बच्चा आपको अवॉइड करने लगा है, तो ये 7 पेरेंटिंग टिप्स हैं आपके लिए, मजबूत होगी बॉन्डिंग
अंदर क्या है
- बच्चों को कैसे दें परवरिश
- बच्चों के साथ क्या न करें?
- कठोर होने की बजाय बच्चों को समझाना क्यों है बेहतर?
बदलती दुनिया में रिश्तों की शक्ल भी बदल रही है। तकनीक ने बहुत सारी राह आसान की है लेकिन कुछ मुश्किलें भी पैदा हुई हैं। पेरेंट चाइल्ड रिलेशनशीप भी कई बार इसकी शिकार हुई है या हो जाती है। ऐसे में बच्चे का पालन बेहतर तरीके से हो और आपका उससे रिश्ता मजबूत और प्यारा बना रह सके, ऐसा व्यवहार करना जरूरी है। लेखक और शायर जावेद अख्तर ने कभी कहा था कि बच्चे वो नहीं करते जो हम कहते हैं , बच्चे वे करते हैं जो हम करते हैं। तो बस इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम लाए हैं कुछ आदतों (ways to strengthen parents child relationship) की जानकारी जो अपना कर आप अपने बच्चे को एक बेहतर परवरिश (ways to strengthen parents child relationship) दे सकते हैं।
1. बच्चे की बातें ध्यान से सुनें (Active Listening)
बच्चे के साथ पेरेंट्स का रिश्ता मजबूत (ways to strengthen parents child relationship) करने के लिए उसकी बात काे सुनना बहुत जरूरी है। जब बच्चे कुछ कहते हैं तो उन्हें सुना जाए। अगर आप बच्चे की बातों को ध्यान से सुनेंगे, तो वह महसूस करेगा कि उसकी राय मायने रखती है। कई बार बच्चों को सिर्फ एक ऐसे इंसान की जरूरत होती है जो उनकी बातों को सुन सके।
पेरेंट्स–चाइल्ड रिलेशनशिप मजबूत करने के लिए (ways to strengthen parents child relationship) जब बच्चा कुछ कहे, तो उससे ध्यान से सुनें। बच्चे की बात खत्म होने के बाद ही अपनी राय या सलाह दें।
2. प्यार दिखाएं (Show Love and Affection)
यूनिसेफ की एक रिपोर्ट कहती है कि बच्चों को (ways to strengthen parents child relationship) यह एहसास दिलाना बहुत ज़रूरी है कि वे प्यार किए जाते हैं। चाहे दिनभर का व्यस्त समय हो, कुछ मिनट निकालकर बच्चे को गले लगाना या उसे तसल्ली देने वाली बातें करना, ये छोटे-छोटे प्यार के इशारे रिश्ते को मजबूत बनाते हैं। जब बच्चे को यह महसूस होता है कि वह पसंद किया जा रहा है, तो उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
3. कम्यूनिकेशन बरकरार रखें (Positive Communication is way to strengthen parents child relationship )
संवाद बच्चों के मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी है। अगर आप बच्चे के साथ खुलकर बात करेंगे और उसे समझाने की कोशिश करेंगे, तो वह आपके साथ इमोशनली जुड़ा रहेगा।
बातचीत में हमेशा पॉजिटिव रहने की कोशिश करें ताकि बच्चा आपसे बात करने में हमेशा कंफरटेबल रहे। में हमेशा सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करें, और कोशिश करें कि बच्चा आपसे अपने दिल की बात आसानी से कह सके।
कैसे करें (ways to strengthen parents child relationship )
- अगर बच्चा कुछ गलत करता है, तो उसकी गलती पर गुस्से से ज्यादा उसे समझाने की कोशिश करें।
- बच्चे के इमोशन्स का सम्मान करें। बातचीत में उसके आराम का ध्यान रखिए। कभी भी बच्चों को ताना मत मारिए।
- बच्चे की गलतियों को सिखाने के तरीके में प्यार और धैर्य दिखाएं।
4. नियम फॉलो करने को कहें (Set Boundaries and Rules)
बच्चों के लिए कुछ सीमाएं और नियम होना जरूरी हैं। इससे बच्चा जानता है कि किस स्थिति में क्या करना सही है। हालांकि, ये नियम सख्त नहीं होने चाहिए, बल्कि बच्चे को समझाकर बताने चाहिए कि हर नियम मानना क्यों जरूरी है। एक रिपोर्ट कहती है कि बच्चों के लिए नियमों का पालन उनके व्यवहार को कंट्रोल करने में मदद करता है। और इससे उन्हें जिम्मेदारी भी महसूस होती है।
कैसे करें
- घर के नियम साफ-साफ बताएं और उन्हें पालन करने के लिए प्रेरित करें।
- नियमों का पालन नहीं करने पर बच्चों को सजा देने के बजाय, उन्हें समझाएं कि क्या गलत हुआ
- बच्चों को यह समझने का मौका दें कि नियम उनके भले के लिए बनाए गए हैं।
5. बच्चों के साथ समय बिताएं (Spend Quality Time)
आजकल के व्यस्त समय में पेरेंट्स बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, लेकिन यह ठीक नहीं। बच्चे के साथ रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप बच्चे के साथ समय बिताएं। इससे बच्चे को यह महसूस होगा कि वो आपके लिए कितने जरूरी हैं।
हर दिन कुछ समय बच्चे के साथ अकेले बिताएं, जैसे उसे अपनी पढ़ाई में मदद करना या उसके साथ खेलने जाना।
6. बच्चों को फैसले लेने का मौका दें (ways to strengthen parents child relationship )
बच्चों को डीसीजन लेने का मौका देना उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ाता है। जब बच्चे खुद से निर्णय लेते हैं, तो उनका आत्मविश्वास और समझ बढ़ती है। हमेशा याद रखें कि जब आप बच्चों को स्वतंत्र रखेंगे तब ही उन्हें इस बात का एहसास हो पाएगा कि उनकी पसंद और नापसंद क्या है।
क्या करें –
- छोटे-छोटे फैसलों में बच्चों को शामिल करें, जैसे कि कौन सा कपड़ा पहनना है या क्या खाना बनाना है।
- बच्चा अगर कोई फैसला ले तो उसकी तारीफ करें।
- बच्चों को यह सिखाएं कि वे खुद से फैसले ले सकते हैं।
7. झगड़े का समाधान शांति से (Resolve Conflicts Calmly)
कभी-कभी बच्चों और माता-पिता के बीच झगड़े हो सकते हैं, लेकिन यह जरूरी है कि आप अपने इमोशन्स पर काबू रखें और शांति से हल खोजें।
बच्चों को यह दिखाना (ways to strengthen parents child relationship ) कि किसी भी समस्या का हल शांति से भी निकाला जा सकता है। इसके उलट अगर आप भावना में बह कर चिल्लाते हैं या बच्चे से ग़ुस्से में बात करते हैं तो इसका असर बच्चे पर पड़ना तय है।
कैसे करें (ways to strengthen parents child relationship)
- गुस्से में कभी भी बच्चों से बात न करें।
- बच्चे को ये एहसास कराएं कि किसी भी समस्या का हल बातचीत से निकल सकता है। झगड़ाया गुस्सा किसी भी प्रॉब्लम से निपटने का तरीका नहीं है।
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