऐसी किसी भी स्थिति का एहसास हो तो सचेत हो जाएं और जरुरत पड़ने पर अपने डॉक्टर की सलाह लें।

यह भी पढ़ें : IVF And Nutrition : पहली बार में ही आईवीएफ को सफल बनाना है तो आहार का भी रखना होगा ध्यान

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी

पत्रकारिता में 3 साल से सक्रिय अंजलि महिलाओं में सेहत संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। हेल्थ शॉट्स के लेखों के माध्यम से वे सौन्दर्य, खान पान, मानसिक स्वास्थ्य सहित यौन शिक्षा प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश कर रही हैं।

अगला लेख