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गलतियाें पर ईमानदारी से माफी मांगना कम कर सकता है रिलेशनशिप स्ट्रेस, जानिए कैसे

गलती रिश्ते में तनाव बढ़ा सकता है। यदि आपसे किसी प्रकार की गलती हुई है, तो माफी मांगने में संकोच नहीं करें। वह भी ईमानदारीपूर्वक। जानें ईमानदारीपूर्वक माफी मांगने के 5 तरीके।
Published On: 26 Jan 2024, 02:00 pm IST
जब आपने कोई गलती की है या किसी अन्य व्यक्ति को ठेस पहुंचाई है, तो माफी मांगने के कई कारण हो सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

कभी-कभी रिश्ते में तनाव आ जाता है। इसके कारण टकराव की संभावना बढ़ जाती है। किसी एक व्यक्ति की गलती के कारण भावनात्मक दर्द और तनाव बढ़ जाता है। यदि माफी मांग ली जाए, तो यह तनाव खत्म हो सकता है। यह जानना जरूरी है कि कैसे और कब माफी मांगी जाए। माफी किसी रिश्ते में हुए नुकसान की भरपाई कर सकता है। यहां यह जानना जरूरी है कि माफी ईमानदारी से मांगी जानी चाहिए। सबस पहले यह जानना जरूरी है कि माफी क्यों मांगी (how to apologize genuinely) जाए।

क्या है ईमानदारी से मांगी गई माफी (what is genuine apology)

एक ईमानदार और प्रभावी माफी वह है, जो सहानुभूति, पछतावे के साथ-साथ गलतियों से सीखने का वादा भी कम्यूनिकेट करती है। यह विश्वास करना जरूरी है कि आपने कुछ गलत किया है। इससे सामने वाले व्यक्ति को जो ठेस पहुंची है, उसके लिए खेद महसूस करना होगा।

माफ़ी मांगने के कारण (causes of apologize genuinely)

हार्वर्ड हेल्थ की स्टडी के अनुसार, जब आपने कोई गलती की है या किसी अन्य व्यक्ति को ठेस पहुंचाई है, तो माफी मांगने के कई कारण हो सकते हैं।

• स्वीकार करें कि आप गलत थे
• इस बात पर चर्चा करें कि आपसे किस तरह यह गलती हो गयी
• अपना खेद और पछतावा व्यक्त करें
• अपनी गलतियों से सीखें और कठिन परिस्थितियों से निपटने के नए तरीके खोजें
• दूसरे व्यक्ति के साथ बातचीत का रास्ता खोलें

ईमानदार तरीके से माफी मांगने के यहां हैं 5 तरीके (5 tips to apologize genuinely)

1 ख़ास शब्दों से करें शुरुआत (start communication with specific words)

जर्नल ऑफ़ सायकोलोजी एन्ड कम्युनिकेशन के अनुसार, माफी मांगते समय “मुझे खेद है” या “मैं क्षमा चाहती हूं” शब्दों का प्रयोग करें। इसकी बजाय “मुझे खेद है” या “जो हुआ उसके बारे में मुझे बुरा लगता है” जैसे वाक्यांशों का चयन करने से अक्सर माफी नहीं मिलती है। इसमें “माफी की अस्पष्ट रूपरेखा होती है। वास्तव में यह ईमानदार कोशिश नहीं होती है। पीड़ित व्यक्ति से बातचीत करते समय उनकी भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

माफी मांगते समय “मुझे खेद है” या “मैं क्षमा चाहती हूं” शब्दों का प्रयोग करें। चित्र – शटरस्टॉक

2 जिम्मेदारी स्वीकार करें (accept responsibility)

यदि गलती आप दोनों की है, तो आपको माफ़ी क्यों मांगनी चाहिए? इस सवाल से बहुत से लोग जूझते हैं। बड़प्पन इसी में है कि थोड़ी बहुत गलती होने के बावजूद आप माफी मांग लें। यदि आप आगे बढ़कर जिम्मेदारी स्वीकार कर लेती हैं, तो आप खुद तनाव मुक्त हो जाएंगी। सामने वाला व्यक्ति भी आपके व्यवहार से खुश हो जायेगा।

3 कुछ शब्दों पर जोर दें (emphasize on some words)

माफी मांगते समय हमेशा अपने शब्दों का चयन सावधानी से करें। शर्त बताने या जताने वाले शब्दों से बचें। जैसे “अगर” या “हो सकता है” – जैसे शब्द से बचें। यह आपके संदेश को कमज़ोर करता है। यदि आप खुद को विनम्र व्यक्ति के रूप में पेश करेंगी, तो सामने वाले व्यक्ति पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। आपकी विनम्रता उन्हें पॉज़िटिव रूप से प्रभावित करेगी।

4 पॉजिटिव कम्युनिकेशन है जरूरी (Positive communication to apologize genuinely)

यदि हम अपनी बातचीत से नेगेटिविटी फैलाते हैं, तो माफी मांगने का कोई मतलब नहीं है। हमेशा पॉजिटिव कम्युनिकेशन करने की कोशिश करें। आपकी बात से दम्भ या ईर्ष्या नहीं झलकनी चाहिए। पॉजिटिव कम्युनिकेशन बिगड़े बात को भी बना देता है।

हमेशा खुद से पॉजिटिव कम्युनिकेशन करने की कोशिश करें। चित्र :शटरस्टॉक

5 माफ़ी मिलने की उम्मीद मत करें (Don’t expect forgiveness)

माफ़ी मांगना जरूरी है। उसपर ईमानदारी से वर्क करना भी जरूरी है। लेकिन यह निश्चित नहीं है कि आपको माफी मिल ही जाए। विशेष रूप से गंभीर अपराधों में। जिस व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है, उसे ठीक होने के लिए अक्सर समय और स्थान की आवश्यकता होती है। यह महत्वपूर्ण है कि उन पर दबाव न डाला जाए। सिर्फ अपनी तरफ से कोशिश की जाए।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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