9 दिनों के लंबे व्रत में हो सकती हैं ये 5 समस्याएं, इन घरेलू उपायों से करें इनका समाधान
अंदर क्या है
लंबे समय तक उपवास
लंबे समय तक उपवास रखने के साइड इफेक्ट
घरेलू उपचार जो इन समस्याओं से राहत दिला सकते हैं
देवी मां की आराधना में लोग नवरात्र में नौ दिनों का उपवास रखते हैं (navratri fasting)। नौ दिन का लंबा उपवास (prolonged fasting side effects) काफी कठिन हो सकता है। जब आपका शरीर सामान्य खानपान से कहीं अलग तरह के खान-पान पर निर्भर होता है। ऐसे तो नौ दिनों के उपवास को डिटॉक्स के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, परंतु फिर भी सामान्य दिनचर्या से अलग रूप से खान-पान करने से शरीर को कुछ साइड इफेक्ट्स का भी सामना करना पड़ता है।
कॉन्स्टीपेशन, ब्लोटिंग, सिर दर्द आदि ऐसी कुछ सामान्य समस्याएं हैं, जिन्हें लोग उपवास में अक्सर अनुभव करते हैं। हालांकि, इनमें कुछ खास घरेलू नुस्खे बेहद कारगर होते हैं। परंतु उपवास में कई चीजों का सेवन वर्जित होता है, इसलिए घरेलू नुस्खों को भी ध्यान से चुनना पड़ता है (prolonged fasting side effects)।
मेरी दादी शुरुआत से नौ दिनों का उपवास रखती आ रही हैं, वहीं इस दौरान परेशानी होने पर वे कुछ खास तरह के घरेलू नुस्खे आजमाती हैं, जिससे उन्हें फौरन राहत मिलती है। मैने उन नुस्खों पर कुछ रिसर्च किया, जिसके बाद मैंने सोचा क्यों न इसे आप सभी के साथ शेयर किया जाए। क्योंकि उपवास में कुछ परेशानियां बिल्कुल कॉमन होती हैं। तो चलिए जानते हैं, ऐसे ही कुछ सामान्य समस्याएं और उन्हें ठीक करने के घरेलू उपाय (prolonged fasting side effects)।
यहां जानें व्रत ने होने वाली कुछ आम समस्याएं और उनके उपचार (prolonged fasting side effects and dealing tips)
1. कब्ज
नवरात्र के नौ दिनों के व्रत में कांस्टीपेशन यानी की कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याएं होना बिल्कुल आम है। नियमित खानपान में होने वाले बदलाव विशेष रूप से फाइबर और फ्लूइड की कमी के कारण मल त्याग करने में परेशानी आ सकती है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन, शारीरिक गतिविधियों का कम हो जाना, यह सभी कब्ज का कारण बनते हैं। व्रत में लोग अत्यधिक मात्रा में फैटी फूड्स का सेवन करते हैं, जिसकी वजह से इन्हें पूरी तरह से पचाना मुश्किल हो सकता है।
जानें कब्ज की स्थिति में क्या करना है
यदि आप व्रत में है और आपको कब्ज की समस्या हो गई है, तो सबसे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इसके अलावा व्रत में खाए जाने वाले कुछ ऐसे विकल्प चुने जिनमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर हों, जैसे कि कुट्टू का आटा और फल। आप चाहे तो गुनगुने दूध या पानी में एक चम्मच घी डालकर उसे पी सकती हैं। इससे कब्ज से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही शारीरिक रूप से सक्रिय रहना भी जरूरी है।
2. ब्लोटिंग
नवरात्रि के दौरान शरीर को डिटॉक्स करने के लिए शुद्ध और सादा खाना खाने की आवश्यकता होती है। परंतु आजकल लोगों ने तले, भुने और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन करना शुरू कर दिया है। बाजार में व्रत के नाम पर तरह-तरह के व्यंजन विशेष रूप से चिप्स आदि मिलने लगे हैं, जिसकी वजह से न केवल शरीर में टॉक्सिंस बढ़ता है। बल्कि पाचन संबंधी समस्याएं खासकर ब्लोटिंग आपको अधिक परेशान कर सकती है।
जानें कैसे करना है इस समस्या से डील
