डायबिटीज के मरीजों के लिए जरूरी है वेट मैनेजमेंट, यहां है आपके लिए सही डाइट प्लान
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी जो सीधा आपके खान-पान से ताल्लुक रखती है। मरीजों को अपने रक्त शर्करा के हिसाब से प्रॉपर डाइट लेने की सलाह दी जाती है।डायबिटीज के रोगियों को अक्सर डॉक्टर संतुलित आहार की सलाह देते हैं। इन्हे ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी जाती हैं जिसमें कई जरूरी पोषक तत्व शामिल हों। कई बार टाइप 2 डायबिटीज में वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
लेकिन डायबिटीज के रोगी साधारण वेट लॉस डाइट का पालन नहीं कर सकते हैं। यह उनकी स्वास्थ्य स्थिति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में उनके लिए सम्पूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर और वेट लॉस को ध्यान में रखते हुए, हम लाएं हैं एक हेल्दी डाइट चार्ट। लेकिन उससे पहले कुछ अहम बिंदुओं पर चर्चा करना जरूरी है।
टाइप 2 डायबिटीज में क्यों बढ़ने लगता है वजन?
टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों को इंसुलिन ट्रीटमेंट दिया जाता है जिसकी वजह से वजन बढ़ने जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। कई मामलों में बढ़ता वजन टाइप 2 डायबिटीज का एक बड़ा संकेत होता है। दरअसल इंसुलिन आपके शरीर में ऊर्जा पैदा करने के लिए ग्लूकोस को ऐब्सॉर्ब करने में मदद करता है। इसके दौरान आपके खाने में मौजूद शुगर भी शरीर में प्रवेश करता है और यह फैट में बदल जाता है।
डायबिटीज के रोगियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु है उनका डाइट। इसलिए जब बात वेट मैनेजमेंट की आती है, तो आपको अपने खाने की आदतों को लेकर सतर्क रहना चाहिए और एक स्वस्थ वेट लॉस डाइट का पालन करना चाहिए।
लो एनर्जी डाइट डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद
यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज़, डायबेटोलोजिया की एक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, डायबिटीज के मामले में कम ऊर्जा वाले खाद्य पदार्थ वेट लॉस में मदद करते हैं। प्रकाशित शोध में इस बात को गंभीरता से समझाया गया कि सभी के लिए परिणाम हमेशा एक जैसा नहीं होता है। लेकिन आम तौर पर लो एनर्जी डाइट मधुमेह रोगियों के लिए अधिक फायदेमंद हैं।
अध्ययन कर रहे शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि वजन कम करने वाले टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए 12 हफ्ते तक कम ऊर्जा वाले आहार (वेरी लो एनर्जी डाइट VLEDs ) का सेवन करना और कम फैट वाले हाई कार्बोहाइड्रेट वाले आहार का सेवन करना लाभदायक है।
क्या होती है कम ऊर्जा वाली डाइट (VLEDs) ?
वेरी लो एनर्जी डाइट (VLEDs ) में वह सभी खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं, जो दिन भर में 800 किलो कैलोरी से कम देते हैं। यानी यह आहार केवल दैनिक जरूरत को पूरा करने जितनी कैलोरी प्रदान करते हैं।
आमतौर पर इस डाइट का सेवन 8 से 16 हफ्तों तक किया जाता है। इससे हर हफ्ते करीब डेढ़ से ढाई किलो तक वजन कम किया जा सकता है। टाइप 2 डायबिटीज के लिहाज से देखें तो यह वजन कम करने के साथ-साथ लंबे समय तक ग्लूकोस चयापचय मैं सुधार कर सकता है।
जानिए मधुमेह रोगियों के लिए वेट लॉस डाइट प्लान
इस डाइट प्लान में पानी के साथ तीन बार भोजन की योजना होती है।
इस डाइट प्लान में बिना स्टार्च वाली रंगीन सब्जियां और कुछ अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन होते हैं।
कम से कम 2 लीटर पानी इस डाइट प्लान का हिस्सा है।
अपने अनुकूल डाइट प्लान बनाने के लिए आप डाइटिशियन से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि इस बात का जरूर ध्यान रखें कि इस डाइट प्लान के कई साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। कई लोगों को कब्ज की समस्या हो जाती है जिसके लिए हल्के एक्सरसाइज करना अनिवार्य होता है। बिना किसी डाइटिशियन की सलाह के कोई भी डाइट प्लान फॉलो करने से बचें।
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