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नाभि में गंदगी और दुर्गंध बन सकती है इंफेक्शन का कारण, जानिए क्यों जरूरी है इसकी देखभाल पर ध्यान देना

यदि नाभि का ध्यान न रखा जाए, तो यह संक्रमण और खुजली का कारण बन सकता है। इसके अलावा समस्या बढ़ जाने पर गंभीर संक्रमण आपको परेशान कर सकते हैं।
Updated On: 23 Dec 2024, 08:11 am IST
नाभि पर मौजूद मनिपुर चक्र समस्त स्वास्थ्य को फायदा पहुंचाता है। ऐसे में नाभि में नारियल तेल डालने से वात को रेगुलेट करने में मदद मिलती है। चित्र : शटरस्टॉक

बहुत से लोग ऐसे होंगे जिन्हें अपने नाभि की सफाई का ध्यान नहीं रहता। नाभि शरीर का ऐसा हिस्सा है, जिसे हम सभी को नियमित रूप से साफ करते रहना चाहिए। यहां पर आसानी से गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। यदि इसका ध्यान न रखा जाए, तो यह संक्रमण और खुजली का कारण बन सकता है। इसके अलावा समस्या बढ़ जाने पर गंभीर संक्रमण आपको परेशान कर सकते हैं। यदि आप अभी तक नाभि की नियमित सफाई के महत्व से वाकिफ नहीं हैं, तो आपको इसके बारे में मालूम होना चाहिए। ताकि आप इसकी नियमित सफाई कर सकें (Navel care)।

डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजिस्ट, श्रीबालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली ने नाभि की सफाई के फायदे और इसके कुछ प्रभावी तरीके भी शेयर किए हैं। तो चलिए जानते हैं इस बारे में अधिक विस्तार से (Navel care)।

जानें नाभि की सफाई न करने से क्या हो सकता है

1. यीस्ट इन्फेक्शन

नाभि बैक्टीरिया के लिए प्रजनन स्थल होती है, क्योंकि नाभि एक अंधेरा, नम क्षेत्र होता है, जहां त्वचा चिपकी रहती है। नतीजतन, आपको अपने नाभि में यीस्ट संक्रमण हो सकता है।

रात में सोने से पहले नाभि में नारियल के तेल की 2 से 3 डालकर मसाज करें। इससे शारीरिक समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। चित्र : शटरस्टॉक

2. असामान्य गंध

भले ही आपको यीस्ट संक्रमण न हो, लेकिन पसीने, गंदगी, डेड स्किन सेल्स और लिंट के जमा होने से आपके नाभि से बदबू आ सकती है।

संक्रमित नाभि के लक्षण क्या हैं

नाभि के संक्रमण या एलर्जी के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

नाभि के आस-पास लाल, खुजलीदार त्वचा
दुर्गंध
सूजन
नाभि से पीला, हरा या गहरे रंग का डिस्चार्ज
लगातार दर्द, खास तौर पर नाभि के छेद के आस-पास
नाभि के आस-पास छाले होना

जानें क्या है नाभि साफ करने का सही तरीका (Navel care)

नाभि की सफाई करने के लिए आप गुनगुने पानी और माइल्ड साबुन का इस्तेमाल कर सकती हैं। नाभि की सफाई के बाद इसे अच्छी तरह सूखा लें, क्योंकि नमी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

इसके बाद नारियल तेल या जैतून के तेल से नाभि को हल्का मसाज दे सकती हैं। ये न केवल सफाई में मदद करता है, बल्कि नाभि को हाइड्रेटेड भी रखता है।

इसके अलावा, जिन लोगों को डायबिटीज या त्वचा से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। नाभि में कभी भी केमिकल युक्त उत्पाद न लगाएं, जैसे परफ्यूम या हार्श केमिकल्स, क्योंकि ये त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

नेवल पियर्सिंग को छूने से पहले हाथ धो लें। जब तक यह ठीक न हो जाए, किसी अन्य को उस क्षेत्र को छूने न दें। चित्र : अडोबी स्टॉक

बाहर की ओर निकले हुए बेलीबटन को कैसे करना है साफ़

एक वॉशक्लॉथ पर झाग बनाएं और अपने बेलीबटन को धीरे से रगड़ें। फिर साबुन को साफ कर लें।
शॉवर के बाद, अपने बेलीबटन को अच्छी तरह से ड्राई करें।
फिर अपने बेलीबटन पर थोड़ा लोशन अप्लाई करें।

पियर्सिंग की हुई नाभि को साफ करने का तरीका

यदि आपने हाल ही में अपनी नाभि में पियर्सिंग करवाई है, तो संक्रमण से बचने के लिए उचित सफाई की आवश्यकता होती है, जिसमें पियर्सर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है।

यदि आपकी नाभि की पियर्सिंग पूरी तरह से हिल हो गई है, फिर भी इसकी साफ सफाई के प्रति लापरवाही न बरते अन्यथा यह संक्रमित हो सकती है।

एक कॉटन बॉल को पानी में भिगोकर अपने नबी को अच्छी तरह से क्लीन करें। इसके बाद इन्हें ड्राई होने दें, फिर इसमें कोकोनट ऑयल लगाएं। इस प्रकार आपकी नाभि साफ रहती है, साथ ही कोकोनट ऑयल के एंटी बैक्टीरियल गुण इन्हें संक्रमित होने से बचते हैं।

नोट: नाभि में किसी भी तरह का संक्रमण या असामान्यता महसूस होने पर फौरन डॉक्टर से सलाह लें। नाभि की सफाई करना और ध्यान रखना हाइजीन का हिस्सा होने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी

पत्रकारिता में 3 साल से सक्रिय अंजलि महिलाओं में सेहत संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। हेल्थ शॉट्स के लेखों के माध्यम से वे सौन्दर्य, खान पान, मानसिक स्वास्थ्य सहित यौन शिक्षा प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश कर रही हैं।

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