पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

डियर मॉम्स, बढ़ते बच्चों की इम्यूनिटी मेंटेन करने के लिए हमेशा याद रखें ये 5 इफेक्टिव टिप्स

बच्चों के इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी है। शुरुआत से ही बच्चों की ग्रोथ पर ध्यान न देना आगे चलकर उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य जोखिमों में डाल सकता है।
Published On: 28 Jul 2022, 10:00 am IST
बच्चों की खान-पान की आदतों में सुधार करें। चित्र शटरस्टॉक।

मानसून के इस मौसम में हार्मफुल बैक्टीरियाज और जर्म पूरी तरह एक्टिव हो जाते हैं। ऐसे में स्कूल से आने जाने के दौरान या फिर बाहर खेलते वक्त बच्चों के संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है। हालांकि, बात केवल मॉनसून कि नहीं कोविड-19 के समय आई महामारी ने कई लोगों को बुरी प्रभावित किया परंतु जिनका इम्यून सिस्टम मजबूत था कहीं न कहीं वह सेफ जोन में थे। खासकर ग्रोइंग बच्चों के इम्यून सिस्टम (How to boost your child immune system) पर काम करना बहुत जरूरी है। यदि शुरुआत से शरीर पर पूरी तरह ध्यान दिया जाए तो आगे चलकर किसी भी समस्या से लड़ने में आसानी होती है।

आजकल के पेरेंट्स छोटी-छोटी बातों पर डॉक्टर से सलाह लेकर बच्चों को दवाइयां देना शुरू कर देते हैं। परंतु क्या आपको पता है इन दवाइयों से होने वाले साइड इफेक्ट के बारे में? इतनी कम उम्र में केमिकल युक्त दवाइयों का सेवन आपके बच्चों की इम्यूनिटी को स्ट्रांग करने की जगह और ज्यादा कमजोर कर देता है।

यदि शुरुआत से ही उन्हें अच्छी डाइट और एक सही रूटीन की आदत बनाई जाए तो कई स्वास्थ्य जोखिमों की संभावना खुद-ब-खुद कम हो जाती है। इसलिए आज हम लेकर आए हैं, आपके ग्रोइंग चाइल्ड की इम्युनिटी को मेंटेन रखने के लिए कुछ जरूरी और आसान टिप्स।

सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा हेल्दी डाइट का पालन करता है। चित्र:शटरस्टॉक

यहां जाने हेल्दी इम्यूनिटी से जुड़े 5 टिप्स के बारे में

1. अपने बच्चों को एक हेल्दी डाइट दें

बच्चों के लिए हेल्दी डाइट काफी ज्यादा जरूरी होता है। ऐसे में उनके आहार में पोषक तत्वों से युक्त फल और सब्जियों को शामिल करना न भूलें। गाजर, हरी बीन्स, संतरा और स्ट्रॉबेरी में कैरोटीनॉयड पाया जाता है, जो इम्यूनिटी बूस्टिंग फाइटोन्यूट्रिएंट्स के रूप में जाने जाते हैं।

फाइटोन्यूट्रिएंट्स बॉडी मे व्हाइट ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन को बढ़ाता है और यह इन्फेक्शन और अन्य बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। इसके साथ ही डेयरी प्रोडक्ट्स को नियमित आहार में शामिल करें। इससे उन्हें कैल्शियम मिलता है और उनके हड्डियों की ग्रोथ भी बेहतर तरीके से हो पाती है।

2. पर्याप्त नींद लेना है जरूरी

पर्याप्त नींद शरीर को रिचार्ज कर देती है और बच्चों को पूरे दिन रिफ्रेश और एक्टिव रहने में मदद करती है। वहीं बच्चों के नींद का समय उम्र के साथ बदलता रहता है। बच्चों को समय से सुलाने के लिए रात को मोबाइल फोन से दूर रखने का प्रयास करें। इसके साथ ही पूरे दिन की स्क्रीन टाइमिंग को सीमित कर दें। अन्यथा इस तरह की एक्टिविटी उनके नींद की कमी का कारण बन सकती है और उनका इम्यून सिस्टम भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

