शाम की चाय का स्वाद बढ़ा देगी उड़द दाल की कचौड़ी, नोट कीजिए ये ट्रेडिशनल रेसिपी
सर्दियों के मौसम में रजाई में बैठे बैठे अलग-अलग स्वादिष्ट व्यंजन मिल जाएं तो क्या बात है। सर्दियों के मौसम में हमें कई तरह के स्वाद याद आते हैं। खाते वक्त हम अपनी सेहत की और बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते। लेकिन ऐसी बहुत सी टेस्टी रेसिपी हैं, जो आपको टेस्ट के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदे देती हैं। पर याद रखें कि हर चीज का सेवन नियंत्रित मात्रा में ही करना चाहिए। आज मैं आपको अपनी मम्मी की स्पेशल उड़द दाल की कचोरी की रेसिपी शेयर कर रहा हूं।
चलिए पहले उड़द दाल के बारे में कुछ अच्छी बात है जानते हैं
उड़द की दाल भारतीय व्यंजनों में काफी प्रसिद्ध है। यह एक स्वस्थ-सात्विक भोजन का अहम अंग है। इसको आयुर्वेद में “माश” के नाम से जाना जाता है। यह प्रोटीन, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन,थायमिन,नियासिन और राइबोफ्लेविन का बेहतरीन स्रोत है। उड़द की दाल आहार फाइबर, आइसोफ्लेवोन्स और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का भी एक उत्कृष्ट स्रोत है। ब्यूटी से लेकर गट हेल्थ तक उड़द की दाल कई प्रकार से लाभ पहुंचाती है।
यहां हैं उड़द की दाल से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ
- डाइजेशन में है मददगार
- दिल की सेहत के लिए फायदेमंद
- शरीर को ताकत पहुंचाती है उड़द की दाल
- हड्डियों को करती है मजबूत
- बालों और त्वचा के लिए भी हैं इसके कई लाभ
तो चलिए सीखते हैं उड़द दाल की कचौड़ी बनाना
इसके लिए आपको इन सामग्रियों की होगी जरूरत
- उड़द की दाल एक कटोरी
- गेहूं का आटा
- धनिया पाउडर स्वादानुसार
- पिसी हुई हींग
- जीरा पाउडर
- अदरक लहसुन का पेस्ट
- बारीक कटी हुई हरी मिर्च स्वादानुसार
- लाल मिर्च जरूरत अनुसार
- नमक स्वादानुसार और आपकी पसंद का कोई भी तेल
अब नोट कीजिए उड़द दाल की कचौड़ी बनाने की विधि
- उड़द की दाल को अच्छी तरह पानी से धो लें और करीब 7-8 घंटे के लिए उसे पानी में भिगो दें। आप चाहे तो रात में ही इसकी तैयारी करके रख सकती हैं।
- अब आटा छान लें और उसमें मोयन डालकर अच्छी तरह मसल लें। अब आटे में पानी डालकर नरम-नरम गूंद लें। इसके बाद आटे को ढककर रख दें और अन्य तैयारियों की ओर बढ़ें।
- आप की दाल भीग गई हो, तो उसे पानी से बाहर निकालें और अच्छी तरह साफ कर लें। मीडियम आंच पर एक कढ़ाही में तेल गर्म करें और उसमें मिर्च, अदरक, लहसुन का पेस्ट डालकर करीब 20 सेकेंड तक चलाते रहें। 20 सेकंड बाद अब इसमें दाल और हींग भी शामिल करें।
- एक बार आपका यह पेस्ट अच्छी तरह से पक जाए तो उसमें अन्य मसाले जैसे जीरा, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, और नमक डालकर 5 से 6 मिनट तक गैस की तेज आंच पर पकाएं। आप चाहें तो कश्मीरी लाल मिर्च का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे रंग अच्छा आता है।
- कचौड़ी में भरने के लिए आपका मिश्रण तैयार है। अब कचौड़ी बनाने का काम शुरु करते हैं। 6. छोटी-छोटी आटे की लोई बनाकर पूरियां बेल लें। चम्मच से उनके बीच में मिश्रण भरें और उन्हें बंद करके कचौड़ी तैयार करें।
- सारी कचौड़ियां तैयार करके रख लें और कड़ाही में मीडियम आज पर तेल गर्म करें। तेल गर्म होते ही एक-एक करके सारी कचौड़ियों को दोनों तरफ से सेक लें। जब कचौड़ियों का रंग सुनहरा हो जाए, तो समझ लीजिए वे तैयार हैं।
है न आसान रेसिपी ? आप इसे दही, आलू की सब्जी, गुड़-इमली की चटनी के साथ भी परोस सकती हैं।
यह भी ध्यान रखें
हालांकि उड़द की दाल का सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए। इससे आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर से अगर आपको गैस या पाचन संबंधी दिक्कते हैं। यह खून में यूरिक एसिड की मात्रा भी बढ़ा सकती है। जिसकी वजह से किडनी में स्टोन हो जाता है। पथरी की समस्या काफी कष्टदायक होती है।
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