पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

शरीर के निचले हिस्से में जमा चर्बी को दूर करने के लिए व्याघ्रासन है कारगर, जानें स्टेप्स और अन्य फायदे भी

निरोगी काया के साथ शरीर को सही पोश्चर में लाने के लिए व्याघ्रासन बेहतरीन विकल्प है। इसके निरंतर अभ्यास से जमा चर्बी को दूर करने के साथ कई समस्याओं को हल किया जा सकता है। जानते हैं व्याघ्रासन के फायदे और करने का तरीका।
Updated On: 7 Jan 2024, 12:37 pm IST
व्याघ्रासन रीढ़ की हड्डी और कूल्हे की गतिशीलता को बनाए रखता है। चित्र- अडोबी स्टॉक

अधिकतर महिलाएं शरीर के निचले हिस्से में जमा होने वाले फैट्स को लेकर चिंतित रहती हैं। वे हर दम खुद को फिट रखने के लिए कई प्रकार की डाइट और एक्सरसाइज को रूटीन में शामिल कर लेती है। इसमें कोई दोराय नहीं कि इस प्रकार के उपाय से शरीर निरोगी रहता है। मगर निरोगी काया के साथ शरीर को सही पोश्चर में लाने के लिए व्याघ्रासन बेहतरीन विकल्प है। इसके निरंतर अभ्यास से शरीर में जमा चर्बी को दूर करने के साथ कई समस्याओं को भी हल किया जा सकता है। जानते हैं व्याघ्रासन के फायदे और इसे करने का तरीका (benefits and steps of Vyaghrasana)।

इस बारे में योग गुरू आचार्य प्रतिष्ठा का कहना है कि लोअर बॉडी में जमा फैट्स को दूर करने के लिए व्याघ्रासन का निरंतर अभ्यास करें। इससे शरीर फुर्तीला रहता है और थाइज़ व हिप्स पर जमा चर्बी को आसानी से बर्न किया जा सकता है। इससे मेंटल हेल्थ भी बूस्ट होती है और शरीर का इम्यून सिस्टम मज़बूत होने लगता है। इससे शरीर की आकृति में भी परिवर्तन आता है, जिससे आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है।

व्याघ्रासन से शरीर के निचले हिस्से में जमा चर्बी बर्न होने लगती है। चित्र: शटरस्टॉक

जानते हैं व्याघ्रासन के फायदे

1. शरीर के निचले हिस्से में जमा फैट्स होगा बर्न

इस योगासन के नियमित अभ्यास से शरीर के निचले हिस्से में जमा चर्बी को दूर करने में मदद मिलती है। लंबे वक्त तक बैठकर थाइज़ और हिप्स पर जमा चर्बी बर्न होने लगती है। इससे शरीर के अंगों में होने वाली ऐंठन को भी दूर किया जा सकता है।

2. पोश्चर में सुधार

रोज़ाना इसे योगासन को 8 से 10 बार करने से शरीर के पोश्चर में सुधार आने लगता है और शरीर हेल्दी हो जाता है। अतिरिक्त फैट्स दूर होने के साथ शारीरिक अंग अपनी शेप में आने लगते हैं। इससे शरीर की आकृति में परिवर्तन महसूस होता है।

3. एनर्जी के स्तर में सुधार

व्याघ्रासन को रोज़ाना करने से शरीर में स्टेमिना बूस्ट होता है और एनर्जी का लेवल बना रहता है। सर्दियों में बढ़ने वाले आलस्य और देर तक सोने की समस्या से राहत मिल जाती है। दिनभर में दो बार इस योगासन का अभ्यास शरीर को हेल्दी और फिट बनाए रखता है।

एनर्जी बूस्ट करता है योगासन। चित्र : शटरस्टॉक

4. मेंटल हेल्थ को करे बूस्ट

इस योगासन को करने से मस्तिष्क में रक्त संचार नियमित होने लगता है, जिससे ब्रेन में बढ़ने वाले तनाव से मुक्ति मिल जाती है। इसके नियमित प्रयास से याददाश्त कम होने की समस्या से भी राहत मिल जाती है।

व्याघ्रासन को करने की विधि

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। अब घुटनों के बल बैठ जाएं।

शरीर को कमर से सीधा रखें और दोनों हाथों को थाइज़ पर टिका लें और दोनों हाथों को भी जमीन पर रखें।

कमर को सीधा रखें और गहरी सांस लें। अब दाई टांग को पीछे से उपर की ओर उठाएं और सामने की ओर देखें।

अब गर्दन को भी जितना हो सके उपर की ओर उठाएं। इसके बाद उस टांग को आगे की ओर ले आएं और शरीर की आर्क बना लेना।

इसके बाद चेहरे को घुटने से छूने का प्रयास करें। इस योगासन का 8 से 10 बार अभ्यास करें।

इससे शरीर की आकृति में भी परिवर्तन आता है।

ये भी पढ़ें-  प्रोटीन पाउडर वजन बढ़ाता है या घटाता है? एक फिटनेस विशेषज्ञ से जानते हैं इस सवाल का जवाब

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

अगला लेख