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पीले दांत और बैड ब्रेथ: जानें कारण, समस्याएं और समाधान

इस लेख में जानें पीले दांतों और बैड ब्रेथ आजकल एक सामान्य समस्या है। पर यह आपके स्वास्थ्य और व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालती है। जानें इसके कारण, इससे जुड़ी समस्याएँ और उनके समाधान। और इनके साथ स्वस्थ दांत और ताजगी भरी सांस पाएं।
Updated On: 5 Oct 2024, 03:05 pm IST
पीले दांतों के कारण आपकी मुस्कान फीकी पड़ सकती है।चित्र- अडोबीस्टाॅक

दांत और मुंह हमारे शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जब दांत पीले हो जाते हैं या सांसों से दुर्गंध आने लगती है, तो यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और सामाजिक परेशानियों का कारण भी बन सकता है। खराब जीवनशैली और सतर्कता की कमी के चलते यह समस्या काफी आम है, लेकिन इसके पीछे कई जटिल कारण हो सकते हैं। आइये इस लेख में डॉ. पुनित अहुजा, डेंटिस्ट, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली के माध्यम से समझते हैं कि पीले दांतों और बैड ब्रेथ की स्थिति क्यों होती है, ये किन समस्याओं को जन्म दे सकती है और इनसे बचाव के लिए आपको क्या करना चाहिए।

पीले दांतों और बैड ब्रेथ की समस्या क्यों होती है ?

डॉ. पुनित बताते हैं कि पीले दांत और बैड ब्रेथ की स्थिति दोनों ही मुंह में साफ सफाई की कमी और अन्य शारीरिक समस्याओं के संकेत हो सकते हैं। दांतों के पीलेपन का मुख्य कारण प्लाक का जमाव है, जो दांतों की सतह पर बैक्टीरिया और खाने के कणों से मिलकर बनता है। नियमित ब्रश न करने, गलत खान-पान, अत्यधिक चाय-कॉफी या तंबाकू के सेवन से यह समस्या बढ़ जाती है।

वहीं, बैड ब्रेथ का कारण मुंह के अंदर बैक्टीरिया का अत्यधिक जमाव होता है। जब यह बैक्टीरिया भोजन के कणों को तोड़ते हैं, तो सल्फर युक्त गैस उत्पन्न होती हैं, जो दुर्गंध का कारण बनती हैं। इसके अलावा, दांतों के बीच फंसा भोजन, मसूड़ों की बीमारी जैसे कि जिंजिवाइटिस, सूखे मुंह की स्थिति और पाचन संबंधी समस्याएं भी सांसों की दुर्गंध का कारण हो सकती हैं। ऐसे में इन समस्याओं से बचाव के लिए ओरल हाइजीन यानी मुंह की सफाई रखना बहुत जरुरी है।

पीले दांतों और बैड ब्रेथ से फैल सकते है और भी इंफेक्शन।चित्र- अडोबीस्टाॅक

इससे किस तरह की समस्याएं हो सकती हैं ?

पीले दांत और बैड ब्रेथ केवल बाहर से दिखने वाली या महसूस होने वाली समस्याएं नहीं है बल्कि ये ओरल हेल्थ से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकती हैं। दांतों का पीलापन, प्लाक या टार्टर के अत्यधिक जमाव का संकेत हो सकता है, जिससे मसूड़ों में सूजन या ब्लीडिंग हो सकती है। लंबे समय तक अगर यह समस्या बनी रहती है, तो यह पेरियोडोंटल डिजीज जैसी गम डिजीज में बदल सकती है, जो दांतों के नुकसान का कारण भी बन सकती है। पीले दांतों के कारण व्यक्ति के आत्मविश्वास में भी कमी आ सकती है। इसके अलावा बैड ब्रेथ न केवल दूसरों के लिए असुविधाजनक होती है, बल्कि यह शरीर के अंदरूनी इंफेक्शन या गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। गंभीर मामलों में ये दांतों के गिरने या मुंह के कैंसर जैसी समस्याओं की तरफ भी इशारा कर सकती है।

कौन से घरेलू उपाय अपनाने चाहिए?

