पौष्टिक और हल्का, जानिए क्यों चीला हमेशा से है एक हेल्दी ऑप्शन
अधिकतर लोग दालों और सब्जियों से जी चुराने लगते हैं। उन्हें हर मील में कुछ स्पाइसी, क्रिस्पी और टेस्टी व्यंजन की तलाश होती है। उनकी ये तलाश एक ऐसी मील पर आकर पूरी हो सकती है, जो स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है। उस रेसिपी का नाम है चीला। हल्का फुल्का स्वादिष्ट चीला शरीर को पोषण प्रदान करने में मदद करता है। इसे मील में शामिल करने से न केवल बार बार भूख लगने की समस्या हल होने लगती है बल्कि पाचनतंत्र भी सुचारू बना रहता है। सूजी, बेसन या ओट्स से तैयार किया जाने वाला चीला सब्जियों को मिलाकर हेल्दी और पौष्टिक आहार बन जाता है। जानते हैं कि कैसे करें पौष्टिक चीला तैयार।
पोषण का भंडार है चीला
चीला प्लांट बेस्ड प्रोटीन का वो हेल्दी वर्जन है, जो शरीर में संपूर्ण रूप से पोषण की कमी को पूरा कर देता है। दाल, सब्जियों और मसालों से भरपूर चीले में प्रोटीन, फाइबर, कार्ब्स और एंटीऑक्सीडेंटस की उच्च मात्रा पाई जाती है। ये खाने में स्वादिष्ट और मांसपेशियों को मज़बूती प्रदान करने वाला एक खास व्यंजन है। उत्तर भारत की इस खास रेसिपी का अपने स्वाद और सेहत के अनुसार मॉडीफाई किया जा सकता है। इसके अलावा अपनी पसंद के मुताबिक थिक व थिन और क्रिस्पी या सॉफ्ट बनाया जा सकता है।
इस बारे में डायटीशियन नुपूर पाटिल बताती हैं कि चीला एक पौष्टिक आहार है, जिसे ब्रेकफास्ट या शाम के नाश्ते में शामिल करने की सलाह दी जाती है। दालों और बेसन के मिश्रण से तैयार चीले को खाने से शरीर में फाइबर, जिंक, आयरन और प्रोटीन की कमी पूरी होती है। इसके अलावा गर्मियों में अक्सर बढ़ने वाली एसिडिटी, अपच और ब्लोटिंग की समस्या से राहत मिल जाती है।
चीला हर उम्र के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके सेवन से मोटापा और डायबिटीज़ के खतरे को भी नियंत्रित किया जा सकता है। मौसम के अनुसार इसमें सब्जियों को मिला सकते हैं। लो फैट और लो कैलोरी फूड से शरीर में हेल्दी वेट मेंटेन रहता है।
इन खाद्य पदार्थों से बनेगा चीला पौष्टिक
1. मूंग दाल
मूंग दाल के सेवन से शरीर को प्रोटीन की प्राप्ति होती है। फाइबर के इस रिच सोर्स के नियमित सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर का स्तर उचित बना रहता है। इसके चलते हृदय संबधी समस्याओं का खतरा भी कम हो जाता है। इसमें एंटीट्यूमर, एंटीहाइपरटेंसिव और एंटीडायबीटिक गुण पाए जाते हैं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ने लगती है।
2. चना दाल
चने की दाल में ग्लाइसेमिक इंडैक्स लो पाया जाता है। इससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। फाइबर से भरपूर चना दाल का सेवन करने से बार बार भूख लगने की समस्या हल हो जाती है। इससे वेटगेन से बचा जा सकता है। हावर्ड चेन पब्लिक स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसार 100 ग्राम चना दाल से शरीर को 13 ग्राम प्रोटीन की प्राप्ति होती है।
3. उड़द दाल
एंटीऑक्सीडेंटस से भरपूर उड़द दाल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और कार्ब्स की उच्च मात्रा पाई जाती है। इससे शरीर को मज़बूती मिलती है और शरीर का ब्लड फ्लो भी नियमित रहता है। इसमें पाई जाने वाली पॉलीफेनोल्स की मात्रा शरीर को हृदय रोगों से बचाने में मदद करती है।
4. बेसन
बेसन में डाइट्री फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जो डाइजेशन संबधी समस्यओं को सुलझाने में मदद करता है। इसके अलावा ये पूरी तरह से ग्लूटन फ्री है, वे लोग जो ग्लूटन इंटॉलरेंस का शिकार होते हैं। उन्हें इसका सेवन अवश्य करना चाहिए। बेसन में विटामिन और मिनरल की भी उच्च मात्रा पाई जाती है। स्वास्थ्य के अलावा बेसन स्किन को भी कई प्रकार के फायदे पहुंचाता है। इससे स्किन ब्राइटनिंग में मदद मिलती है और स्किन ग्लोई रहती है।
अपनी चीला रेसिपी को और भी हेल्दी बनाना है, तो इन चीजों को करें शामिल
हरी मूंग दाल 1/4 कप
उड़द दाल 1/4 कप
चना दाल 1/4 कप
बेसन 1/2 कप
पनीर 1/2 कटोरी
धनिया पत्ती 2 चम्मच
शिमला मिर्च 1
गाजर 1
कटा हुआ टमाटर 1
कटा हुआ प्याज 1
हरी मिर्च 1 से 2
जीरा 1/2 चम्मच
अजवाइन 1/2 चम्मच
अदरक 1 इंच
ऑयल 1 चम्मच
लाल मिर्च 1 चुटकी
काली मिर्च 1 चुटकी
नमक स्वादानुसार
पौष्टिक चीला बनाने के लिए इन स्टेप्स को करें फॉलो
इसे बनाने के लिए हरी मूंग दाल, उड़द दाल और चने की दाल को ओवरनाइट सोक करें और पानी को छानकर उसका मिश्रण तैयार कर लें।
तीनों दालों को ब्लैण्ड कर दें और उसमें बेसन को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।
दूसरी ओर पैन में हल्का तेल गर्म करके उसमें अदरक, प्याज और सभी सब्जियों को मिडियम फ्लेम पर 1 से 2 मिनट फ्राई कर लें।
अब तैयार मिश्रण में सेमिकुक सब्जियों को एड कर दें और कुछ देर के लिए हिलाएं। इसमें स्वादानुसार मसाले मिलाएं।
बैटर तैयार होने के बाद उसमें कटी हुई धनिया पत्ती को डालकर इसे मिलएं और 10 मिनट के लिए सेट होने के लिए रख दें।
चीले में स्टफिंग करने के लिए पनीर को क्रश कर लें और उसमें पुदीने की चटनी, काली मिर्च, नमक बॉइल किए हुए कॉर्न और हरी मटर को मिलाएं।
पहले तवे को मीडियम आंच पर रखें और वेजीटेबल ऑयल से ग्रीस कर लें। अब कटोरी या कलछी की मदद से बैटर को तवे पर फैलाएं।
हल्का सुनहरा होने के बाद चीले को पलटें और फिर उसमें पहले से तैयार की गई पनीर की स्टफिंग को एड कर दें।
तैयार पौष्टिक चीले को इमली या पुदीने की चटीन के साथ सर्व कर सकते है। इसके अलावा नारियल की चटनी भी इसके ज़ायके को बढ़ा देती है।
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