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अगर आप शाकाहारी हैं, तो हम आपको बता रहे हैं प्रोटीन के 5 वेजि‍टेरियन सोर्स

जब भी प्रोटीन की बात आती है, तो अंडा सबसे आगे बाजी मार ले जाता है। पर अगर आप शाकाहारी हैं और अंडे के बिना प्रोटीन पाना चाहते हैं, तो हम यहां बता रहे हैं आपको प्रोटीन समृद्ध 5 शाकाहारी आहार।
Updated On: 10 Dec 2020, 12:55 pm IST
एक सिमित मात्रा में ही लें प्रोटीन। चित्र: शटरस्टॉक

“ओ हो… आप एग भी नहीं खाते! तब प्रोटीन की जरूरत कैसे पूरी होगी?” क्याय आप भी यह सुन-सुन कर पक गईं हैं? और सोच रहीं हैं कि क्या वाकई आपके शरीर को प्रोटीन डेफि‍शिएंसी का शिकार होना पड़ेगा! तो बिल्कुल भी परेशान न हों। यह सही है कि कुछ पशु आधारित उत्पादों में प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है। पर इसका यह मतलब नहीं है कि प्लांट बेस्ड फूड में प्रोटीन होता ही नहीं है।

सबसे पहले यह जान लें कि क्यों जरूरी है प्रोटीन

अगर आपको यह नहीं पता है कि प्रोटीन की हमारे शरीर को जरूरत क्यों होती है, तो सबसे पहले आपको इसके बारे में जान लेना चाहिए। असल में हमारे बाल प्रोटीन के बने होते हैं। अगर आपको अपने बाल लंबे और घने रखने हैं, तो आपको प्रोटीन रिच फूड का सेवन करना होगा।

फि‍टनेस एक्सपर्ट मानते हैं कि प्रोटीन आपकी मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ ही आइडियल वेट मेंटेन करने में भी सहायक होता है। अगर आप वेट लॉस करना चाहती हैं, तो भी आपको अपनी डाइट में प्रोटीन युक्त आहार को शामिल करना चाहिए।

तो बिल्कुल भी परेशान न हों, अगर आप शाकाहारी हैं। आज हम आपको उन फूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो प्लांट बेस्ड होते हुए भी हाई प्रोटीन सोर्स हैं। आइए जानते हैं कौन से हैं वे 5 आहार –

टोफू है बेहद लाभकारी

सोया पनीर यानी टोफू हाई प्रोटीन डाइट है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर आप सामान्य पनीर की बजाए टोफू का सेवन करती हैं, तो आपके शरीर को अच्छी खासी मात्रा में प्रोटीन मिलता है। यही नहीं सोया पनीर में मौजूद फाइबर, विटामिन और अन्य पोषक तत्व भी इसे आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बनाते हैं।

नियमित रूप से टोफू का सेवन करने से वजन भी कम होता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

हाल ही में हुए एक शोध में यह सामने आया है कि नियमित तौर पर सोया पनीर का सेवन करने से न सिर्फ मोटापा कम होता है, बल्कि हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम भी कम होता है।

प्रोटीन का सोर्स है बादाम

अगर आपको बादाम खाना पसंद है तो यहां एक और कारण है बादाम के सेवन का। असल में बादाम फाइबर के साथ-साथ आपके शरीर की प्रोटीन की जरूरत को भी पूरा करते हैं। सबसे अच्छी बात कि आप बादाम को स्नैक्स में भी खा सकते हैं और हलवा या खीर में भी इसे शामिल किया जा सकता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार 26 ग्राम बादाम में 6 ग्राम प्रोटीन होता है। और अगर आपकी मेमोरी वीक होती जा रही है, तो आज ही से बादाम को भिगोकर खाना शुरू कर दें।

दालों से बेहतर कुछ नहीं

बरसात के मौसम में ज्याुदातर लोग वीक डाइजेशन के कारण मांस का सेवन बंद कर देते हैं। ऐसे में प्रोटीन की आवश्यंकता को पूरा करने के लिए दालों से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। दालें प्रोटीन का भंडार हैं और इनमें फैट की मात्रा बहुत कम होती है।

दालों में इतना प्रोटीन है जो आपकी प्रोटीन की दैनिक आवश्‍यकता को पूरा कर सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

सेलिब्रिटी डायटीशियन रुजुता दिवेकर मानती हैं कि यह न सिर्फ पचने में आसान हैं, बल्कि आपके पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती हैं। इसलिए अपने हर रोज के आहार में एक कटोरी दाल जरूर शामिल करें।

आयरन के साथ प्रोटीन भी देता है पालक

पालक भी प्रोटीन का एक बेहतर विकल्प है। जब भी आयरन की बात होती है तो पालक को उसमें जरूर शामिल किया जाता है। पर बहुत कम लोग जानते हैं कि पालक में प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में उपलब्ध होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पालक न सिर्फ आपकी आयरन और प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है, बल्कि यह कैंसर और मोटापा जैसी समस्याओं से भी बचाता है।

प्रोटीन वेटलॉस में भी सहायक है। चित्र: शटरस्‍टाॅॅक

कुट्टू का आटा

जी हां, आपने ठीक पढ़ा। कुट्टू का आटा सिर्फ व्रत में ही खाया जाने वाला आहार नहीं है, बल्कि यह आपको प्रोटीन भी उपलब्ध करवाता है। जर्नल ऑफ़ न्यूट्रीशन में वर्ष 2013 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार आधा कप कुट्टू के आटे में 2 ग्राम तक प्रोटीन और मैग्नीयशियम पाया जाता है। तो अगर आप उपवास नहीं भी करती हैं, तब भी सप्तानह में एक बार कुट्टू के आटे से बने आहार का सेवन जरूर करें। यह डायबिटीज के रोगियों के लिए भी लाभदायक होता है।

 

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लेखक के बारे में
योगिता यादव

योगिता यादव एक अनुभवी पत्रकार, संपादक और लेखिका हैं, जो पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी मीडिया जगत में सक्रिय हैं। फिलहाल वे हेल्थ शॉट्स हिंदी की कंटेंट हेड हैं, जहां वे महिलाओं के स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी सामग्री का संयोजन और निर्माण करती हैं। योगिता ने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, जी मीडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वे 'हेल्दी ज़िंदगी' नाम का उनका हेल्थ पॉडकास्ट खासा लोकप्रिय है, जिसमें वे विशेषज्ञ डॉक्टरों और वेलनेस एक्सपर्ट्स से संवाद करती हैं।

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