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Pure Ghee : घी शुद्ध है या अशुद्ध ? घर पर इन 8 तरीकों से करें इसकी जांच

खाद्य पदार्थों में मिलावट सेहत के लिए बेहद हानिकारक होती है और घी उन में से एक है जिसमें लोग मिलावट करते हैं। अगर आपको घी की शुद्धता पर शंका है, तो आप इसकी शुद्धता की जांच के लिए ये टेस्ट कर सकते हैं।
Published On: 4 Mar 2025, 02:52 pm IST
घी का सेवन शरीर में बढ़ने वाली ड्राईनेस को कम करता है चित्र : अडॉबीस्टॉक

घी, एक प्रकार का मक्खन जो अक्सर अपने स्वाद के कारण रोटियों या भारतीय ब्रेड के स्वाद को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे न केवल अपने स्वाद के कारण, बल्कि इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों के कारण भी इसे खाया जाता है। घी को बनाने के लिए मक्खन को धीमी आंच में पकाया जाता है। जिससे मक्खन का पानी और अशुद्धियां हट जाती हैं।(How to check purity of ghee ) ये पाचन में सहायता करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। लेकिन आप इसके स्वास्थ्य लाभों का आनंद तभी ले सकते हैं जब ये मिलावटी न हो। अक्सर लोग घी में स्टार्च और वनस्पति तेल मिलाते हैं। क्या आप भी घी की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं? तो आप घर पर घी की प्योरिटी के लिए ये आसान टेस्ट करें।

कैसे जांचें कि आपका घी शुद्ध है?

आपको घी के फायदे तभी मिल सकते हैं जब उसमें मिलावट न हो। घर पर घी की शुद्धता जांचने के लिए यहां कुछ आसान टेस्ट दिए गए हैं। जिससे आप घी की प्योरिटी जांच सकती हैं।

1. फ्रीजिंग टेस्ट

एक कांच के बर्तन में थोड़ा सा घी डालकर कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख दें। अगर घी शुद्ध है तो ये एक समान जम जाएगा, लेकिन अगर घी अलग-अलग परतों में जमता है या पूरी तरह से नहीं जमता है, तो उसमें सोयाबीन, नारियल या सूरजमुखी के तेल की मिलावट हो सकती है।

घी और हल्दी का कॉम्बिनेशन किसी वरदान से कम नहीं है। चित्र-अडोबीस्टॉक

2. हीटिंग टेस्ट

धीमी आंच पर एक पैन में एक बड़ा चम्मच घी गर्म करें। विशेषज्ञ कहते हैं, “अगर घी शुद्ध है तो ये, जल्दी पिघल जाएगा और ये साफ लिक्किड में बदल जाएगा। अगर इसे पिघलने में अधिक समय लगता है या साफ लिक्किड में नहीं बदल रहा है, तो (How to check purity of ghee ) घी मिलावट हो सकती है।

3. आयोडीन टेस्ट

थोड़े से घी में आयोडीन के घोल की कुछ बूंदें डालें। अगर घी नीला हो जाए तो इसका मतलब है कि उसमें स्टार्च है, और ये घी मिलावटी है और आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

4. हथेली टेस्ट

अपनी हथेली पर थोड़ा सा घी रखें और देखें कि यह आपके शरीर की गर्मी पर कैसे प्रतिक्रिया करता है। शुद्ध घी कुछ ही सेकंड में पिघल जाएगा (How to check purity of ghee ) । अगर यह ठोस रहता है या पिघलने में ज्यादा समय लगता है, तो इसमें वनस्पति तेल या वसा मिला हो सकता है।

5. घुलनशीलता टेस्ट

क्या आप जानना चाहते हैं कि पानी से घी की शुद्धता कैसे पता करें? एक गिलास पानी में एक चम्मच घी घोलें। शुद्ध घी सतह पर तैरता रहेगा, लेकिन अगर यह पानी में मिल जाए या नीचे बैठ जाए, तो इसमें तेल की मिलावट हो सकती है।

6. चम्मच टेस्ट

एक छोटा चम्मच घी लें और उसे आंच पर गर्म करें। शुद्ध घी पूरी तरह पिघल जाएगा और साफ लिक्किड में बदल जाएगा। अगर कुछ चिपचिपा लग रहा है या बदबू आ रही है, तो घी अशुद्ध हो सकता है।