ब्रेस्टफीडिंग है जरुरी। चित्र : शटरस्टॉक

3. ब्रेस्टफीडिंग है जरूरी

मां के दूध में इम्यूनिटी इन्हेंसिंग एंटीबॉडीज और वाइट ब्लड सेल्स मौजूद होते है। यह बच्चों को इयर इनफेक्शन, एलर्जी, डायरिया, निमोनिया, मेनिनजाइटिस, यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन और सर्टेन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम से प्रोटेक्ट करती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा प्रकाशित एक डेटा के अनुसार बच्चे को कम से कम 6 महीने तक लगातार मां का दूध मिलना चाहिए। यह बच्चों के इम्यूनिटी पावर को मजबूत बनाये रखता है।

इसके साथ ही बच्चों के ब्रेन डेवलपमेंट में भी ब्रेस्टफीडिंग का एक बड़ा महत्व है। वहीं जन्म के तुरंत बाद आने वाला पीला गाढ़ा दूध बीमारियों से लड़ने वाले एंटीबॉडीज से भरपूर होता है।

4. जर्म से प्रोटेक्ट करें

जर्म प्रोटेक्शन टेक्निकल इम्यूनिटी बूस्ट नहीं करता परंतु यह इम्यून सिस्टम पर पड़ने वाले तनाव को कम करता है। इम्यून सिस्टम बॉडी को विभिन्न प्रकार की बीमारियों को पैदा करने वाले वायरस एवं बैक्टीरियाज से प्रोटेक्ट करते हैं। परंतु इम्यून सिस्टम पर बहुत ज्यादा प्रेशर डालना इसे कमजोर कर सकता है।

इसलिए बच्चों में खाने से पहले अच्छी तरह हैंड वाश करना, खेलकूद कर आने के बाद पैर और हाथों को अच्छी तरह से धुलना साथ ही पालतू जानवरों के साथ खेलने और नाक साफ करने के बाद खुद को अच्छी तरह क्लीन करने की आदत बनाना बहुत जरूरी है। यह सभी आदतें इम्यून सिस्टम तक जर्म को नहीं पहुंचने देती और आपका इम्यून सिस्टम लंबे समय तक स्ट्रांग रहता है।

बच्चो को एक्टिव रखने की कोशिश करें। चित्र शटरस्टॉक।

5. उन्हें एक्टिव रखें

नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से सेहत बनी रहती है और बीमार होने की संभावना भी बहुत हद तक कम हो जाती है। बच्चों को एक्टिव रखने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें पूरे दिन खेलने कूदने के लिए छोड़ दिया जाए या फिर उन्हें जिम भेजना शुरू कर दें गतिशील रहने के लिए शाम को प्रकृति के बीच उन्हें घुमाने के लिए ले जाएं या उनके साथ प्ले ग्राउंड में छोटे-मोटे खेलों में हिस्सा ले सकती हैं।

हालांकि, एक्सरसाइज इम्यूनिटी बूस्ट करने का एक प्रभावी तरीका है। परंतु बच्चों से एक्सरसाइज कराना थोड़ा मुश्किल होता है। इसलिए समय निकालकर खुद भी बच्चों के साथ थोड़ी देर एक्सरसाइज करने की कोशिश करें। इसे एक खेल के रूप में उनके सामने रिप्रेजेंट कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें :  डियर लेडीज, मानसून आपको बट रैशेज भी दे सकता है, यहां हैं इंस्टेंट रिलीफ टिप्स 

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी

पत्रकारिता में 3 साल से सक्रिय अंजलि महिलाओं में सेहत संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। हेल्थ शॉट्स के लेखों के माध्यम से वे सौन्दर्य, खान पान, मानसिक स्वास्थ्य सहित यौन शिक्षा प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश कर रही हैं।

अगला लेख