पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

पेट में गड़बड़ी का संकेत हैं मुंह के छाले, जानिए कैसे करना है इनका उपचार 

यदि मुंह में छाले हो गये हैं, तो पौष्टिक आहार लेने के साथ-साथ कुछ घरेलू उपाय भी आजमा सकती हैं। 2-3 दिन में छाले दूर हो सकते हैं। 
Published On: 19 Oct 2022, 07:21 pm IST
फिटकरी में मौजूद एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ से मुंह में बढ़ने वाले संक्रमणों को दूर करती है। चित्र : शटरस्टॉक

बहुत अधिक स्पाइसी भोजन खाने से मुंह और जीभ पर छाले हो जाते हैं। इसकी वजह से आप न ठीक से कुछ खा पाती हैं और न पी पाती हैं। यहां तक कि मीठा और सादा भोजन भी मुंह के छालों के कारण तीखा लगता है। छाले की वजह से बोलने में भी कठिनाई होती है। जिससे आपका रुटीन और प्रोडक्टिविटी दोनों प्रभावित होने लगते हैं। इसके पीछे कई वजह हो सकती है। मां कहती है कि रसोई में कई सारी सामग्री मौजूद हैं, जो मुंह के छाले को खत्म करने में कारगर है। टमाटर, नारियल, अमरुद के पत्ते, नीम के पत्ते, ये सभी मुंह के छालों को (how to cure mouth ulcers fast) ठीक करते हैं। इन उपायों को जानने से पहले मुंह में छाले क्यों होते हैं, इनके बारे में जान लेते हैं।

       पेट की गड़बड़ी का संकेत हैं मुंह के छाले 

पेट साफ़ नहीं रहने के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। उनमें से एक है मुंह में छाले। हालांकि मुंह में छाले होने के कई और भी कारण हैं। हार्मोनल इम्बैलेंस, पीरियड में अनियमितता, मसालेदार भोजन के कारण भी मुंह में छाले हो जाते हैं। 

अगर आपके शरीर में फोलिक एसिड, विटामिन बी, आयरन, जिंक जैसे मिनरल्स की कमी है, तो भी आपको इस  समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इम्यून सिस्टम कमजोर रहने पर भी जीभ पर दाने निकल आते हैं। ये सभी कारक मुंह में होने वाले छाले के लिए जिम्मेदार हैं।

 यहां है मुंह के छालों को ठीक करने के उपाय (Home remedies for mouth ulcer) 

1 टमाटर का रस (Tomato juice) 

टमाटर में पोटैशियम, विटामिन सी के अलावा विटामिन बी काम्प्लेक्स भी मौजूद होता है। विटामिन बी काम्प्लेक्स की पूर्ति होने पर  मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।

कैसे करें प्रयोग 

एक टमाटर का रस निकाल लें । इसमें 1 गिलास पानी मिला लें। इससे कुल्ला करने से छाले ठीक हो जाते हैं।

 2 सूखा नारियल (Dry Coconut)

नारियल में कॉपर, सेलेनियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम के अलावा, फोलेट, विटामिन सी और थायमीन भी होता है। विटामिन सी और फोलेट जरूरी पोषक तत्व हैं, जो जीभ के फोड़े को ठीक करने का काम करते हैं।

कैसे करें प्रयोग 

सूखा नारियल को गिरी भी कहते हैं।

इसके एक टुकड़े को खूब चबा लें। चबाये हुए को 5-10 मिनट तक मुंह में रखें।

इसके बाद मुंह से निकाल कर पानी पी सकती हैं।

2-3 दिन तक लगातार प्रयोग करें। इससे छाले दूर होंगे।

3 अमरुद के पत्ते (Guava leaves) 

अमरुद के पत्तों में सोडियम, पोटैशियम के अलावा विटामिन सी और विटामिन ब6 भरपूर पाए जाते हैं। ये छालों को खत्म करने का काम करते हैं।

कैसे करें प्रयोग 

अमरुद के कुछ पत्तों को चबाने से छाले ठीक होते हैं।

चाहें तो इसमें कत्था या सौंफ मिलाकर भी चबा सकती हैं।

4 नीम के पत्ते (Neem leaves) 

नीम में प्रोटीन, विटामिन सी और केरोटीन होता है। नीम की पत्ती एंटीसेप्टिक और एंटीबैक़टीरिअल गुणों वाली होती है, जो मुंह के छाले को जड़ से ठीक कर देती है।

कैसे करें प्रयोग 

नीम के पत्तों को उबाल लें। इसे छान लें।

नीम की पत्ती एंटीसेप्टिक और एंटीबैक़टीरिअल गुणों वाली होती है, जो मुंह के छाले को जड़ से ठीक कर देती है। चित्र: शटरस्टॉक

इससे कुल्ला करें। इसमें 3-4 बूंद लहसुन के रस को भी मिलाकर कुल्ला कर सकती हैं।

 5 शहद आराम पहुंचाता है (Honey)

एंटी बक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों वाला शहद हर तरह के घाव को ठीक करता है।

 कैसे करें प्रयोग 

दिन भर में 3-4 बार मुंह के छालों पर शहद लगाने से आराम मिलता है।

एंटी बक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों वाला शहद हर तरह के घाव को ठीक करता है। चित्र: शटरस्टॉक

इसके अलावा विटामिन सी से भरपूर फलों-सब्जियों का सेवन खूब करें। खूब पानी पियें। पौष्टिक आहार लें।

यह भी पढ़ें : –दिवाली की तैयारी में न करें बालों की अनदेखी, यहां हैं हर तरह के बालों की देखभाल के टिप्स 

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

अगला लेख