व्रत में ब्लोटिंग होने पर कुछ देर बिना कुछ खाएं वॉक करें, साथ ही गुड़हल के फूल और नींबू की चाय पिएं। इससे आपको राहत मिलेगी। इसके अलावा किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन करते वक्त अपने पाचन क्रिया का ध्यान रखें, तले, भुने और प्रोसैस्ड खाद्य पदार्थों की जगह घर का बना हल्का भोजन करें। टिक्की तैयार कर रही हैं, तो इसे डीप फ्राई करने की जगह हल्के घी में तवे पर सेक लें।
3. थकान
नवरात्र में 9 दिनों के व्रत में लोगों में थकान महसूस होना बिल्कुल आम है। इसके कई कारण हो सकते हैं, कई बार लंबे समय तक किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन न करने से शरीर को एनर्जी प्रोड्यूस करने के लिए आवश्यक पोषण नहीं मिलता। जिसकी वजह से थकान महसूस हो सकता है। वहीं त्यौहार में लोग पानी पीना भूल जाते हैं और बॉडी डिहाइड्रेटेड हो जाती है, यह थकान का अन्य कारण हो सकता है।
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जानें इस स्थिति में क्या करना है
व्रत के दौरान होने वाले थकान को दूर करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर शरीर को हाइड्रेटेड रखने का प्रयास करें। इसके अलावा कोकोनट वॉटर, बटर्मिल्क, अदरक और तुलसी के पत्ते जैसे हर्बल टी के साथ ही नींबू पानी शरीर में ऊर्जा शक्ति को बनाए रखने में आपकी मदद करेगा। व्रत में लंबे समय तक भूखा रहने से बचें। आवश्यकता पड़ने पर काजू, बादाम, मखाने का सेवन करें, यह ऊर्जा के कुछ स्वस्थ स्रोत हैं। इसके अलावा पर्याप्त नींद लेना भी बहुत जरूरी है। इतना ही नहीं व्रत में शुगर रेगुलेशन पर ध्यान देना चाहिए, इसलिए हेल्दी स्वीट ऑप्शन जैसे की खजूर और फल आदि का सेवन करें।
4. डिहाईड्रेशन
नवरात्र व्रत 9 दोनों का होता है और इन दोनों डिहाइड्रेशन की समस्या होना बिल्कुल सामान्य है। ज्यादातर लोग पूजा पाठ करते हुए नियमित रूप से कम पानी पीना शुरू कर देते हैं। परंतु इस दौरान आपके शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता होती है। क्योंकि आप देर से खाती हैं और केवल कुछ प्रकार के खाते पदार्थ का सेवन करती हैं। इस दौरान डिहाइड्रेशन के साथ-साथ कमजोरी महसूस हो सकती है।
जानें इस स्थिति में क्या करना है
चाहे आप कितनी भी व्यस्त हों आपको अपने पानी पीने के समय का ध्यान रखना चाहिए। विशेष रूप से जब प्यास महसूस हो तो फौरन पानी पिएं, अधिक इंतजार न करें। डिहाइड्रेशन दूर करने के लिए कोकोनट वॉटर, बटर मिल्क और हर्बल टी की मदद ले सकती हैं। सामान्य पानी के अलावा हर्बल ड्रिंक के सेवन से आपको लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहने में मदद मिलेगी। साथ ही साथ इन ड्रिंक्स में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो आपके शरीर में अवशोषित हो कर ऊर्जाशक्ति बढ़ाएंगे।
5. सिर दर्द
सिर दर्द नवरात्रि फास्टिंग का एक कॉमन साइड इफेक्ट है। यह आमतौर पर लो ब्लड शुगर यानी कि हाइपोग्लाइसीमिया की वजह से होता है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
इस तरह डील करें
सर दर्द होने पर पर्याप्त मात्रा में पानी पिए साथ ही साथ फ्रूट जूस या नारियल का पानी पिएं जिससे शुगर लेवल मेंटेन करने में मदद मिलेगी। वहीं यह हाइड्रेशन को भी मेंटेन रखेगा और कुछ देर में आपको सिर दर्द से राहत मिलेगी। इसके अलावा पोषक तत्वों से भरपूर काजू, बादाम और मखाने खाएं। ज्यादा सिर दर्द हो तो मसाज करें और कुछ देर नींद लेने की कोशिश करें।
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