7. स्वाद टेस्ट

आधा चम्मच घी लें और उसे चखें। (How to check purity of ghee) शुद्ध घी में मेवे जैसा स्वाद होता है विशेषज्ञ कहते हैं, तेल जैसा या चिकना स्वाद घी में मिलावट का संकेत हो सकता है।

8. पेपर टेस्ट

एक सफेद कागज या कपड़े पर घी की एक बूँद डालें और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। शुद्ध घी तेल जैसा दाग छोड़ता है (How to check purity of ghee) जो धीरे-धीरे गायब हो जाता है। अगर दाग बना रहता है या असामान्य रूप से चिकना है, तो इसमें वनस्पति तेल की मिलावट हो सकती है।

आपको मिलावटी घी से क्यों बचना चाहिए?

  • मिलावटी घी में अक्सर स्टार्च, हाइड्रोजनीकृत वसा या निम्न गुणवत्ता वाले तेल की मिलावट होती हैं, जो अपच, सूजन, गैस और पेट की परेशानी जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
  • मिलावटी घी में हाइड्रोजनीकृत तेलों से प्राप्त अनहेल्दी ट्रांस फैट होता है , जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है
  • मिलावटी घी में मिलाए जाने वाले पदार्थ एलर्जी पैदा कर सकते हैं, खास तौर पर उन लोगों में जो मिलावट के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ रसायनों या पदार्थों के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसके लक्षण हल्के चकत्ते से लेकर गंभीर श्वसन समस्याओं तक हो सकते हैं।
  • शुद्ध घी में आवश्यक विटामिन प्रचुर मात्रा में होते हैं, लेकिन मिलावटी घी में ये पोषक तत्व नहीं होते, जिससे आंख, हड्डियों की हेल्थ, इम्यून सिस्टम और स्किन हेल्थ की समस्या हो सकती है।
  • मिलावटी घी के कारण खाने का स्वाद और गुणवत्ता प्रभावित होती है।
  • मिलावटी घी के कई साइड इफेक्ट होते हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि आप जो घी खा रहे हैं वह शुद्ध और उच्च गुणवत्ता (How to check purity of ghee) वाला हो। लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभों का आनंद लेने के लिए इसे सीमित मात्रा में ही खाएं।
घी डायजेस्टिव हेल्पर है, लेकिन घी को पकाना जरूरी होता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

घी के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?

घी हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है, खासकर तब जब इसे सीमित मात्रा में खाया जाए।

1. हेल्दी फैट

घी में ब्यूटिरिक एसिड और फैटी एसिड होते हैं, जो आसानी से डाइजेस्ट हो जाते हैं जिसे शरीर एनर्जी के लिए उपयोग करता हैं। अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) के अनुसार, सौ ग्राम घी में 61.924 ग्राम फैटी एसिड होता है।

2. पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है

घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड जो आंतों की हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। न्यूट्रिशनिस्ट अभिलाषा वी कहती हैं, यह कोलन सेल को पोषण देने, सूजन को कम करने और आंत को हेल्दी रखने में मदद करता है, ये उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं।

3. विटामिन से भरपूर

घी में विटामिन ए, ई और के भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आंख, इम्यून सिस्टम, हड्डियों के स्वास्थ्य और स्किन के लिए फायदेमंद है। यूएसडीए के अनुसार सौ ग्राम घी में 840 माइक्रोग्राम विटामिन ए, 2.8 मिलीग्राम विटामिन ई और 8.6 माइक्रोग्राम विटामिन के होता है ।

4. सूजनरोधी गुण

एडवांस इन न्यूट्रिशन जर्नल में 2018 में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड में सूजन-रोधी गुण होते हैं। अभिलाषा कहती हैं, “यह शरीर में सूजन को कम करने में मदद करता है, जिससे गठिया और सूजन आंत्र रोग जैसी परेशानियों को दूर करने में मदद करता है।

5. इम्यून सिस्टम

जनवरी 2024 में जर्नल ऑफ आयुर्वेद एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, खाने में घी को शामिल करने से इम्यून सिस्टम में सुधार होता है। विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर के लिए घी बेहद फायदेमंद है लेकिन इसका सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए।

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डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
रूबी शुक्ला

रूबी शुक्ला युवा हिंदी कंटेट क्रिएटर हैं। वे स्किन केयर, हेयर केयर, हेल्दी लाइफस्टाइल और पारंपरिक उपचार पद्धति के बारे में लिखती हैं।

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