घरेलू उपायों से पीले दांतों और बैड ब्रेथ को कंट्रोल किया जा सकता है, हालांकि इसके लिए नियमितता और सावधानी जरूरी है। इस समस्या के लिए आप खुद कुछ घरेलु उपाय अपना सकते हैं जैसे-

1.आप बेकिंग सोडा और नींबू के रस को मिलाकर दांतों पर लगाएं और 2 मिनट तक रख सकते हैं।

2.हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और बेकिंग सोडा को मिलाकर दांतों पर लगा सकते हैं।

3.तुलसी के पत्तों और नींबू के रस को भी मिलाकर लगा सकते हैं।

4.आप दालचीनी पाउडर, स्ट्रॉबेरी के गूदे और बेकिंग सोडा को भी मिलकर 2 मिनट तक रख सकते हैं।

5.बैड ब्रेथ के लिए पुदीना और नींबू का पेस्ट के रस को मिलाकर मुंह में रख सकते हैं।

6.लौंग और इलायची, नींबू और अदरक का रस या फिर, तुलसी और पुदीना को भी मुंह में कुछ देर ले लिए रख सकते हैं।

दांतों में पीलापन या बैड ब्रेथ ना आए इसके लिए आपको नियमित दांतों की सफाई करनी होगी। अपने खानपान में स्वस्थ आहार लें, नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और अल्कोहल से दूरी बनाएं। इसके अलावा, पानी का पर्याप्त सेवन सुनिश्चित करें, ताकि मुंह में लार का उत्पादन बेहतर बना रहे और मुंह सूखा न हो। ये पढें: गुनगुने पानी में मिलाएं सेंधा नमक और पाएं मुंह और दांतों से जुड़ी तमाम समस्याओं का छुटकारा

दांत और मुंह की अच्छी सफाई रखने से मिल सकती है आराम।चित्र- अडोबीस्टाॅक

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?*

जब घरेलू उपाय और बेहतर ओरल हाइजीन के बावजूद पीले दांतों और बैड ब्रेथ की समस्या बनी रहती है, तब डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक हो जाता है। अगर मसूड़ों से खून आने लगे, सूजन हो, या दांत ढीले महसूस होने लगें, तो यह संकेत हो सकते हैं कि पेरियोडोंटल डिजीज विकसित हो रही है, जिसके लिए डेंटिस्ट की सलाह जरूरी होती है।

बैड ब्रेथ अगर लंबे समय तक बनी रहती है और सामान्य उपायों से ठीक नहीं होती, तो यह किसी अंदरूनी इंफेक्शन, जैसे साइनस, फेफड़े या पाचन तंत्र की समस्या का संकेत हो सकती है, जिसके लिए विशेष जांच की आवश्यकता होती है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके उनके द्वारा बताई जाने वाली टेस्ट्स को अवश्य कराएं। अक्सर लोग इस तरह की समस्याओं को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और जिसका खामियाजा उन्हें आगे चलकर भुगतना पड़ता है इसलिये यदि दांतों में अत्यधिक दर्द, सेंसिटिविटी या कोई अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए, ताकि किसी गंभीर समस्या को समय रहते रोका जा सके। ये पढें: जॉन्डिस और खराब ओरल हाइजीन का संकेत हो सकता है जीभ का पीला पड़ना, जानिए इससे कैसे निपटना है

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लेखक के बारे में
जान्हवी शुक्ला

कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट जान्हवी शुक्ला जर्नलिज्म में मास्टर्स की पढ़ाई कर रही हैं। लाइफस्टाइल, फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस उनके लेखन के प्रिय विषय हैं। किताबें पढ़ना उनका शौक है जो व्यक्ति को हर दिन कुछ नया सिखाकर जीवन में आगे बढ़ने और बेहतर इंसान बनाने में मदद करती हैं।

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